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Mirzapur News: बहन को बचाने की कोशिश की पर छूट गया हाथ
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घटना की प्रत्यक्षदर्शी मृतक अंजू की बहन ममता, स्रोत संवाद
चुनार (मिर्जापुर)। रेलवे लाइन पार करते समय हुई घटना की प्रत्यक्षदर्शी मृतक अंजू की छोटी बहन ममता ने बताया कि ट्रेन चुनार स्टेशन पर आकर खड़ी हुई।
बोगी से तीन नंबर ट्रैक की ओर लगभग 100 महिला, पुरुष और बच्चे उतरे। तभी लोगों को पीछे से अचानक किसी ट्रेन के तेज रफ्तार से आने की आहट हुई।
इसके बाद लोग खड़ी ट्रेन में न चढ़कर इधर उधर भागने लगे। इससे लाइन से गुजर रही ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए। बताया कि बहन अंजू को बचाने के लिए वह उसका हाथ पकड़कर रेलवे ट्रैक से खींच रही थी, लेकिन हाथ छूट गया और उसकी जान चली गई।
हादसे ने तैयारी की खामियां उजागर कीं
चुनार। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए बुधवार को चुनार रेलवे स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हुए हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों की खामियों को उजागर कर दिया।
हजारों की संख्या में पहुंचे यात्रियों के लिए स्टेशन पर सीमित पुलिस बल था। जीआरपी चौकी प्रभारी रमाशंकर यादव के साथ आठ हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल ड्यूटी पर थे।
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इसके अलावा एक उपनिरीक्षक और छह आरक्षियों की अतिरिक्त मांग भी की गई थी। स्थानीय आरपीएफ टीम मौजूद रही, लेकिन भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी थे।
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बोगी से तीन नंबर ट्रैक की ओर लगभग 100 महिला, पुरुष और बच्चे उतरे। तभी लोगों को पीछे से अचानक किसी ट्रेन के तेज रफ्तार से आने की आहट हुई।
इसके बाद लोग खड़ी ट्रेन में न चढ़कर इधर उधर भागने लगे। इससे लाइन से गुजर रही ट्रेन की चपेट में कई लोग आ गए। बताया कि बहन अंजू को बचाने के लिए वह उसका हाथ पकड़कर रेलवे ट्रैक से खींच रही थी, लेकिन हाथ छूट गया और उसकी जान चली गई।
हादसे ने तैयारी की खामियां उजागर कीं
चुनार। कार्तिक पूर्णिमा पर स्नान के लिए बुधवार को चुनार रेलवे स्टेशन पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच हुए हादसे ने प्रशासनिक तैयारियों की खामियों को उजागर कर दिया।
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हजारों की संख्या में पहुंचे यात्रियों के लिए स्टेशन पर सीमित पुलिस बल था। जीआरपी चौकी प्रभारी रमाशंकर यादव के साथ आठ हेड कांस्टेबल और कांस्टेबल ड्यूटी पर थे।
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इसके अलावा एक उपनिरीक्षक और छह आरक्षियों की अतिरिक्त मांग भी की गई थी। स्थानीय आरपीएफ टीम मौजूद रही, लेकिन भीड़ के आगे इंतजाम नाकाफी थे।