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पर्यटन स्थनों उमड़ी रही भीड़, सुरक्षा नाकाफी
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मिर्जापुर। मौसम सुहावना होने के बाद रविवार को पर्यटन स्थलों पर लोगों की भारी भीड़ उमड़ी। तमाम निर्देशों के बाद भी लोगों कोविड का कहीं डर नहीं दिखा। पिछले एक माह से पर्यटन स्थलों पर रविवार के दिन उमड़ने वाली भीड़ में लोगों की डूबने से मौत हो रही हैं। इसके बावजूद हादसों के रोकथाम के लिए पुलिस या वन विभाग की ओर से कोई तैयारी नहीं की गई है।
पिछले एक माह से शनिवार और रविवार को उमड़ने वाली भीड़ के चलते पर्यटन स्थलों पर डूबने से कई लोगों को जान गवांनी पड़ी। इसके बाद भी जिला प्रशासन पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क नहीं दिख रहा है। वहां न तो सैलानियों के स्नान करने पर रोक लगी, न ही सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किए गए। रविवार को विंढमफाल, खरंजा फाल, लोवर खजुरी, लखनियां दरी, चुना दरी, सिद्धनाथ दरी, बोकरिया फाल, टांडा फाल आदि पर्यटन स्थनों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ी रही। इन पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं दिखाई दिया।
लखनियां दरी व पास ही स्थित चूना दरी में पिछले एक माह में डूबने से पांच मौत हो चुकी है। बावजूद इसके न प्रशासन चेत रहा है और न ही लोग। शनिवार व रविवार को बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ ही वन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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चूना व लखनिया दरी में डूबने से मौत--
- 27 जून-जौनपुर के ओलनगंज निवासी सिद्धार्थ बिंद की डूबने से मौत।
- 28 जून- वाराणसी के रामनगर निवासी इरफान की डूबने से मौत।
- 06 जुलाई- अनवर कुरैशी, आदमपुर वाराणसी की डूबने से मौत।
- 11 जुलाई- वाराणसी तेलियाबाग के अभिषेक विश्वकर्मा की डूबने से मौत
- 11 जुलाई- वाराणसी के रामकटोरा के निखिल यादव की डूबने से मौत।
पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स को लगाया जाता है। सैलानी के डूबने की घटना को देखते हुए वहां पर तैनात पुलिसकर्मी उनको गहरे जल में जाने से रोकते है।
अजय कुमार सिंह, एसपी
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पिछले एक माह से शनिवार और रविवार को उमड़ने वाली भीड़ के चलते पर्यटन स्थलों पर डूबने से कई लोगों को जान गवांनी पड़ी। इसके बाद भी जिला प्रशासन पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर सतर्क नहीं दिख रहा है। वहां न तो सैलानियों के स्नान करने पर रोक लगी, न ही सुरक्षा के लिए कोई इंतजाम किए गए। रविवार को विंढमफाल, खरंजा फाल, लोवर खजुरी, लखनियां दरी, चुना दरी, सिद्धनाथ दरी, बोकरिया फाल, टांडा फाल आदि पर्यटन स्थनों पर सैलानियों की भीड़ उमड़ी रही। इन पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा का कोई इंतजाम नहीं दिखाई दिया।
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लखनियां दरी व पास ही स्थित चूना दरी में पिछले एक माह में डूबने से पांच मौत हो चुकी है। बावजूद इसके न प्रशासन चेत रहा है और न ही लोग। शनिवार व रविवार को बड़ी संख्या में लोग पिकनिक मनाने पहुंच रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के साथ ही वन विभाग इस ओर कोई ध्यान नहीं दे रहा है।
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चूना व लखनिया दरी में डूबने से मौत--
- 27 जून-जौनपुर के ओलनगंज निवासी सिद्धार्थ बिंद की डूबने से मौत।
- 28 जून- वाराणसी के रामनगर निवासी इरफान की डूबने से मौत।
- 06 जुलाई- अनवर कुरैशी, आदमपुर वाराणसी की डूबने से मौत।
- 11 जुलाई- वाराणसी तेलियाबाग के अभिषेक विश्वकर्मा की डूबने से मौत
- 11 जुलाई- वाराणसी के रामकटोरा के निखिल यादव की डूबने से मौत।
पर्यटन स्थलों पर आने वाले सैलानियों की सुरक्षा के लिए पुलिस फोर्स को लगाया जाता है। सैलानी के डूबने की घटना को देखते हुए वहां पर तैनात पुलिसकर्मी उनको गहरे जल में जाने से रोकते है।
अजय कुमार सिंह, एसपी