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भ्ाक्तों के लिए नहीं है कोई इंतजाम
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Sat, 02 Apr 2016 12:40 AM IST
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नवरात्र मेले की तैयारियों का जायजा लेते मंडलायुक्त रंजन कुमार और डीआईजी रतन कुमार।
- फोटो : mirzapur
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नवरात्र मेला शुरू होने में महज छह दिन शेष रह गए हैं, लेकिन तैयारियां कच्छप गति से चल रही है। विंध्यधाम में देश-विदेश से लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, लेकिन न तो पेयजल की व्यवस्था है, न सड़कों व गलियों को दुरुस्त कराया गया है और न ही गंगा घाटों पर स्नानार्थियों के लिए कोई इंतजाम हो पाया है।
डीएम ने बैठक कर मेले की तैयारी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित तो कर दिया, लेकिन अभी भी अधिकारी बेपरवाह बने हैं। खराब हो चुकी सड़कों पर जगह-जगह तारकोल की चिप्पी चिपका कर काम चलाया जा रहा है।
नवरात्र मेले की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी ने तीन बार बैठकें कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय से मेले की तैयारी कराने की सख्त हिदायत दी , लेकिन अधिकारी अभी भी लापरवाह बने हुए हैं। इतने कम दिनों में मेले की संपूर्ण तैयारियां कैसे पूर्ण हो पाएंगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। शास्त्री सेतु से विंध्याचल और बंगाली तिराहे से रेहड़ा चुंगी तक की सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं, जिससे दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुआें को हिचकोले खाना पड़ेगा।
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सड़कों पर जहां गड्ढे हैं वहां तारकोल की चिप्पी चिपका कर काम चलाया जा रहा है। इसके अलावा धाम क्षेत्र की कई सड़कें व गलियां क्षतिग्रस्त हैं, जिस पर मरम्मत कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। विंध्याचल के गंगा घाटों सहित प्रमुख गलियों, सड़काें एवं चौराहों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसको लेकर पालिका प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। नालियों के जाम होने से गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है और भक्तों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा घाटों पर चारों तरफ गंदगी का आलम है, वहीं न तो महिलाओं के वस्त्र बदलने की कोई व्यवस्था है और न ही प्रकाश और पेयजल की, जिससे भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। विंध्याचल सहित पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी और मां काली मंदिर मार्ग ध्वस्त हो चुका है तथा प्रकाश की व्यवस्था भी नाकाफी है।
न्यू वीआई और पुरानी वीआईपी मार्ग पर लगे प्लास्टिक के टीन शेड भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं, जिसको दुरुस्त कराने की प्रति कोई पहल नहीं की जा रही है। विंध्यधाम क्षेत्र में विद्युत पोलों पर लटकते-झूलते तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं, बावजूद इसके विद्युत विभाग के अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। बहरहाल अब देखना यह है कि सात दिनों में संपूर्ण मेला क्षेत्र में तैयारियां कैसे पूर्ण हो पाएंगी।
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डीएम ने बैठक कर मेले की तैयारी के लिए संबंधित विभागों के अधिकारियों को निर्देशित तो कर दिया, लेकिन अभी भी अधिकारी बेपरवाह बने हैं। खराब हो चुकी सड़कों पर जगह-जगह तारकोल की चिप्पी चिपका कर काम चलाया जा रहा है।
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नवरात्र मेले की तैयारी को लेकर जिलाधिकारी ने तीन बार बैठकें कर संबंधित विभागों के अधिकारियों को समय से मेले की तैयारी कराने की सख्त हिदायत दी , लेकिन अधिकारी अभी भी लापरवाह बने हुए हैं। इतने कम दिनों में मेले की संपूर्ण तैयारियां कैसे पूर्ण हो पाएंगी, यह तो आने वाला समय ही बताएगा। शास्त्री सेतु से विंध्याचल और बंगाली तिराहे से रेहड़ा चुंगी तक की सड़कें ध्वस्त हो चुकी हैं, जिससे दूरदराज से आने वाले श्रद्धालुआें को हिचकोले खाना पड़ेगा।
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सड़कों पर जहां गड्ढे हैं वहां तारकोल की चिप्पी चिपका कर काम चलाया जा रहा है। इसके अलावा धाम क्षेत्र की कई सड़कें व गलियां क्षतिग्रस्त हैं, जिस पर मरम्मत कार्य अभी तक शुरू नहीं हो पाया है। विंध्याचल के गंगा घाटों सहित प्रमुख गलियों, सड़काें एवं चौराहों पर गंदगी का अंबार लगा हुआ है, जिसको लेकर पालिका प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। नालियों के जाम होने से गंदा पानी सड़क पर फैला रहता है और भक्तों को आवागमन में असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गंगा घाटों पर चारों तरफ गंदगी का आलम है, वहीं न तो महिलाओं के वस्त्र बदलने की कोई व्यवस्था है और न ही प्रकाश और पेयजल की, जिससे भक्तों को परेशानी झेलनी पड़ेगी। विंध्याचल सहित पहाड़ पर विराजमान मां अष्टभुजा देवी और मां काली मंदिर मार्ग ध्वस्त हो चुका है तथा प्रकाश की व्यवस्था भी नाकाफी है।
न्यू वीआई और पुरानी वीआईपी मार्ग पर लगे प्लास्टिक के टीन शेड भी पूरी तरह से ध्वस्त हो चुके हैं, जिसको दुरुस्त कराने की प्रति कोई पहल नहीं की जा रही है। विंध्यधाम क्षेत्र में विद्युत पोलों पर लटकते-झूलते तार दुर्घटना को दावत दे रहे हैं, बावजूद इसके विद्युत विभाग के अधिकारी नहीं चेत रहे हैं। बहरहाल अब देखना यह है कि सात दिनों में संपूर्ण मेला क्षेत्र में तैयारियां कैसे पूर्ण हो पाएंगी।