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कूड़े से गांव आजिज
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:06 AM IST
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garbage in delhi
- फोटो : अमर उजाला
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कूड़ा निस्तारण के लिए सरकार द्वारा योजना तो बना दिया लेकिन आज तक उसका क्रियान्वयन नहीं हो सका है। सालिड वेस्ट मैनेजमेंट योजना छह करोड़ 98 लाख रूपया खर्च हो चुका है लेकिन काम पूरा नहीं हुआ। शहर के कूड़े को बिकना गांव में ही फेंका जा रहा है। गांव वाले आजिज हैं और नगर पालिका बेपरवाह।
नगर पालिका के कूड़े के निस्तारण के लिए सीटी ब्लाक के टांड गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना वर्ष 2009 में शुरू हुई। बनाने का जिम्मा सीएनडीएस सोनभद्र को सौंपा गया था। सीएनडीएस ने सामग्री की आपूर्ति के लिए एटूजेड कंपनी और एकार्ड हाइड्रों कंपनी से करार किया।
इन कंपनियों की आपसी खींचतान के चलते कूड़े से खाद बनाने की परियोजना शुरू नहीं हुई जबकि वर्ष 2011 में इसे पूरा हो जाना था। इसके लिए 11 करोड़ की धनराशि जारी की जा चुकी है, जिसमें से लगभग छह करोड़ 98 लाख रुपया खर्च किया जा चुका है। पूर्व बाल पुष्टाहार राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
नगर पालिका के कूड़े के निस्तारण के लिए सीटी ब्लाक के टांड गांव में सालिड वेस्ट मैनेजमेंट परियोजना वर्ष 2009 में शुरू हुई। बनाने का जिम्मा सीएनडीएस सोनभद्र को सौंपा गया था। सीएनडीएस ने सामग्री की आपूर्ति के लिए एटूजेड कंपनी और एकार्ड हाइड्रों कंपनी से करार किया।
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इन कंपनियों की आपसी खींचतान के चलते कूड़े से खाद बनाने की परियोजना शुरू नहीं हुई जबकि वर्ष 2011 में इसे पूरा हो जाना था। इसके लिए 11 करोड़ की धनराशि जारी की जा चुकी है, जिसमें से लगभग छह करोड़ 98 लाख रुपया खर्च किया जा चुका है। पूर्व बाल पुष्टाहार राज्यमंत्री कैलाश चौरसिया भी इस ओर ध्यान नहीं दिया।
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