{"_id":"645ff82656841e3881074266","slug":"the-team-came-from-kashmir-to-learn-the-tricks-of-elections-mirzapur-news-c-20-1-203235-2023-05-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Mirzapur News: कश्मीर से चुनाव के गुर सीखने आई टीम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Mirzapur News: कश्मीर से चुनाव के गुर सीखने आई टीम
विज्ञापन
मिर्जापुर। छानबे विधानसभा उपचुनाव के शोर गुल से अलग कश्मीर से आई एक टीम पिछले सात दिन से विधान सभा क्षेत्र में चुपचाप भ्रमण करते देखी गई। पुलवामा, बांदीपुरा, शोपिया से संबंध रखने वाले टीम के सदस्य चुनाव के दिन भी कई पोलिंग बूथों पर नजर आए। मतगणना के दिन राजकीय पालिटेक्निक काॅलेज के अति संवेदनशील परिसर में भी यह टीम दिखी।
दरअसल, जम्मू कश्मीर की एक प्रशासनिक टीम मिर्जापुर भ्रमण पर सात मई को आई। टीम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव प्रक्रिया को नजदीक से देखना और उसे समझना रहा। शासन-प्रशासन किसी प्रकार घनी आबादी के बीच चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराता है, यही समझने के लिए लोग यहां पहुंचे थे। उन्होंने न केवल मतदान प्रक्रिया को नजदीक से समझने के लिए बूथों का दौरा किया, बल्कि मतगणना स्थल पर वोटों की गिनती और अन्य व्यवस्था को भी देखा। टीम लीडर सीओ अख्तर काजी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक टीम यहां चुनाव प्रक्रिया को सीखने व समझने आई है। यहां से प्राप्त अनुभव से हमें अपने क्षेत्र में चुनाव कराने में मदद मिलेगी। कश्मीर से आए लोगों ने बताया कि मिर्जापुर में रात 11 व 12 बजे भी बिना डरे आराम से घूम सकते हैं, परंतु कश्मीर में नहीं। चुनाव से क्या सीखा, इस सवाल पर आगे बताया कि कई पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं, जहां हेलीकाप्टर से लोगों को भेजना और लाना पड़ता है। आबादी और मैदानी इलाके के मामले में भी हम काफी कम हैं। मिर्जापुर के उपचुनाव से हमें अपने यहां मतदान कराने में काफी मदद मिलेदी। उन्होंने कहा कि यहां पिंक बूथ और सेल्फी प्वाइंट का कांसेप्ट भी बहुत अलग है। ऐसा प्रयोग वहां भी करेंगे।
कश्मीर से आई प्रशासनिक टीम मिर्जापुर में मिले प्यार से अभिभूत नजर आई। सदस्यों ने बताया कि वे जहां भी जा रहे हैं लोगों से उन्हें खासा स्नेह मिल रहा है। यही नहीं, कुछ रेस्टोरेंट में खाने के बाद उन्हें बिल में भारी छूट भी दी गई। यहां तक कि पैसे भी नहीं लिए। कहा कि हम जहां से आए हैं, उन क्षेत्रों को विशेष वजह से ही लोग जानते हैं, परंतु कश्मीर के लोगों के लिए यहां इतना प्यार है, हमें विश्वास नहीं होता। टीम में डीडीओ बड़गांव शकील अहमद, डीडीओ पुलवामा जहूर अहमद, डीडीओ बारामुला अब्दुल रहमान, डीडीओ बांदीपुरा नुरुद्दीन, डीडीओ श्रीनगर शकील हुसैन, शोपिया के जहांगीर अहमद शामिल रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
दरअसल, जम्मू कश्मीर की एक प्रशासनिक टीम मिर्जापुर भ्रमण पर सात मई को आई। टीम का उद्देश्य उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव प्रक्रिया को नजदीक से देखना और उसे समझना रहा। शासन-प्रशासन किसी प्रकार घनी आबादी के बीच चुनाव को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराता है, यही समझने के लिए लोग यहां पहुंचे थे। उन्होंने न केवल मतदान प्रक्रिया को नजदीक से समझने के लिए बूथों का दौरा किया, बल्कि मतगणना स्थल पर वोटों की गिनती और अन्य व्यवस्था को भी देखा। टीम लीडर सीओ अख्तर काजी ने बताया कि चुनाव आयोग की ओर से प्रशासनिक टीम यहां चुनाव प्रक्रिया को सीखने व समझने आई है। यहां से प्राप्त अनुभव से हमें अपने क्षेत्र में चुनाव कराने में मदद मिलेगी। कश्मीर से आए लोगों ने बताया कि मिर्जापुर में रात 11 व 12 बजे भी बिना डरे आराम से घूम सकते हैं, परंतु कश्मीर में नहीं। चुनाव से क्या सीखा, इस सवाल पर आगे बताया कि कई पोलिंग स्टेशन ऐसे हैं, जहां हेलीकाप्टर से लोगों को भेजना और लाना पड़ता है। आबादी और मैदानी इलाके के मामले में भी हम काफी कम हैं। मिर्जापुर के उपचुनाव से हमें अपने यहां मतदान कराने में काफी मदद मिलेदी। उन्होंने कहा कि यहां पिंक बूथ और सेल्फी प्वाइंट का कांसेप्ट भी बहुत अलग है। ऐसा प्रयोग वहां भी करेंगे।
विज्ञापन
कश्मीर से आई प्रशासनिक टीम मिर्जापुर में मिले प्यार से अभिभूत नजर आई। सदस्यों ने बताया कि वे जहां भी जा रहे हैं लोगों से उन्हें खासा स्नेह मिल रहा है। यही नहीं, कुछ रेस्टोरेंट में खाने के बाद उन्हें बिल में भारी छूट भी दी गई। यहां तक कि पैसे भी नहीं लिए। कहा कि हम जहां से आए हैं, उन क्षेत्रों को विशेष वजह से ही लोग जानते हैं, परंतु कश्मीर के लोगों के लिए यहां इतना प्यार है, हमें विश्वास नहीं होता। टीम में डीडीओ बड़गांव शकील अहमद, डीडीओ पुलवामा जहूर अहमद, डीडीओ बारामुला अब्दुल रहमान, डीडीओ बांदीपुरा नुरुद्दीन, डीडीओ श्रीनगर शकील हुसैन, शोपिया के जहांगीर अहमद शामिल रहे।
विज्ञापन