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Mirzapur News: शास्त्री पुल से विंध्याचल तक सड़क होगी फोरलेन
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विंध्याचल मार्ग । स्रोत- संवाद
- 205 करोड़ रुपये की लागत से लगभग पांच किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया
मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को जल्द ही जाम की समस्या से राहत मिलेगी। शास्त्री पुल से विंध्याचल तक जाने वाले प्रमुख मार्ग का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाया जाएगा। 205 करोड़ रुपये की लागत से पांच किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने और बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
विंध्याचल धाम में नवरात्र, अमावस्या, पूर्णिमा, विशेष पर्वों के अलावा मुंडन संस्कार व अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पूर्वांचल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने पर शास्त्री पुल से ही वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इससे दर्शनार्थियों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है।
सात से बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा
शास्त्री पुल से दूधनाथ तिराहा, बरतर तिराहा होते हुए बंगाली तिराहा तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। वर्तमान में इस मार्ग की चौड़ाई सात मीटर है, जिसे बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा। सड़क फोरलेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। सड़क चौड़ीकरण के साथ यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को भी लाभ मिलेगा। विंध्याचल धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी और बजट जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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वर्जन
शास्त्री पुल से दूधनाथ तिराहा, बरतर तिराहा होते हुए बंगाली तिराहा तक मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
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मिर्जापुर। मां विंध्यवासिनी धाम आने वाले लाखों श्रद्धालुओं को जल्द ही जाम की समस्या से राहत मिलेगी। शास्त्री पुल से विंध्याचल तक जाने वाले प्रमुख मार्ग का चौड़ीकरण कर फोरलेन बनाया जाएगा। 205 करोड़ रुपये की लागत से पांच किलोमीटर लंबे मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया है। प्रस्ताव स्वीकृत होने और बजट जारी होने के बाद निर्माण कार्य शुरू होगा।
विंध्याचल धाम में नवरात्र, अमावस्या, पूर्णिमा, विशेष पर्वों के अलावा मुंडन संस्कार व अन्य धार्मिक आयोजनों के दौरान श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ती है। पूर्वांचल सहित देश के विभिन्न हिस्सों से श्रद्धालु मां विंध्यवासिनी के दर्शन के लिए पहुंचते हैं। भीड़ बढ़ने पर शास्त्री पुल से ही वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। श्रद्धालुओं को घंटों जाम में फंसना पड़ता है। इससे दर्शनार्थियों के साथ स्थानीय लोगों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है। लोक निर्माण विभाग ने मार्ग चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार किया है।
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सात से बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा
शास्त्री पुल से दूधनाथ तिराहा, बरतर तिराहा होते हुए बंगाली तिराहा तक सड़क का चौड़ीकरण किया जाएगा। वर्तमान में इस मार्ग की चौड़ाई सात मीटर है, जिसे बढ़ाकर 15 मीटर किया जाएगा। सड़क फोरलेन बनने के बाद वाहनों की आवाजाही सुगम होगी और जाम की समस्या काफी हद तक कम होने की उम्मीद है। सड़क चौड़ीकरण के साथ यातायात व्यवस्था भी बेहतर होगी। इससे श्रद्धालुओं के साथ-साथ स्थानीय व्यापारियों और आम लोगों को भी लाभ मिलेगा। विंध्याचल धाम में हर वर्ष लाखों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ क्षेत्र के विकास में भी महत्वपूर्ण साबित होगी। सड़क चौड़ीकरण का प्रस्ताव शासन को भेज दिया गया है। शासन से मंजूरी और बजट जारी होते ही निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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शास्त्री पुल से दूधनाथ तिराहा, बरतर तिराहा होते हुए बंगाली तिराहा तक मार्ग के चौड़ीकरण का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है।
अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग