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Mirzapur News: 3 घंटे डॉक्टरों के आवास की बिजली काटकर चलाई जाती है सीटी स्कैन मशीन, दूसरा शुरू करने की तैयारी

Wed, 27 Aug 2025 01:05 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 27 Aug 2025 01:05 AM IST
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The CT scan machine is run by cutting off the electricity of the doctors' residence for 3 hours, preparations are being made to start another one
मंडलीय अस्पताल में पीपीपी माडल पर लगने वाले दूसरे सिटी स्कैन का कमरा। स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। मेडिकल कालेज से संबंद्ध मंडलीय अस्पताल में मरीजों को सुविधा प्रदान करने के लिए अब एक नहीं बल्कि दो सीटी स्कैन का लाभ मिलेगा। संकट यह है कि एक सीटी स्कैन मशीन तो आवासीय परिसर की लाइट तीन घंटे के लिए काटकर चलाई जा रही है। ऐसे में सवाल है कि दूसरा सीटी स्कैन मशीन कैसे संचालित होगा। अभी तक आवासीय बिजली के लिए अलग से ट्रांसफॉर्मर नहीं लगाया गया है। आखिर जुगाड़ से कब तक मरीजों को सुविधाएं दी जाएगी।
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मंडलीय अस्पताल में पांच करोड़ की लागत से सीटी स्कैन मशीन एक साल पहले मंगाई गई थी। बीते पांच मई को किसी तरह जांच की सुविधा शुरू की गई थी। चार दिन चलने के बाद सिटी स्कैन मशीन बंद हो गई। सीटी स्कैन मशीन के बंद होने का कारण जानने के लिए दो माह लग गए। पता चला कि मशीन तो ठीक है पर उसे बिजली का लोड नहीं मिल रहा है। इसके बाद सुबह 10 से दोपहर एक बजे तक तीन घंटे के लिए आवासीय परिसर की बिजली की कटौती करके सीटी स्कैन मशीन को चलाया जा रहा है। प्रतिदिन 10 से 15 सीटी स्कैन हो रहा है। अस्पताल में ट्रॉमा सेंटर है। यहां हादसों में घायल मरीज आते हैं। उनके लिए 24 घंटे सीटी स्कैन मशीन का चलना जरूरी है। मरीजों की सुविधा के लिए पीपीपी मॉडल कृष्णा डायग्नोस्टि सेंटर द्वारा अस्पताल में एक और सीटी स्कैन मशीन लग गई है। उसे शुरू करने की तैयारी है।
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14 लाख रुपये बिजली विभाग को किया गया है जमा
अस्पताल में बिजली की समस्या दूर करने के लिए नए ट्रांसफॉर्मर का प्रस्ताव तैयार हुआ था। इसके लिए 14 लाख रुपये जमा कर दिए गए हैं। जल्द ही नया ट्रांसफॉर्मर लगाया जाएगा। इससे आवास और अस्पताल की बिजली व्यवस्था सुधर जाएगी। इसका सीधा फायदा मरीजों को मिलेगा।
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अमृत फार्मेसी में दवाएं आईं पर उद्धाटन नहीं होने से मरीजों को नहीं मिल रही
मिर्जापुर। मरीजों को सस्ते दर पर ब्रांडेड दवाएं देने के लिए मंडलीय अस्पताल में अमृत फार्मेसी स्थापित किया गया है। अस्पताल पुलिस चौकी के पास न सिर्फ अमृत फार्मेसी का कमरा बनकर तैयार हो गया है बल्कि 250 से अधिक दवाइयां आ चुकी हैं। अमृत फार्मेसी संचालक जरूरी दवा मंगा चुके हैं। बाकी दवाएं डॉक्टर के लिखने के बाद उपलब्ध होगी। अब तक अमृत फार्मेसी का उद्धाटन ही नहीं हो सका है। पिछले 15 दिनों से अमृत फार्मेसी खुल गई है। मरीज दवा लेने आ रहे हैं पर उद्धाटन नहीं होनेे से दवाएं नहीं मिल रही हैं। लोग बाहर से दवाएं खरीद रहे हैं।


वर्जन
सिटी स्कैन मशीन को 24 घंटे चलाना है। पीपीपी मॉडल पर चलने वाला दूसरा सीटी स्कैन मशीन भी जल्द शुरू होगा। लोड की समस्या को समाप्त करने के लिए आवासीय परिसर का ट्रांसफॉर्मर अलग लगाने की प्रक्रिया की जा रही है। बिजली विभाग के खाते में 14 लाख रुपये जमा कर दिया गया है। जल्द ही नया ट्रांसफॉर्मर लगने पर आवासीय बिजली और दोनों सीटी स्कैन उससे चलेगा। अमृत फार्मेसी भी बन गई है। दवाएं आ रही है जल्द ही उद्धाटन के बाद दवाएं मिलनी शुरू हो जाएंगी।
डा. एसके श्रीवास्तव, सीएमएस, मंडलीय अस्पताल
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