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Mirzapur News: बिना अनुमति के ही बन गया 13 मंजिला बुर्ज खलीफा
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अदलहाट थाना क्षेत्र के श्रुतिहार में बना 13 मंजिला बुर्ज खलीफा, स्रोत सोशल मीडिया
अदलहाट। श्रुतिहार गांव में बिना अनुमति के 13 मंजिला बने बुर्ज खलीफा से ग्रामीणों में दहशत है। कई बार ग्रामीणों ने इसकी शिकायत जिला प्रशासन से की है। प्रशासन मौन होकर किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है।
गांव में 13 मंजिला बने मकान लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के समय इसकी भनक तहसील प्रशासन तक को नहीं लगी। जब मकान पूरा बन गया तब तहसील प्रशासन की नींद खुली। श्रुतिहार गांव निवासी डॉ. सियाराम पटेल निजी अस्पताल में आंख के डॉक्टर हैं। उन्होंने गांव की बंजर भूमि को पाटकर लगभग एक हजार वर्ग फीट में 13 मंजिला इमारत का निर्माण कराया है। मकान निर्माण में नियमों को ताक पर रख दिया गया है। बिना विभागीय अनुमति और पिलर के गगनचुंबी इमारत बना दी गई है। तूफान, तेज आंधी के समय आई दीवारों में दरारों से मकान गिरने का भय ग्रामीणों में बना है।
कुर्क हो चुका है 13 मंजिला भवन
अदलहाट। डॉ. सियाराम पटेल की दूसरी शादी अर्चना सिंह से 2001 में हुई थी। शादी के कुछ साल बाद पत्नी अर्चना ने भरण पोषण नहीं मिलने पर परिवार न्यायालय में वाद दाखिल किया। 13 अप्रैल 2018 को न्यायालय ने भरण पोषण के लिए 3 लाख 82 हजार 500 रुपए पति को देने के लिए आदेशित किया। भरण पोषण न मिलने पर परिवार न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम चुनार 13 मंजिले इमारत को कुर्क कर चुके हैं। तब से डॉ. सियाराम पटेल सोनभद्र जिले के कर्मा थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में रह रहे हैं। मकान खाली होने से अब झाडि़यां उग आई हैं।
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गांव में 13 मंजिला बने मकान लोगों के बीच कौतूहल का विषय बना है। हैरानी की बात यह है कि निर्माण के समय इसकी भनक तहसील प्रशासन तक को नहीं लगी। जब मकान पूरा बन गया तब तहसील प्रशासन की नींद खुली। श्रुतिहार गांव निवासी डॉ. सियाराम पटेल निजी अस्पताल में आंख के डॉक्टर हैं। उन्होंने गांव की बंजर भूमि को पाटकर लगभग एक हजार वर्ग फीट में 13 मंजिला इमारत का निर्माण कराया है। मकान निर्माण में नियमों को ताक पर रख दिया गया है। बिना विभागीय अनुमति और पिलर के गगनचुंबी इमारत बना दी गई है। तूफान, तेज आंधी के समय आई दीवारों में दरारों से मकान गिरने का भय ग्रामीणों में बना है।
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कुर्क हो चुका है 13 मंजिला भवन
अदलहाट। डॉ. सियाराम पटेल की दूसरी शादी अर्चना सिंह से 2001 में हुई थी। शादी के कुछ साल बाद पत्नी अर्चना ने भरण पोषण नहीं मिलने पर परिवार न्यायालय में वाद दाखिल किया। 13 अप्रैल 2018 को न्यायालय ने भरण पोषण के लिए 3 लाख 82 हजार 500 रुपए पति को देने के लिए आदेशित किया। भरण पोषण न मिलने पर परिवार न्यायालय के आदेश पर तत्कालीन एसडीएम चुनार 13 मंजिले इमारत को कुर्क कर चुके हैं। तब से डॉ. सियाराम पटेल सोनभद्र जिले के कर्मा थाना क्षेत्र के गणेशपुर गांव में रह रहे हैं। मकान खाली होने से अब झाडि़यां उग आई हैं।
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