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शिक्षामित्रों के समर्थन में उतरे शिक्षक व किसान
mirzapur news
Updated Sun, 30 Jul 2017 12:04 AM IST
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कलेक्ट्रेट पर धरना देते शिक्षामित्र
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समायोजन रद्द होने से खफा शिक्षामित्रों का आंदोलन दिन प्रतिदिन तेज होता जा रहा है। शनिवार को भारतीय किसान यूनियन, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ और माध्यमिक शिक्षक संघ भी उनके समर्थन में उतर गया। शिक्षामित्रों ने शनिवार को भी सुप्रीम कोर्ट द्वारा शिक्षामित्रों के बतौर शिक्षक समायोजन रद्द करने के फैसले का कलेक्ट्रेट में धरना प्रदर्शन कर विरोध किया। उन्होंने सरकार से समायोजन को बरकरार रखने के लिए नियम बनाने की मांग की।
आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन का धरना कलेक्ट्रेट पर जारी रहा। धरने के दौरान कई संगठनों के नेता समर्थन देने पहुंचे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री दिनेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि समायोजन रद्द होने से जिले में लगभग 26 सौ समायोजित शिक्षामित्र बेरोजगार हो गए हैं। इस संकट की घड़ी में शिक्षक संघ शिक्षकों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री को समायोजित शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहिए। उनको मान, सम्मान और पद को वापस दिया जाए। माध्यमिक शिक्षक संघ के राजेंद्र तिवारी ने भी धरने में शामिल होकर शिक्षकों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ संघर्ष के दौरान समायोजित शिक्षकों के साथ खड़ा है। उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कोषाध्यक्ष कंचन सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है। कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए सरकार समायोजित शिक्षामित्रों को नियुक्त करने व्यवस्था करें। मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यूनियन शिक्षकों के साथ आंदोलन में खड़ा है। इस दौरान राजेश सिंह, राकेश सिंह, आनंद सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष अजयधर दूबे ने कहा कि निर्णय में शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी की गई है, न्यायालय ने निर्णय में कहा कि सरकार चाहे तो समायोजन के पहले की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है। सरकार संसद में शिक्षा नियमावली में संशोधन करते हुए राहत प्रदान करें। आदि शंकर दूबे ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में तत्काल कदम उठाए जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नहीं हो। धरना प्रदर्शन के दौरान सुनील पटेल, विनोद सरोज, अजय साहनी, डीडी त्रिपाठी, प्रमेंद्र, दिनेश सिंह, डाक्टर भारती, संदीप शर्मा, राजमंगल तिवारी, रामदेव, दिनेश सिंह, विनय सिंह, माला, गीता, अनीता, साधना, श्वेता, राजेश, रामानुज, ब्रहमदेव, संदीप शर्मा, राजेश, अशोक यादव, राज सिंह, अकरम आदि मौजूद रहे।
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आदर्श समायोजित शिक्षक शिक्षामित्र वेलफेयर एसोसिएशन का धरना कलेक्ट्रेट पर जारी रहा। धरने के दौरान कई संगठनों के नेता समर्थन देने पहुंचे। उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के मंत्री दिनेश चंद्र शुक्ल ने कहा कि समायोजन रद्द होने से जिले में लगभग 26 सौ समायोजित शिक्षामित्र बेरोजगार हो गए हैं। इस संकट की घड़ी में शिक्षक संघ शिक्षकों के साथ खड़ा है। मुख्यमंत्री को समायोजित शिक्षकों के साथ न्याय करना चाहिए। उनको मान, सम्मान और पद को वापस दिया जाए। माध्यमिक शिक्षक संघ के राजेंद्र तिवारी ने भी धरने में शामिल होकर शिक्षकों का हौसला बढ़ाया। उन्होंने कहा कि माध्यमिक शिक्षक संघ संघर्ष के दौरान समायोजित शिक्षकों के साथ खड़ा है। उनके साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। भारतीय किसान यूनियन टिकैत गुट के कोषाध्यक्ष कंचन सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट का निर्णय सर्वोपरि है। कोर्ट के निर्णय को ध्यान में रखते हुए सरकार समायोजित शिक्षामित्रों को नियुक्त करने व्यवस्था करें। मंत्री वीरेंद्र सिंह ने कहा कि यूनियन शिक्षकों के साथ आंदोलन में खड़ा है। इस दौरान राजेश सिंह, राकेश सिंह, आनंद सिंह ने भी अपने विचार व्यक्त किया। जिलाध्यक्ष अजयधर दूबे ने कहा कि निर्णय में शिक्षामित्रों के हितों की अनदेखी की गई है, न्यायालय ने निर्णय में कहा कि सरकार चाहे तो समायोजन के पहले की स्थिति में शिक्षामित्रों की सेवा जारी रख सकती है। सरकार संसद में शिक्षा नियमावली में संशोधन करते हुए राहत प्रदान करें। आदि शंकर दूबे ने कहा कि सरकार शिक्षामित्रों के हित में तत्काल कदम उठाए जिससे उनका भविष्य अंधकारमय नहीं हो। धरना प्रदर्शन के दौरान सुनील पटेल, विनोद सरोज, अजय साहनी, डीडी त्रिपाठी, प्रमेंद्र, दिनेश सिंह, डाक्टर भारती, संदीप शर्मा, राजमंगल तिवारी, रामदेव, दिनेश सिंह, विनय सिंह, माला, गीता, अनीता, साधना, श्वेता, राजेश, रामानुज, ब्रहमदेव, संदीप शर्मा, राजेश, अशोक यादव, राज सिंह, अकरम आदि मौजूद रहे।
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