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एसटीएफ भी उठा चुकी है हाथ, सीबीआई ही खोल सकती है राज

Tue, 22 Dec 2020 12:32 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 22 Dec 2020 12:32 AM IST
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STF has also raised hands, only CBI can open secret
मिर्जापुर। लालगंज थाना क्षेत्र के बामी गांव निवासी तीन किशोरों की हत्या के खुलासे में लगी सभी जांच एजेंसियां एक के बाद एक फेल होती जा रही हैं। मामले की जांच में लगाई गई एसटीएफ की टीम भी एक पखवारा बीतने के बाद भी किसी निष्कर्स पर नहीं पहुंची है। लोग काफी समय से सीबीआई जांच की मांग कर रहे है। सूत्रों की माने तो मामले का खुलासा करने में फेल हो चुकी जिले की पुलिस, एसआईटी, स्वाट, क्राइम ब्रांच के बाद अब सभी चाहते हैं कि जांच सीबीआई से कराई जाए।
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बामी निवासी राजेश तिवारी का पुत्र 15 वर्षीय सुधांशु, 15 वर्षीय शिवम पुत्र राकेश तिवारी व 14 वर्षीय हरिओम पुत्र मुन्नालाल तिवारी के साथ एक दिसंबर को कुशियरा जंगल में बेर खाने की बात कहकर घर से निकले थे। लापता तीन किशोरों का शव अगले दिन जंगल के बंधी में मिला।तीन किशोरों की हत्या के बाद सीएम ने मामले को संज्ञान में लेकर त्वरित खुलासा करने के लिए दो बार अल्टीमेटम दिया। तीन बार एडीजी जोन वाराणसी बृजभूषण दौरा कर चुके है। जांच के लिए एसआईटी का गठन किया गया था। साथ ही थाने की पुलिस के साथ और क्राइम ब्रांच, एसओजी की टीम जांच में लगी थी। इनके द्वारा कोई सफलता न मिलने पर एसटीएफ को लगाया गया। एसटीएफ को जांच करते 15 दिन बीत गया है। एसटीएफ ने जंगल से लेकर गांव तक छानबीन किया, पर उनको कोई सुराग हाथ नहीं लगा। एसटीएफ की टीम भी इलेक्ट्रानिक साक्ष्य खंगालने में लगी है। सूत्रों की माने तो इलेक्ट्रानिक साक्ष्य न मिलने पर एसटीएफ ने हाथ खड़ा कर दिया है। जब तक कोई और एजेंसी जांच के लिए नहीं आती जांच में लगी टीमें अब समय व्यतीत कर रही है। गांव में तो लोग काफी समय से सीबीआई जांच की मांग कर रहे है। अंदरखाने की माने तो पुलिस और जांच में लगी अन्य टीमें भी चाहती है कि जांच सीबीआई के पास चला जाए।
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मानवीय साक्ष्य को तलाश रही टीमें
मिर्जापुर। तिहरा हत्याकांड जंगल में हुआ है। पिछले 20 दिनों से सर्विलांस टीम ने हजारों नंबरों की छानबीन किया, पर उनको कोई सुराग हाथ नहीं लगा। एक तरह से घटना में इलेक्ट्रानिक साक्ष्य फेल हो चुका है। जंगल की खाक छानने के बाद टीमें अब मानवीय साक्ष्य की तलाश में जुटी है। पुलिस गांव और आस-पास में ऐसे साक्ष्य की तलाश कर रही है, जिसमें उनको कोई जानकारी मिल सके। जांच टीमों का मानना है कि वो साक्ष्य अब गांव या उसके आस-पास ही मिलेगा। इसलिए पुलिस गांव के हर उस व्यक्ति की गतिविधियों पर नजर रख कर जानकारी इकट्ठा कर रही है जो बच्चों के संपर्क में रहा हो या बच्चों से किसी प्रकार का खतरा हो।
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