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मंडलीय अस्पताल का हाल : एक एक्सरे मशीन पर 300 मरीज, 3 घंटे तक इंतजार

Sat, 04 Jul 2026 01:46 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 04 Jul 2026 01:46 AM IST
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State of the Divisional Hospital: 300 patients for one X-ray machine, a 3-hour wait.
एक्सरे कक्ष के बाहर लगी भीड़। स्रोत- संवाद
मिर्जापुर। मेडिकल कॉलेज से संबद्ध मंडलीय अस्पताल में डिजिटल एक्स-रे मशीन तीन दिनों से बंद है। दो मशीनों में से एक की फिल्म खत्म होने से जांच बंद है। ऐसे में दूसरी मशीन पर सभी मरीजों की एक्स-रे का भार आ गया है।
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हर दिन करीब 300 मरीजों की लंबी कतार लग रही है। जांच के लिए दो से तीन घंटे तक इंतजार करना पड़ रहा है। दर्द से कराहते मरीज और उनके परिजन घंटों लाइन में खड़े रहने को मजबूर हैं।
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मंडलीय अस्पताल में हड्डी रोग, मेडिसिन, टीबी सहित अन्य विभागों के मरीजों को बड़ी संख्या में एक्स-रे जांच लिखी जाती है। मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने दोनों डिजिटल मशीनों से जांच कराने के निर्देश दिए हैं, लेकिन तीन दिन से एक मशीन बंद होने से पूरी व्यवस्था ठप हो गई है।
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इस मशीन पर प्रतिदिन 120 से 150 एक्स-रे किए जाते थे। दूसरी मशीन पर बढ़े दबाव के कारण कर्मचारियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
अस्पताल में रोजाना जिले के अलावा सोनभद्र, भदोही व आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी मरीज पहुंचते हैं। इनमें दुर्घटना में घायल, हड्डी टूटने, सीने के संक्रमण, टीबी और अन्य गंभीर बीमारियों के मरीज शामिल हैं।
डॉक्टर इलाज शुरू करने से पहले एक्स-रे जांच कराने की सलाह देते हैं, लेकिन एक मशीन बंद होने से मरीजों की मुश्किल बढ़ जाती है। कई मरीजों का कहना है कि सुबह पर्चा बनवाने के बाद भी दोपहर तक जांच नहीं हो पा रही है।
जांच में हो रही देरी का असर इलाज पर भी पड़ रहा है। एक्स-रे रिपोर्ट मिलने के बाद ही डॉक्टर आगे की दवा और उपचार तय करते हैं। ऐसे में मरीजों को ओपीडी में दोबारा लाइन लगानी पड़ रही है।

कई मरीज इंतजार से परेशान होकर अस्पताल के बाहर संचालित निजी डायग्नोसिस सेंटरों पर एक्स-रे कराने को मजबूर हैं। जहां उन्हें अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए यह परेशानी और बढ़ गई है।
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