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Mirzapur News: अंदर कर्मचारी मौजूद, फिर भी शटर बंद कर लौटाए जाते रहे फरियादी
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तहसील परिसर में स्थित कंप्यूटर कक्ष पर दोपहर एक बजे बंद ताला, इंतजार करते फरियादी, फोटो संवाद
मिर्जापुर। तहसील सदर में फरियादियों को सरकारी कामकाज के लिए घंटों इंतजार करना पड़ रहा है। मंगलवार को तहसील परिसर स्थित कंप्यूटर कक्ष में दोपहर एक बजे ही ताला लटका मिला।
अंदर कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद फरियादियों को तीन बजे के बाद आने की बात कहकर लौटा दिया गया। जरूरी काम बताने और गुहार लगाने के बाद भी शटर नहीं खुला।
कंप्यूटर कक्ष का शटर बंद था। बाहर से आवाज लगाने पर अंदर से जवाब मिला कि तीन बजे के बाद आइए, तभी काम होगा।
अमरेश बिंद, रामआसरे और बालमुकुंद समेत अन्य फरियादियों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर कक्ष में मनमाने तरीके से ताला बंद कर दिया जाता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि जान-पहचान वालों के काम किए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों को इंतजार करना पड़ता है। तहसील में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने बताया कि दोपहर में 40 मिनट का लंच होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्धारित अवधि से पहले ही कंप्यूटर कक्ष का शटर बंद कर फरियादियों को क्यों लौटाया जा रहा है। अंदर कर्मचारी मौजूद होने और भीड़ नहीं होने के बावजूद कमरा बंद मिला।
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अंदर कर्मचारियों की मौजूदगी के बावजूद फरियादियों को तीन बजे के बाद आने की बात कहकर लौटा दिया गया। जरूरी काम बताने और गुहार लगाने के बाद भी शटर नहीं खुला।
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कंप्यूटर कक्ष का शटर बंद था। बाहर से आवाज लगाने पर अंदर से जवाब मिला कि तीन बजे के बाद आइए, तभी काम होगा।
अमरेश बिंद, रामआसरे और बालमुकुंद समेत अन्य फरियादियों ने आरोप लगाया कि कंप्यूटर कक्ष में मनमाने तरीके से ताला बंद कर दिया जाता है।
लोगों ने आरोप लगाया कि जान-पहचान वालों के काम किए जाते हैं, जबकि अन्य लोगों को इंतजार करना पड़ता है। तहसील में काम करने वाले कुछ कर्मचारियों ने बताया कि दोपहर में 40 मिनट का लंच होता है। ऐसे में सवाल उठता है कि निर्धारित अवधि से पहले ही कंप्यूटर कक्ष का शटर बंद कर फरियादियों को क्यों लौटाया जा रहा है। अंदर कर्मचारी मौजूद होने और भीड़ नहीं होने के बावजूद कमरा बंद मिला।
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