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पुत्र ही निकला मां का हत्यारा, नौकरी के लिए पिता को आया था मारने
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मिर्जापुर। चील्ह थाना क्षेत्र के मुजेहरा गांव में नगरपालिका के कर्मचारी का पुत्र ही हत्याकांड का आरोपी निकला। पिता की जगह मृतक आश्रित कोटे से नौकरी की लालच में पिता की हत्या करने की नीयत से अपने ही परिवार पर हमला किया । लेकिन उसकी मां की मौत हो गई। पिता और बुआ का अस्पताल में इलाज चल रहा है। घायल पिता और बुआ को भी इस बात की जानकारी थी पर उन्होंने भी पुलिस से इस तथ्य को छिपाया। पुलिस ने जब तहकीकात कर परिवारीजन और से पूछताछ की तो हकीकत सामने आई। थानाध्यक्ष चील्ह प्रसून कुमार श्रीवास्तव ने आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। उसके घर से चाकू और कुल्हाड़ी को बरामद की। मामले का खुलासा रविवार को पुलिस अधीक्षक डॉ. धर्मवीर सिंह ने पुलिस लाइन में किया।
14 जुलाई की रात को चील्ह थाना क्षेत्र के मुजेहरा गांव में नगरपालिका के कर्मचारी भगवती प्रसाद श्रीवास्तव के घर पर हुए हमले में उनकी पत्नी सुशीला की मौत हो गई थी। भगवती प्रसाद श्रीवास्तव उनकी बहन उर्मिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। सभी के गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनका उपचार वाराणसी में चल रहा है। घटना में उनके पुत्र संदीप को हल्की चोट लगी थी। मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस को संदीप पर शक हुआ। पुलिस ने तहकीकात शुरू की। उसके ससुराल वालों से पूछताछ की। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि भगवती प्रसाद मार्च 2021 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। घर पर वह पत्नी सुशीला, बहन उर्मिला, बेटे संदीप, बहू प्रियंका व दो छोटे पौत्र पौत्रियों के साथ रहते थे। संदीप की शादी दिसंबर 2013 में ज्ञानपुर जनपद भदोही में हुई थी। संदीप ने एमकाम किया है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। इस समय नौकरी छूट जाने से परेशान चल रहा था। पिता का बहन और बुआ की ओर झुकाव और पैसे देने के संदेह और मृतक आश्रित में नौकरी और फंड के लालच में पिता की हत्या की योजना बना डाली। मंगलवार की रात को ससुराल से आकर रात को चोरी से छत के रास्ते घर में प्रवेश कर पिता पर चाकू से हमला किया। मां उठी तो उस पर भी वार किया। बुआ बचाव के लिए आई तो उसे भी चाकू मारा। खुद को मामूली चोट लगाकर बदमाशों के हमले की बात कही थी। आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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14 जुलाई की रात को चील्ह थाना क्षेत्र के मुजेहरा गांव में नगरपालिका के कर्मचारी भगवती प्रसाद श्रीवास्तव के घर पर हुए हमले में उनकी पत्नी सुशीला की मौत हो गई थी। भगवती प्रसाद श्रीवास्तव उनकी बहन उर्मिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी। सभी के गले पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। उनका उपचार वाराणसी में चल रहा है। घटना में उनके पुत्र संदीप को हल्की चोट लगी थी। मामले की छानबीन करने के बाद पुलिस को संदीप पर शक हुआ। पुलिस ने तहकीकात शुरू की। उसके ससुराल वालों से पूछताछ की। एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने बताया कि भगवती प्रसाद मार्च 2021 में सेवानिवृत्त होने वाले थे। घर पर वह पत्नी सुशीला, बहन उर्मिला, बेटे संदीप, बहू प्रियंका व दो छोटे पौत्र पौत्रियों के साथ रहते थे। संदीप की शादी दिसंबर 2013 में ज्ञानपुर जनपद भदोही में हुई थी। संदीप ने एमकाम किया है। प्राइवेट कंपनी में नौकरी करता है। इस समय नौकरी छूट जाने से परेशान चल रहा था। पिता का बहन और बुआ की ओर झुकाव और पैसे देने के संदेह और मृतक आश्रित में नौकरी और फंड के लालच में पिता की हत्या की योजना बना डाली। मंगलवार की रात को ससुराल से आकर रात को चोरी से छत के रास्ते घर में प्रवेश कर पिता पर चाकू से हमला किया। मां उठी तो उस पर भी वार किया। बुआ बचाव के लिए आई तो उसे भी चाकू मारा। खुद को मामूली चोट लगाकर बदमाशों के हमले की बात कही थी। आरोपी संदीप को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
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