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Mirzapur News: मंडलीय अस्पताल लगे सात वाटर कूलर खराब
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मिर्जापुर। गर्मी का मौसम शुरू हो गया है और मंडलीय अस्पताल प्रशासन खराब पड़े वाटर कूलर की सुध नहीं ले रहा है। मंडलीय अस्पताल में लगे सात वाटर कूलर खराब पड़े हैं। लाटर कूलर से पानी ही नहीं आ रहा है। टोटियां तक गायब हो गई हैं। इसके चलते मरीजों तथा उनके तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
मंडलीय अस्पताल में मरीजों तथा उनके तीमारदारों के लिए शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था के लिए सात वाटर कूलर लगाए गए हैं। अस्पताल में लगा वाटर कूलर लंबे समय से खराब है। ठंड के मौसम में पानी की ज्यादा समस्या नहीं थी, परंतु गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। इससे अस्पताल पहुंचने वालों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक लोग आते हैं। इसके अलावा वार्ड में काफी संख्या में मरीजों से मिलने तथा उनके तीमारदार आते रहते हैं। मंडलीय अस्पताल परिसर में ग्राउंड फ्लोर पर बाहर की ओर ब्लड बैंक के पास वाटर कूलर लगा है। जो खराब है और उसमें टोटी नहीं है। अस्पताल के अंदर दवा काउंटर के पास लगा वाटर कूलर भी खराब है। ऑपरेशन थियेटर जाने वाले रास्ते पर जहां वाटर कूलर लगा था, वहां अब वाटर कूलर है ही नहीं, हालांकि जाली लगी है। इसके अलावा प्राइवेट तथा मेडिकल वार्ड के पास और महिला वार्ड के पास लगा वाटर कूलर भी खराब है। ओपीडी की ओर लगा वाटर कूलर भी खराब है। जितने भी वाटर कूलर लगे हैं, उनमें से प्रत्येक की एक-दो टोटियां गायब हैं। ट्रामा सेंटर की ओर लगा एक वाटर कूलर चालू हालत में है। इसमें सिर्फ सामान्य पानी आ रहा है। दूसरा बड़ा वाटर कूलर भी चालू हालत हैं। इसी पर सभी निर्भर हैं। सबसे अधिक समस्या ऊपरी मंजिल पर भर्ती मरीजों को होती है। उनको पानी के लिए नीचे आना पड़ता है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ.तरुण सिंह का कहना है कि अस्पताल में निचले तल पर लगा बड़ा वाटर कूलर चालू हालत में है। अभी अधिक समस्या नहीं है। खराब वाटर कूलर की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही एक और बड़ा वाटर कूलर लगाने की योजना है। उससे हर वार्ड के पास कनेक्शन दिया जाएगा।
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मंडलीय अस्पताल में मरीजों तथा उनके तीमारदारों के लिए शुद्ध और ठंडे पेयजल की व्यवस्था के लिए सात वाटर कूलर लगाए गए हैं। अस्पताल में लगा वाटर कूलर लंबे समय से खराब है। ठंड के मौसम में पानी की ज्यादा समस्या नहीं थी, परंतु गर्मी का मौसम शुरू हो गया है। इससे अस्पताल पहुंचने वालों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। अस्पताल में प्रतिदिन दो हजार से अधिक लोग आते हैं। इसके अलावा वार्ड में काफी संख्या में मरीजों से मिलने तथा उनके तीमारदार आते रहते हैं। मंडलीय अस्पताल परिसर में ग्राउंड फ्लोर पर बाहर की ओर ब्लड बैंक के पास वाटर कूलर लगा है। जो खराब है और उसमें टोटी नहीं है। अस्पताल के अंदर दवा काउंटर के पास लगा वाटर कूलर भी खराब है। ऑपरेशन थियेटर जाने वाले रास्ते पर जहां वाटर कूलर लगा था, वहां अब वाटर कूलर है ही नहीं, हालांकि जाली लगी है। इसके अलावा प्राइवेट तथा मेडिकल वार्ड के पास और महिला वार्ड के पास लगा वाटर कूलर भी खराब है। ओपीडी की ओर लगा वाटर कूलर भी खराब है। जितने भी वाटर कूलर लगे हैं, उनमें से प्रत्येक की एक-दो टोटियां गायब हैं। ट्रामा सेंटर की ओर लगा एक वाटर कूलर चालू हालत में है। इसमें सिर्फ सामान्य पानी आ रहा है। दूसरा बड़ा वाटर कूलर भी चालू हालत हैं। इसी पर सभी निर्भर हैं। सबसे अधिक समस्या ऊपरी मंजिल पर भर्ती मरीजों को होती है। उनको पानी के लिए नीचे आना पड़ता है। मंडलीय अस्पताल के एसआईसी डॉ.तरुण सिंह का कहना है कि अस्पताल में निचले तल पर लगा बड़ा वाटर कूलर चालू हालत में है। अभी अधिक समस्या नहीं है। खराब वाटर कूलर की मरम्मत कराई जाएगी। साथ ही एक और बड़ा वाटर कूलर लगाने की योजना है। उससे हर वार्ड के पास कनेक्शन दिया जाएगा।
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