जिगना। नीबी गहरवार के बंगला घाट पर स्नान के दौरान गंगा नदी में डूबे भाई-बहन की तलाश रविवार को भी जारी रही। परिजन रविवार को गोताखोरों व नाव से नीबी गहरवार से नदिनी जोपा घाट तक दोनों तरफ गंगा में डूबे बच्चों की तलाश में लगे रहे। उधर, रैपुरी गांव में पीड़ित परिवार और आस-पास के घरों में दूसरे दिन रविवा को भी चूल्हे नहीं जले। शनिवार को शाम तक एसडीआरएफ ने खोजबीन की थी। रविवार को एसडीआरएफ व पुलिस टीम न आने से परिजनों में नाराजगी दिखी।
रैपुरी गांव निवासी विजय शंकर कन्नौजिया अपने पुत्र नीरज (13), पुत्री नंदिनी (14) और दो बहनों के साथ शनिवार को नीबी गहरवार के बंगला घाट स्नान करने गए थे। बच्चे स्नान के दौरान गहरे पानी में जाने से डूब गए। मां लक्ष्मी देवी का कहना है कि यदि उनकी बात मान गए होते तो घटना न होती। परिजनों के अनुसार लक्ष्मी देवी ने शादी बीतने के बाद गंगा में स्नान की बात कह रही थीं, लेकिन बच्चे, पिता व बुआ के साथ स्नान करने चले गए। शनिवार को एसडीआरएफ की टीम ने गंगा में डूबे बच्चों की तलाश की थी, लेकिन पता नहीं चल सका था। रविवार को एसडीआरएफ टीम नहीं आई। परिजन गोताखोरों व नाव के जरिये तलाश में जुटे रहे। थानाध्यक्ष चंद्र प्रकाश पांडेय ने बताया कि एसडीआरएफ को सफलता नहीं मिली। अब एनडीआरएफ को बुलाने के लिए पत्र लिखा गया है। बच्चों की तलाश जारी है।