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प्रपातों से मायूस लौट रहे हैं सैलानी

Sat, 15 Jul 2017 12:33 AM IST
mirzapur
mirzapur Updated Sat, 15 Jul 2017 12:33 AM IST
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Sailors are returning from the slopes
सूनी दरी

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 लखनिया दरी और चूनादरी सहित जिले के अन्य जल-प्रपातों पर सैलानियों के लिये जिला प्रशासन  द्वारा 15 दिनों तक प्रवेश पर प्रतिबंध  से क्षेत्रीय लोगों के साथ ही सैलानियों में भी निराशा है। दूरदराज से आये दर्जनों सैलानी जल-प्रपात स्थल पर प्रवेश ना मिलने से मायूस हो कर लौट जा रहे हैं। सोशल मीडिया के माध्यम से जिला प्रशासन के रोक लगाने का लोगों द्वारा विरोध किया जा रहा है जबकि जिला प्रशासन इसे लोगों की जान बचाने की कवायद बता रहा है।                   

विगत दिनों पर्यटक स्थल खड़ंजा में हादसा हो जाने के कारण जिला प्रशासन की तरफ से 15 दिनों के लिए पर्यटन स्थलों पर पिकनिक मनाने के लिए प्रतिबंध लगा दिया गया है। ऐसी दशा में दूरदराज से आने वाले सैलानियों को निराशा ही हाथ लग रही है। जल-प्रपात पर सैलानियों के भरोसे वर्ष भर जीवीकोपार्जन करने वाले कई दूकानदारों के सामने भुखमरी की समस्या उत्पन्न हो गई है।  जिले लखनिया दरी जल-प्रपात पर सावन महीने मे सबसे ज्यादा सैलानी पिकनिक मनाने के लिए आते हैं। अहरौरा नगर से  करीब आठ किलोमीटर दूर पहाड़ों में बसा लखनिया दरी जल-प्रपात पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत मनोरम पर्यटन स्थल है। यहां का नजारा देखते ही बनता है,पहाड़ों के बीच से गिरता पानी उससे उठती कल-कल की आवाज सैलानियों को अपनी ओर आकर्षित करती है। सावन के महीने में सैलानियों का यह एक अत्यंत पसंदीदा पर्यटन स्थल है। सैलानी यहां बाटी-चोखा दाल जैसे व्यंजनों के लुत्फ के साथ साथ पहाड़ी झरनों का भी लुत्फ उठाते हैं।लखनिया दरी के खूबसूरत पहाड़ों के बीच बारिश के मौसम में प्रकृति के हरे-भरे नजारों को झरनों के शोर को महसूस कर हर कोई रोमांचित हो उठता है। जिला प्रशासन के आदेश बाद से लखनिया दरी जल-प्रपात पर आने वाले सैलानी मायूस दिख रहे है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि जल-प्रपात पर सैर-सपाटा करने से रोक लगाना प्रशासन की कमजोरी को उजागर कर रहा है, जल-प्रपात पर आने वाले सैलानियों से सैकड़ों लोगों की आजीविका का एकमात्र साधन है। जिला प्रशासन के इस नये फ़रमान का सोशल मीडिया पर भी जम कर लोग विरोध कर रहे हैं। सैलानियों का कहना है कि दुर्घटनाएं तो सड़कों पर भी होती हैं इसका मतलब यह नही कि यातायात ही रोक दिया जाय।                  
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