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सभी को मिले अधिकार, न हो भेदभाव
ब्यूरो/ अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Sun, 11 Dec 2016 12:10 AM IST
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भरूहना में शनिवार को मानवाधिकार दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में बोलतीं अजीता यादव ।
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अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार एसोसिएशन की ओर से शनिवार को ब्लॉक सभागार में मानवाधिकार दिवस मनाया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डीआईजी रतन कुमार ने लोगाें को मानवाधिकार के पालन करने का शपथ दिलाया। उन्होंने कहा कि किसी भी आधार पर किसी के साथ भेदभाव नहीं की जानी चाहिए, क्याेंकि कानून सबके लिए बराबर है।
मुख्य अतिथि डीआईजी रतन कुमार ने कहा कि मानवाधिकार के प्रति लोगों में अभी जागरूकता का अभाव है, जिसे दूर किए जाने के लिए कार्यशाला आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत सी घटनाएं ऐसी र्हुइं, जिसके कारण मानवाधिकार को संवैधानिक दर्जा दिया गया। समाज में नारी को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। विशिष्ट अतिथि अपर जिला जज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यदि रास्ते में किसी की दुर्घटना हो जाती है तो कोई इसलिए उनकी सहायता नहीं करता, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि पुलिस उन्हें गवाह बना देगी, लेकिन पुलिस उनको गवाह नहीं बना सकती।
विशिष्ट अतिथि अपर जिला जज देवकांत शुक्ला ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को विश्व समुदाय के अधिकार के लिए कानून बनाया गया, जो मानव की सुरक्षा के लिए है। संविधान में अनुच्छेद के तहत सबको संवैधानिक तौर पर बराबरी का अधिकार मिला हुआ है। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीकांत पांडेय ने किया। इस दौरान सुरेश तोमर, रजनीश भूषण, श्याम नारायण केशरी, आनंद सहाय, मनोज सिंह, छोटे तिवारी, शशिबाला, सुरेंद्र केशरी, अनिल जायसवाल, जवाहर यादव सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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मुख्य अतिथि डीआईजी रतन कुमार ने कहा कि मानवाधिकार के प्रति लोगों में अभी जागरूकता का अभाव है, जिसे दूर किए जाने के लिए कार्यशाला आयोजित किए जाने चाहिए। उन्होंने कहा कि बहुत सी घटनाएं ऐसी र्हुइं, जिसके कारण मानवाधिकार को संवैधानिक दर्जा दिया गया। समाज में नारी को बराबर सम्मान मिलना चाहिए। विशिष्ट अतिथि अपर जिला जज प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि यदि रास्ते में किसी की दुर्घटना हो जाती है तो कोई इसलिए उनकी सहायता नहीं करता, क्योंकि उन्हें डर रहता है कि पुलिस उन्हें गवाह बना देगी, लेकिन पुलिस उनको गवाह नहीं बना सकती।
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विशिष्ट अतिथि अपर जिला जज देवकांत शुक्ला ने कहा कि 10 दिसंबर 1948 को विश्व समुदाय के अधिकार के लिए कानून बनाया गया, जो मानव की सुरक्षा के लिए है। संविधान में अनुच्छेद के तहत सबको संवैधानिक तौर पर बराबरी का अधिकार मिला हुआ है। कार्यक्रम का संचालन लक्ष्मीकांत पांडेय ने किया। इस दौरान सुरेश तोमर, रजनीश भूषण, श्याम नारायण केशरी, आनंद सहाय, मनोज सिंह, छोटे तिवारी, शशिबाला, सुरेंद्र केशरी, अनिल जायसवाल, जवाहर यादव सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
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