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राहत : मई का बिजली बिल जून में पोस्टपेड के माध्यम से मिलेगा
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- जिले में अब तक 162692 स्मार्ट मीटरों में से 153607 को बदला गया है प्रीपेड मीटर में
संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले के उन बिजली के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है जिनके मीटर प्रीपेड में बदल दिए गए थे। अब उनको पोस्टपेड माध्यम से बिल मिलेगा। इसके लिए पूर्वांचल विद्युत निगम कॉरपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने पत्र जारी कर मई के बिल को जून में पोस्टपेड मोड से जारी करने का निर्देश दिया है।
जिले में कुल 3.20 लाख विद्युत कनेक्शन धारक हैं। इनमें से 162692 उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। साथ ही इनमें से 153607 स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मीटर में बदल दिया गया है। इसे लेकर काफी हो हल्ला मचा था। अब एमडी के पत्र के बाद उपभोक्ताओं ने चैन की सांस ली है। इन स्मार्ट मीटरों के प्रीपेड हो जाने के कारण उपभोक्ताओं पर 31 करोड़ 82 लाख 67874 रुपये का बकाया हो गया था। साथ ही प्रीपेड मीटर होते ही निगम को एक झटके में 24.5 करोड़ रुपये का राजस्व मिल गया था। जबकि 94686 कनेक्शन कट गए थे। इनमें से 71369 उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराया। उसके बाद भी 68757 उपभोक्ताओं की ही बिजली जुड़ सकी क्योंकि उनमें से 2612 उपभोक्ता ऐसे थे जिन्होंने रिचार्ज तो कराया लेकिन पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बैलेंस निगेटिव ही रहा। इन सबका लाभ विभाग को ही हुआ। उसको एक झटके में 24 करोड़ 42 लाख 41124 रुपये का राजस्व प्राप्त हो गया। लेकिन उपभोक्ता की परेशानी बढ़ती ही गई। मुख्य अभियंता वितरण एलबी सिंह ने बताया कि मुख्यालय से जो आदेश प्राप्त हुआ है। उसका अनुपालन किया जा रहा है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
मिर्जापुर। जिले के उन बिजली के उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है जिनके मीटर प्रीपेड में बदल दिए गए थे। अब उनको पोस्टपेड माध्यम से बिल मिलेगा। इसके लिए पूर्वांचल विद्युत निगम कॉरपोरेशन के एमडी नितीश कुमार ने पत्र जारी कर मई के बिल को जून में पोस्टपेड मोड से जारी करने का निर्देश दिया है।
जिले में कुल 3.20 लाख विद्युत कनेक्शन धारक हैं। इनमें से 162692 उपभोक्ताओं के परिसर में स्मार्ट मीटर लगा दिया गया है। साथ ही इनमें से 153607 स्मार्ट मीटरों को प्रीपेड मीटर में बदल दिया गया है। इसे लेकर काफी हो हल्ला मचा था। अब एमडी के पत्र के बाद उपभोक्ताओं ने चैन की सांस ली है। इन स्मार्ट मीटरों के प्रीपेड हो जाने के कारण उपभोक्ताओं पर 31 करोड़ 82 लाख 67874 रुपये का बकाया हो गया था। साथ ही प्रीपेड मीटर होते ही निगम को एक झटके में 24.5 करोड़ रुपये का राजस्व मिल गया था। जबकि 94686 कनेक्शन कट गए थे। इनमें से 71369 उपभोक्ताओं ने रिचार्ज कराया। उसके बाद भी 68757 उपभोक्ताओं की ही बिजली जुड़ सकी क्योंकि उनमें से 2612 उपभोक्ता ऐसे थे जिन्होंने रिचार्ज तो कराया लेकिन पर्याप्त बैलेंस न होने के कारण बैलेंस निगेटिव ही रहा। इन सबका लाभ विभाग को ही हुआ। उसको एक झटके में 24 करोड़ 42 लाख 41124 रुपये का राजस्व प्राप्त हो गया। लेकिन उपभोक्ता की परेशानी बढ़ती ही गई। मुख्य अभियंता वितरण एलबी सिंह ने बताया कि मुख्यालय से जो आदेश प्राप्त हुआ है। उसका अनुपालन किया जा रहा है।
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