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Mirzapur News: राधा-कृष्ण के चंदन शृंगार के चार घंटे हुए दर्शन
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अक्षय तृतीया से राधा-कृष्ण और चैतन्य महाप्रभु का 21 दिवसीय चंदन शृंगार शुरू हो गया है। बृहस्पतिवार को जन्मोत्सव रूप में शृंगार हुआ। विधि-विधान से विविध नैवेद्य अर्पित किए गए। भक्तों ने भजन-कीर्तन किया। श्रीमद्भागवत कथा से प्रभु की महिमागान हुआ। भक्तों को रोज चार घंटे तक दर्शन मिलेगा।
सोनारपुरा स्थित सनातन गौड़िया मठ में राधा-श्रीकृष्ण भगवान और चैतन्य महाप्रभु के शृंगार महोत्सव में मठ के महंत गोविंद महाराज के आचार्यत्व में भोर में मंगला आरती के बाद भक्तों ने मंदिर की परिक्रमा की। प्रभु को बाल भोग, राजभोग के बाद मंदिर के पट बंद हो गए। दोपहर में ढाई बजे से चार घंटे तक मोहक शृंगार हुआ। शाम सात बजे दर्शन के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। रात 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर का पट बंद हुआ। इस दौरान गोविंद महाराज ने भागवत कथा और भक्तों ने हरिनाम कीर्तन किया। गोविंद महाराज ने बताया कि प्रभु का अभी राजाधीराज, वन विहारी, नृसिंह, राधारमन, गिरीराज गोवर्धन, रघुनाथ, चिरहरण, चिंतामणि कृष्ण, गजराज, नाव से जमुना विहार आदि मुद्राओं में शृंगार होगा। शृंगार में पुजारी राधारमन दास, स्वरूप महाराज, प्रमोदपुरी महाराज, संत कृष्ण, मनोहर कृष्ण आदि ने सहयोग किया।
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सोनारपुरा स्थित सनातन गौड़िया मठ में राधा-श्रीकृष्ण भगवान और चैतन्य महाप्रभु के शृंगार महोत्सव में मठ के महंत गोविंद महाराज के आचार्यत्व में भोर में मंगला आरती के बाद भक्तों ने मंदिर की परिक्रमा की। प्रभु को बाल भोग, राजभोग के बाद मंदिर के पट बंद हो गए। दोपहर में ढाई बजे से चार घंटे तक मोहक शृंगार हुआ। शाम सात बजे दर्शन के लिए मंदिर का पट खोल दिया गया। रात 10 बजे शयन आरती के बाद मंदिर का पट बंद हुआ। इस दौरान गोविंद महाराज ने भागवत कथा और भक्तों ने हरिनाम कीर्तन किया। गोविंद महाराज ने बताया कि प्रभु का अभी राजाधीराज, वन विहारी, नृसिंह, राधारमन, गिरीराज गोवर्धन, रघुनाथ, चिरहरण, चिंतामणि कृष्ण, गजराज, नाव से जमुना विहार आदि मुद्राओं में शृंगार होगा। शृंगार में पुजारी राधारमन दास, स्वरूप महाराज, प्रमोदपुरी महाराज, संत कृष्ण, मनोहर कृष्ण आदि ने सहयोग किया।
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