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Mirzapur News: घंटाघर को संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव अधर में
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नगर के घंटाघर वार्ड में स्थित ऐतिहासिक घंटाघर को संग्रहालय बनाने के लिए कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हो रही है। पिछले कार्यकाल में नगर पालिका परिषद की बैठक में घंटाघर को संग्रहालय बनाने का प्रस्ताव पारित किया गया था। इस प्रस्ताव को शासन को भेजा गया था। पुरातत्व विभाग ने अभिलेख की जांच किया था। इसके बाद मामला ठंडे बस्ते में चला गया। स्थानीय लोगों ने बताया कि बलुआ पत्थर से निर्मित घंटाघर में संगतराशी की कला को उकेरा गया है। घंटाघर का निर्माण सन 1891 में पूरा हुआ था। इसके निर्माण में अठ्ठारह हजार की लागत आई थी। गुलाबी बलुआ पत्थरों से बनी इमारत में नक्काशी बेजोड़ है। यह प्राचीन भारत के शिल्पकला की याद दिलाती है। इस विरासत को संजोने के लिए इसको लाल बहादुर शास्त्री के नाम पर संग्रहालय बनाने की मांग की गई थी। -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -
क्षतिग्रस्त हैं मिर्जापुर के घंटाघर की घड़ियां
मिर्जापुर। घंटाघर की मीनार में चारों तरफ लगी विशालकाय घड़ियां इतिहास को बयां करती हैं। रखरखाव के अभाव में ये घड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नगर के स्टेशन रोड निवासी 85 वर्षीय रामकरन बताते हैं कि घंटाघर मे लगी घड़ी के घंटे की आवाज स्टेशन तक सुनाई देती थी। घंटाघर की मीनार पर लगी गुरुत्वाकर्षण बल से चलती थी। इसे लंदन के मेसर्स मियर्स स्टेंन बैंक कंपनी ने बनाया था। उनहोंने प्रशासन की अनदेखी से घड़ी जर्जर हालत मे है।
प्रस्ताव पारित होने के बाद हटा पालिका कार्यालय
मिर्जापुर। पहले घंटाघर के भवन में नगर पालिका परिषद का मुख्य कार्यालय था। यही नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी बैठते थे। विशाल सभागार में पालिका परिषद की बैठकें होती थीं। संग्रहालय का प्रस्ताव पारित होने के बाद नगर पालिका कार्यालय लालडिग्गी स्थानान्तरण कर दिया गया।
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वर्जन
अभी निकाय चुनाव के चलते आचार संहिता हटी है। शासन से निर्देश मिलने पर आगे कवायद की जाएगी। - अंगद गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मिर्जापुर
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क्षतिग्रस्त हैं मिर्जापुर के घंटाघर की घड़ियां
मिर्जापुर। घंटाघर की मीनार में चारों तरफ लगी विशालकाय घड़ियां इतिहास को बयां करती हैं। रखरखाव के अभाव में ये घड़ियां क्षतिग्रस्त हो गई हैं। नगर के स्टेशन रोड निवासी 85 वर्षीय रामकरन बताते हैं कि घंटाघर मे लगी घड़ी के घंटे की आवाज स्टेशन तक सुनाई देती थी। घंटाघर की मीनार पर लगी गुरुत्वाकर्षण बल से चलती थी। इसे लंदन के मेसर्स मियर्स स्टेंन बैंक कंपनी ने बनाया था। उनहोंने प्रशासन की अनदेखी से घड़ी जर्जर हालत मे है।
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प्रस्ताव पारित होने के बाद हटा पालिका कार्यालय
मिर्जापुर। पहले घंटाघर के भवन में नगर पालिका परिषद का मुख्य कार्यालय था। यही नगर पालिका अध्यक्ष व अधिशासी अधिकारी बैठते थे। विशाल सभागार में पालिका परिषद की बैठकें होती थीं। संग्रहालय का प्रस्ताव पारित होने के बाद नगर पालिका कार्यालय लालडिग्गी स्थानान्तरण कर दिया गया।
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वर्जन
अभी निकाय चुनाव के चलते आचार संहिता हटी है। शासन से निर्देश मिलने पर आगे कवायद की जाएगी। - अंगद गुप्ता, अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका परिषद मिर्जापुर