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प्रधान प्रत्याशी को फंसाने की थी साजिश्ा
ब्यूरो/अमर उजाला/ मिर्जापुर
Updated Mon, 07 Dec 2015 12:53 AM IST
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धौरहरा गांव में प्रधान पद के दो प्रत्याशी के बीच चल रहे विवाद में एक को फंसाने के लिए बालक की हत्या की गई थी। यह मामला तब प्रकाश में आया जब रविवार की सुबह चील्ह थाना क्षेत्र हनुमान नगर के पास से हत्याकांड के एक आरोपी गाजीपुर निवासी रवि सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
पूछताछ में आरोपी ने बताया हत्याकांड की साजिश करीब पंद्रह दिन पूर्व बालक के पड़ोसी ने ही रची थी। येे बातें पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रविवार को बताई।
उन्होंने बताया कि धौरहरा गांव निवासी दुर्गा सिंह एवं अनिल सिंह के बीच प्रधानी चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है।
जिसका फायदा उठाते हुए गांव निवासी शंकर ऊर्फ सूरज सिंह निवासी धौरहरा दोनों के बीच दुश्मनी और गहरी करने के लिए प्रधान अनिल सिंह के पुत्र के अपहरण करने की योजना करीब पंद्रह दिन पूर्व बनाई थी लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पायी।
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चुनाव का दिन समाप्त होता देख शंकर ने अपनी योजना को अचानक बदल दिया। पंचायत चुनाव के पहले चरण 28 नवंबर की शाम करीब छह बजे दुर्गा के भाई पकंज सिंह के छह वर्षीय पुत्र कृष्णा का अपहरण करने की योजना बनायी।
शंकर ने घर के बाहर खेल रहे कृष्णा को दूकान से चाकलेट लेने के बहाने पैसा देकर भेजा। बालक जैसे ही दूकान पर गया तो शंकर अपने साथी बवाली उर्फ शशिधर निवासी धौरहरा तथा रवि सिंह निवासी सकरा कोतवाली शहर जनपद गाजीपुर के साथ मिलकर बालक का अपहरण कर लिया।
बालक शोर न मचाए इसके लिए उसका मुंह दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खम्हरिया ले जाकर बालक को देखा तो उसकी मौत हो चुकी है। यह देखते ही तीनों के होश उड़ गए।
सभी कुछ देर तक वहीं रहे और रात दस बजे अनुरूद्घपुर पश्चिमपट्टी गांव निवासी शिवबाबू के अरहर के खेत में बालक का शव फेंककर भाग निकले।
जानकारी होने पर उन्होंने एसपी सिटी अजय सिंह की निगरानी में सीओ क्राइम तथा सीओ सदर के नेतृत्व में टीम बनाया। पुलिस सुराग रसी में लगी थी कि रविवार की सुबह सूचना मिली कि बालक हत्याकांड का एक आरोपी रवि बाहर भागने की फिराक में हनुमान नगर के पास बस पकड़ने के लिए खड़ा है।
इस पर टीम पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया।
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पूछताछ में आरोपी ने बताया हत्याकांड की साजिश करीब पंद्रह दिन पूर्व बालक के पड़ोसी ने ही रची थी। येे बातें पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने पुलिस लाइन में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान रविवार को बताई।
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उन्होंने बताया कि धौरहरा गांव निवासी दुर्गा सिंह एवं अनिल सिंह के बीच प्रधानी चुनाव को लेकर विवाद चल रहा है।
जिसका फायदा उठाते हुए गांव निवासी शंकर ऊर्फ सूरज सिंह निवासी धौरहरा दोनों के बीच दुश्मनी और गहरी करने के लिए प्रधान अनिल सिंह के पुत्र के अपहरण करने की योजना करीब पंद्रह दिन पूर्व बनाई थी लेकिन इसमें कामयाबी नहीं मिल पायी।
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चुनाव का दिन समाप्त होता देख शंकर ने अपनी योजना को अचानक बदल दिया। पंचायत चुनाव के पहले चरण 28 नवंबर की शाम करीब छह बजे दुर्गा के भाई पकंज सिंह के छह वर्षीय पुत्र कृष्णा का अपहरण करने की योजना बनायी।
शंकर ने घर के बाहर खेल रहे कृष्णा को दूकान से चाकलेट लेने के बहाने पैसा देकर भेजा। बालक जैसे ही दूकान पर गया तो शंकर अपने साथी बवाली उर्फ शशिधर निवासी धौरहरा तथा रवि सिंह निवासी सकरा कोतवाली शहर जनपद गाजीपुर के साथ मिलकर बालक का अपहरण कर लिया।
बालक शोर न मचाए इसके लिए उसका मुंह दबा दिया जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। खम्हरिया ले जाकर बालक को देखा तो उसकी मौत हो चुकी है। यह देखते ही तीनों के होश उड़ गए।
सभी कुछ देर तक वहीं रहे और रात दस बजे अनुरूद्घपुर पश्चिमपट्टी गांव निवासी शिवबाबू के अरहर के खेत में बालक का शव फेंककर भाग निकले।
जानकारी होने पर उन्होंने एसपी सिटी अजय सिंह की निगरानी में सीओ क्राइम तथा सीओ सदर के नेतृत्व में टीम बनाया। पुलिस सुराग रसी में लगी थी कि रविवार की सुबह सूचना मिली कि बालक हत्याकांड का एक आरोपी रवि बाहर भागने की फिराक में हनुमान नगर के पास बस पकड़ने के लिए खड़ा है।
इस पर टीम पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया।