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Mirzapur News: चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ से फसल पर संकट, 29 से भारी बारिश के आसार
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मंगलवार की शाम आसमान में घिरे बादल।- संवाद।
मिर्जापुर। बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ का असर किसानों की मेहनत पर भारी पड़ सकता है। मौसम विभाग के मुताबिक जिले में 29 से 31 अक्तूबर के बीच भारी से अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान है।
इससे खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिरने और दानों की गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। वहीं, सब्जियों की फसल में जलभराव, सड़न और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी शिव मंगल सिंह ने बताया कि 28 अक्तूबर से गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने चलने की संभावना है। ऐसे में धान की कटाई कर चुके किसानों के सामने उपज सुरक्षित रखने की चुनौती होगी।
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किसानों को मौसम अनुकूल होने पर पकी फसल की जल्द कटाई करने और कटी फसल को ढके हुए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। भिंडी, सब्जियों, पत्तागोभी, फूलगोभी और मिर्च की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने और तैयार सब्जियों की तुड़ाई करने को कहा गया है। बारिश के दौरान कीटनाशक और फफूंदनाशक का छिड़काव न करें। आलू की बुवाई के लिए तैयार खेतों में अधिक नमी होने पर जुताई और बुवाई टाल दें।
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इससे खेतों में पककर तैयार धान की फसल गिरने और दानों की गुणवत्ता खराब होने का खतरा है। वहीं, सब्जियों की फसल में जलभराव, सड़न और रोगों का प्रकोप बढ़ सकता है। मौसम वैज्ञानिकों ने किसानों को सतर्क रहने की सलाह दी है।
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बीएचयू के ग्रामीण कृषि मौसम सेवा के नोडल अधिकारी प्रो. रवि शंकर सिंह और तकनीकी अधिकारी शिव मंगल सिंह ने बताया कि 28 अक्तूबर से गरज-चमक के साथ तेज हवा चलने चलने की संभावना है। ऐसे में धान की कटाई कर चुके किसानों के सामने उपज सुरक्षित रखने की चुनौती होगी।
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किसानों को मौसम अनुकूल होने पर पकी फसल की जल्द कटाई करने और कटी फसल को ढके हुए सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी है। भिंडी, सब्जियों, पत्तागोभी, फूलगोभी और मिर्च की फसल को भी नुकसान पहुंच सकता है। किसानों को खेतों में जल निकासी की व्यवस्था रखने और तैयार सब्जियों की तुड़ाई करने को कहा गया है। बारिश के दौरान कीटनाशक और फफूंदनाशक का छिड़काव न करें। आलू की बुवाई के लिए तैयार खेतों में अधिक नमी होने पर जुताई और बुवाई टाल दें।