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Mirzapur News: 17.40 फीसदी ही ले सके एकमुश्त समाधान योजना का लाभ
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मिर्जापुर। एकमुश्त समाधान चलाए जाने के बावजूद विद्युत निगम बिजली बिल का बकाया नहीं वसूल पा रहा है। अब तक बकाएदारों में से मात्र 17.40 प्रतिशत ने ही योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। इस लिहाज से बिजली बिल के बकाया वलूली में जिले की प्रगति ठीक नहीं रही है।
जिले में अभियान शुरू होने के दौरान 313363 बकाएदार चिह्नित किए गए थे। उनमें से अब तक 54536 उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लिया है। जो कुल बकाएदारों के 17.40 प्रतिशत हैं। इनसे विभाग को 40 करोड़ 87 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। इसी प्रकार बिजली चोरी के कुल 4921 प्रकरण थे। इनमें से एकमुश्त समाधान योजना का 1276 लोगों ने अब तक लाभ लिया है। यह संख्या भी करीब 25 प्रतिशत है। इनसे विभाग को चार करोड़ 39 लाख रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह स्थिति तब है जब कि इस बार के एकमुश्त समाधान योजना में बिजली चोरी को भी शामिल किया गया है। यह पहला अवसर है जब बिजली चोरी को एकमुश्त समाधान योजना के दायरे में लाया गया है। इस समय योजना का तीसरा चरण चल रहा है। पहले चरण में तो स्थिति कुछ ठीक थी, लेकिन दूसरा चरण काफी निराशाजनक रहा। बहुत कम बकाएदारों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि अब एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम तिथि 16 जनवरी 2024 तक बढ़ा दी गई है। जो बकाएदार बकाया भुगतान करना चाहते हैं, वे इसका लाभ ले सकते हैं।
उधर, एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराने बकाएदार तो कम पहुंचे, लेकिन शासनस्तर से मंडल के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह प्राप्त कर लिया गया है। मिर्जापुर वितरण क्षेत्र के तीन जिलों मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र में शासन की ओर से 133.34 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसकी तुलना में विभाग ने 110 करोड़ रुपये की बकाया वसूली की है। यह लक्ष्य का करीब 97 प्रतिशत है। मुख्य अभियंता वितरण जेपीएन सिंह ने बताया कि मिर्जापुर के लिए 47 करोड़ रुपये लक्ष्य की तुलना में 47 करोड़ वसूल कर लिया गया है। भदोही में 23.67 करोड़ लक्ष्य की तुलना में 19.35 करोड़ और सोनभद्र में 54.30 करोड़ रुपये लक्ष्य की तुलना में 32.04 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं। इसमें यदि पिपरी की 20 करोड़ रुपये हटा दिए जाएं, जो कि प्रक्रिया में है तो यहां भी शत प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि योजना समाप्त होने पर बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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जिले में अभियान शुरू होने के दौरान 313363 बकाएदार चिह्नित किए गए थे। उनमें से अब तक 54536 उपभोक्ताओं ने एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लिया है। जो कुल बकाएदारों के 17.40 प्रतिशत हैं। इनसे विभाग को 40 करोड़ 87 लाख रुपये के राजस्व की प्राप्ति हुई है। इसी प्रकार बिजली चोरी के कुल 4921 प्रकरण थे। इनमें से एकमुश्त समाधान योजना का 1276 लोगों ने अब तक लाभ लिया है। यह संख्या भी करीब 25 प्रतिशत है। इनसे विभाग को चार करोड़ 39 लाख रुपये की राजस्व की प्राप्ति हुई है। यह स्थिति तब है जब कि इस बार के एकमुश्त समाधान योजना में बिजली चोरी को भी शामिल किया गया है। यह पहला अवसर है जब बिजली चोरी को एकमुश्त समाधान योजना के दायरे में लाया गया है। इस समय योजना का तीसरा चरण चल रहा है। पहले चरण में तो स्थिति कुछ ठीक थी, लेकिन दूसरा चरण काफी निराशाजनक रहा। बहुत कम बकाएदारों ने योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराया। विद्युत वितरण खंड द्वितीय के अधिशासी अभियंता राजेश कुमार ने बताया कि अब एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए अंतिम तिथि 16 जनवरी 2024 तक बढ़ा दी गई है। जो बकाएदार बकाया भुगतान करना चाहते हैं, वे इसका लाभ ले सकते हैं।
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उधर, एकमुश्त समाधान योजना का लाभ लेने के लिए पंजीकरण कराने बकाएदार तो कम पहुंचे, लेकिन शासनस्तर से मंडल के लिए जो लक्ष्य निर्धारित किया गया था, वह प्राप्त कर लिया गया है। मिर्जापुर वितरण क्षेत्र के तीन जिलों मिर्जापुर, भदोही और सोनभद्र में शासन की ओर से 133.34 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसकी तुलना में विभाग ने 110 करोड़ रुपये की बकाया वसूली की है। यह लक्ष्य का करीब 97 प्रतिशत है। मुख्य अभियंता वितरण जेपीएन सिंह ने बताया कि मिर्जापुर के लिए 47 करोड़ रुपये लक्ष्य की तुलना में 47 करोड़ वसूल कर लिया गया है। भदोही में 23.67 करोड़ लक्ष्य की तुलना में 19.35 करोड़ और सोनभद्र में 54.30 करोड़ रुपये लक्ष्य की तुलना में 32.04 करोड़ रुपये वसूल किए गए हैं। इसमें यदि पिपरी की 20 करोड़ रुपये हटा दिए जाएं, जो कि प्रक्रिया में है तो यहां भी शत प्रतिशत लक्ष्य की प्राप्ति हो गई है। मुख्य अभियंता ने कहा कि योजना समाप्त होने पर बकाएदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
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