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Mirzapur News: गंगा उफान पर, चार दिन में पांच मीटर बढ़ा जलस्तर
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मिर्जापुर। गंगा के जलस्तर में वृद्धि जारी जारी है। चार दिनों में गंगा के जलस्तर में पांच मीटर तक की वृद्धि हो गई है। चौथी बार जलस्तर में वृद्धि ने अबकी तीसरी बार पिछले साल का रिकाॅर्ड टूटा है। शनिवार को सुबह 10 बजे नौ सेमी घंटे की रफ्तार से गंगा के जलस्तर में वृद्धि हो रही थी और शाम चार बजे तक 6.50 सेमी की रफ्तार से वृद्धि होने पर जलस्तर 75.27 मीटर तक पहुंच गया। जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों में लोगों की चिंता बढ़ गई है।
मिर्जापुर नहर प्रखंड से जारी आंकड़ों के अनुसार 11 सितंबर को सुबह से ही गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई थी। जो शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। 11 सितंबर को सुबह गंगा का जलस्तर 70.170 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था। शनिवार को सुबह आठ बजे तक गंगा के जलस्तर में पांच मीटर तक की वृद्धि दर्ज हुई। शनिवार को सुबह 10 बजे का जलस्तर 74.780 मीटर और शाम चार बजे 75.27 मीटर पर पहुंच गया। गंगा के जलस्तर में 6.50 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि जारी है।
इस साल गंगा के जलस्तर में वृद्धि पर नजर डालें तो अगस्त माह में रुक-रुककर गंगा के जलस्तर में बढ़ाव और घटाव का क्रम जारी रहा। बीते पंद्रह अगस्त को इस साल दूसरी बार गंगा के जलस्तर ने पिछले साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया था। इससे पहले आठ अगस्त को रात आठ बजे तक गंगा का जलस्तर वर्ष 2023 के 73.66 मीटर की तुलना में 75.010 मीटर पर पहुंच गया था। इस बीच शनिवार को सुबह 10 बजे गंगा के जलस्तर में नौ सेमी की रफ्तार से वृद्धि हो रही थी और जलस्तर 74.780 मीटर पर पहुंच गया था। इस बीच शाम चार बजे 6.50 सेमी की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही थी और जलस्तर 75.27 मीटर तक पहुंच गया। उधर, जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए गंगा के तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों के साथ ही प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है। जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर तथा खतरे का निशान 77.724 मीटर है। गंगा में सबसे ज्यादा पानी वर्ष 1978 में 80.34 मीटर दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में अधिकतम 73.66 मीटर के आंकड़े को पार कर शनिवार को क जलस्तर 75.27 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सदर व चुनार तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों में कुल 37 बाढ़ चौकियां स्थापित कर निगरानी बढ़ा दी गई है। मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई तेज बारिश के चलते यमुना में पानी बढ़ गया है। बैराजों से पानी छोड़ा गया है। इसके चलते गंगा में पानी बढ़ा हुआ है। अभी कुछ दिनों तक गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने की संभावना है। आने वाले दो-चार दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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उधर, छानबे ब्लॉक के बीजर कला ग्राम पंचायत के गंगा नदी के करार पर बसे पाल, मांझी व शर्मा बस्ती के लोगों के घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। गंगा नदी के मुहाने पर बसे पंचूराम, नान्हूराम, राधेश्याम, सुगनू, मातादान मांझी, गौरी शंकर, बेचू राम, छक्कू राम, रामचंद्र , लालमणि, रामू, श्यामू, बलवंत, गोविंद राम, रतन, राजकुमार, शेषमणि, राम लखन, भोलानाथ, काशीराम पाल, सेवालाल पाल, नंदलाल पाल, भूइधर पाल, राम सजीवन पाल, छोटेलाल पाल, सूरज पाल, कल्लू शर्मा, राजमनि शर्मा, सदाफल शर्मा, समय लाल शर्मा आदि के मकान बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ के चलते इन लोगों के घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ आने पर परिवार के सदस्य अन्यत्र शरण लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराकर बसाने की मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। ग्राम प्रधान रविशंकर यादव का कहना है कि पहल कर बाढ़ प्रभावित लोगों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।
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मिर्जापुर नहर प्रखंड से जारी आंकड़ों के अनुसार 11 सितंबर को सुबह से ही गंगा के जलस्तर में वृद्धि शुरू हो गई थी। जो शनिवार को चौथे दिन भी जारी रही। 11 सितंबर को सुबह गंगा का जलस्तर 70.170 मीटर रिकाॅर्ड किया गया था। शनिवार को सुबह आठ बजे तक गंगा के जलस्तर में पांच मीटर तक की वृद्धि दर्ज हुई। शनिवार को सुबह 10 बजे का जलस्तर 74.780 मीटर और शाम चार बजे 75.27 मीटर पर पहुंच गया। गंगा के जलस्तर में 6.50 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि जारी है।
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इस साल गंगा के जलस्तर में वृद्धि पर नजर डालें तो अगस्त माह में रुक-रुककर गंगा के जलस्तर में बढ़ाव और घटाव का क्रम जारी रहा। बीते पंद्रह अगस्त को इस साल दूसरी बार गंगा के जलस्तर ने पिछले साल का रिकाॅर्ड तोड़ दिया था। इससे पहले आठ अगस्त को रात आठ बजे तक गंगा का जलस्तर वर्ष 2023 के 73.66 मीटर की तुलना में 75.010 मीटर पर पहुंच गया था। इस बीच शनिवार को सुबह 10 बजे गंगा के जलस्तर में नौ सेमी की रफ्तार से वृद्धि हो रही थी और जलस्तर 74.780 मीटर पर पहुंच गया था। इस बीच शाम चार बजे 6.50 सेमी की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही थी और जलस्तर 75.27 मीटर तक पहुंच गया। उधर, जलस्तर में तेजी से हो रही वृद्धि को देखते हुए गंगा के तटवर्ती इलाकों में बसे लोगों के साथ ही प्रशासन की भी चिंता बढ़ गई है। जिले में चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर तथा खतरे का निशान 77.724 मीटर है। गंगा में सबसे ज्यादा पानी वर्ष 1978 में 80.34 मीटर दर्ज किया गया था। वर्ष 2023 में अधिकतम 73.66 मीटर के आंकड़े को पार कर शनिवार को क जलस्तर 75.27 मीटर तक पहुंच गया। बाढ़ की स्थिति को देखते हुए संभावनाओं को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सदर व चुनार तहसील क्षेत्र के तटवर्ती इलाकों में बसे गांवों में कुल 37 बाढ़ चौकियां स्थापित कर निगरानी बढ़ा दी गई है। मिर्जापुर नहर प्रखंड के अधिशासी अभियंता प्रमोद कुमार का कहना है कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हुई तेज बारिश के चलते यमुना में पानी बढ़ गया है। बैराजों से पानी छोड़ा गया है। इसके चलते गंगा में पानी बढ़ा हुआ है। अभी कुछ दिनों तक गंगा के जलस्तर में बढ़ाव जारी रहने की संभावना है। आने वाले दो-चार दिन में स्थिति सामान्य हो जाएगी।
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उधर, छानबे ब्लॉक के बीजर कला ग्राम पंचायत के गंगा नदी के करार पर बसे पाल, मांझी व शर्मा बस्ती के लोगों के घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। गंगा नदी के मुहाने पर बसे पंचूराम, नान्हूराम, राधेश्याम, सुगनू, मातादान मांझी, गौरी शंकर, बेचू राम, छक्कू राम, रामचंद्र , लालमणि, रामू, श्यामू, बलवंत, गोविंद राम, रतन, राजकुमार, शेषमणि, राम लखन, भोलानाथ, काशीराम पाल, सेवालाल पाल, नंदलाल पाल, भूइधर पाल, राम सजीवन पाल, छोटेलाल पाल, सूरज पाल, कल्लू शर्मा, राजमनि शर्मा, सदाफल शर्मा, समय लाल शर्मा आदि के मकान बाढ़ से प्रभावित होते हैं। बाढ़ के चलते इन लोगों के घरों पर कटान का खतरा मंडरा रहा है। बाढ़ आने पर परिवार के सदस्य अन्यत्र शरण लेते हैं। ग्रामीणों का कहना है कि दूसरी जगह जमीन उपलब्ध कराकर बसाने की मांग की गई, लेकिन कोई ध्यान नही दिया जा रहा है। ग्राम प्रधान रविशंकर यादव का कहना है कि पहल कर बाढ़ प्रभावित लोगों को आवास की सुविधा उपलब्ध कराने की कोशिश की जा रही है।