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मंडलीय अस्पताल में मरीजों को चढ़ाने वाली एनएस की बोतलें खत्म

Fri, 22 Oct 2021 12:33 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 22 Oct 2021 12:33 AM IST
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NS bottles offered to patients in Divisional Hospital are over
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल मेडिकल कॉलेज के अधीन हो गया है। अस्पताल में डाक्टर की संख्या तो बढ़ गई है, पर सुविधाओं की कमी हो गई है। अस्पताल में मरीजों को चढ़ने वाली बोतलें महीनों से नहीं है। जबकि ड्रेसिंग के लिए लगाया जाने वाला मलहम बीटाडीन भी मौजूद नहीं है। कुछ दवाओं को छोड़कर डाक्टर बाहर की दवा तो वर्षो से लिखते आ रहे है। कारण, अस्पताल में जरुरी दवाओं का भी अभाव बना हुआ है। पिछले चार माह से अधिक समय से मंडलीय अस्पताल मेडिकल कालेज के अधीन हो गया है। जिसके बाद अस्पताल में 50 से अधिक सीनियर और जूनियर रेजिडेंट डाक्टर नियुक्त हो चुके हैं। ऐसे में डॉक्टर तो बढ़ गए पर सुविधाएं वहीं की वहीं रह गईं। मंडलीय अस्पताल में इमरजेंसी, मेडिकल, सर्जिकल, महिला, चिल्ड्रेन, प्राइवेट और बर्न वार्ड मिलाकर 200 से अधिक बेड हैं। वार्ड में भर्ती अधिकांश मरीजों को चढ़ने वाली बोतलों एनएस और आरएल में दवा डालकर मरीजों को चढ़ाया जाता है। दोनों बोतलें दो माह से अधिक समय से नहीं हैं। एक मरीज को एक दिन में कम से कम तीन बोतल चढ़ती ही है। ऐसे में प्रतिदिन 200 बोतल का मानक रखा जाए तो हजारों बोतल को मरीजो को बाहर से खरीदना पड़ रहा है। वहीं, दुर्घटना में घायल मरीज हो या प्रतिदिन मरीजों की ड्रेसिंग का मामाला हो। जख्म पर लगाने वाला बीटाडीन मलहम भी खत्म हो चुका है। इस कारण ड्रेसिंग में भी समस्या आ रही है। अस्पताल प्रशासन की माने तो मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन से इनकी सप्लाई नहीं हो रही है। मंडलीय अस्पताल के डाक्टर तो बाहर से जांच और दवा वर्षो से लिख रहे है। इस पर विराम नहीं लग पा रहा है। बाहर से दवा लिखने की परंपरा ने अस्पताल के बाहर फुटपाथ पर अवैध मेडिकल स्टोर बसा दिया है। अधिकांश जांच बाहर से लिखी जाती है। मंडलीय अस्पताल के मेडिकल कॉलेज के अधीन हो जाने से जांच और दवा नि:शुल्क नहीं मिलेगी। इससे आने वाले समय में गरीब मरीजों को समस्या होगी। मंडलीय अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक आलोक जी ने बताया कि दो माह से अधिक समय से एनएस और आरएल खत्म है। मेडिकल सप्लाई कार्पोरेशन को पत्र लिखा गया है। सप्लाई नहीं मिली है। 10 दिन पूर्व भी सप्लाई के लिए पत्र लिखा गया था।
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