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Mirzapur News: पांच साल में एक भी जांच नहीं, बेकार पड़ी है ईको मशीन

Mon, 30 Oct 2023 12:37 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Mon, 30 Oct 2023 12:37 AM IST
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Not a single inspection in five years, eco machine lying idle
मिर्जापुर। हृदय रोग की जांच में ईको मशीन का उपयोग किया जाता है, परंतु मंडलीय अस्पताल के कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) में करीब पांच साल से ईको मशीन धूल फांक रही है। अब तक ईको मशीन एक भी मरीज के दिल की जांच नहीं कर सकी है। सीसीयू में चादर से ढंक कर टू डी कलर डाप्लर ईको मशीन रखी हुई है।
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दिल की धड़कन से पता चलता है कि इंसान कितना स्वस्थ है और उसका हृदय कितना बेहतर तरीके से कार्य कर रहा है। आज के समय में खानपान और अन्य कारणों से हृदयाघात की घटनाएं बढ़ गई हैं। पहले जहां अधिक उम्र के लोगों को हृदय रोग की समस्या होती थी, लेकिन अब युवाओं में भी यह समस्या बढ़ रही है। आए दिन सुनने में आता है कि किसी न किसी की जिम में अथवा डांस करते समय हृदयघात के चलते जान चली जा रही है। मंडलीय अस्पताल परिसर में हृदय रोगियों के बेहतर उपचार के लिए कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) की स्थापना की गई। केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल ने 19 जनवरी 2019 को इसका शुभारंभ किया था। शुभारंभ के दौरान बताया गया था कि डेढ़ करोड़ की लागत से बना इस तरह का कार्डियक केयर यूनिट पूर्वांचल का पहला यूनिट है। अब हृदय रोग के मरीजों को प्रयागराज और वाराणसी नहीं जाना पड़ेगा। प्रति वर्ष इसके संचालन के लिए छह लाख रुपये का बजट सरकार से मिलेगा। इसमें डिफैब्रिलेटर, इनफ्यूजन पंप, वेंटिलेटर मशीन, ईसीजी और टू डी कलर डाप्लर ईको मशीन लगाई गई। शुरुआत के एक-दो साल तक तो कोई मशीन नहीं चल रही थी। मेडिकल काॅलेज के अधीन होने के बाद अन्य मशीनें चलाई गईं, परंतु हृदय रोगियों के लिए पांच वर्ष बाद भी न तो कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती हो सकी है और न ही ईको मशीन का संचालन हो सका है। मशीन सीसीयू के कमरे में बेकार पड़ी है।
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मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल ने बताया कि ईको मशीन एक तरह से हृदय का अल्ट्रासाउंड करती है। अल्ट्रासाउंड मशीन की तरह होती है। इसके माध्यम से दिल के आकार का निर्धारण किया जाता है। इससे यह भी पता लगता है कि आपका दिल कितनी अच्छी तरह से कार्य कर रहा है। हृदय के वाल्व, संरचना व कार्य का पता लगाया जा सकता है। हृदय में सूजन आदि का पता चलता है। कार्डियक केयर यूनिट (सीसीयू) में सारी मशीनें चल रही हैं। ईसीजी अब वार्डों और ओपीडी में चलने लगी है। ईको मशीन का संचालन कार्डियोलाजिस्ट करते हैं। कार्डियोलाजिस्ट की तैनाती नहीं होने के कारण ईको मशीन नहीं चल रही है।
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