मिर्जापुर। हर घर जल नल मिशन योजना के तहत प्रमुख रास्तों पर बिछाए गए पाइप लाइन खोदी गई सड़क व इंटरलाकिंग के चलते मतदान केंद्रों तक पहुंचने में मतदाता सहित मतदान कर्मियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। सिटी, पहाडी व मझवां विकास खंड में कुछ ऐसे मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए सुलभ रास्ते ही नहीं हैं। वहीं साफ-सफाई, प्रकाश व शौचालय आदि व्यवस्था सुचारु रुप से नहीं हैं। मझवां विधानसभा क्षेत्र कुल मतदाता 3,96,805 हैं जिनमें पुरुष 2,08,855 व महिला मतदाताओं की संख्या 1, 87, 922 तथा थर्ड जेंडर वाले मतदाता 13, पहली बार मतदाता सूची में शामिल होने वाले वोटरों की संख्या 8051 है। पहाड़ी विकास खंड में कुल 72 मतदान केन्द्र व 117 बूथ बनाए गए हैं। कई मतदान केंद्र ऐसे हैं जहां साफ- सफाई शौचालय आदि की व्यवस्था सुचारू रूप से नही हो पाई है। जब की विधान सभा चुनाव तिथि काफी नजदीक है। गौरतलब है कि क्षेत्र के सरैया कमरघटा ग्राम पंचायत में दो मतदान स्थल बनाए गए हैैं।लेकिन सरैया प्राथमिक विद्यालय के मतदान स्थल तक पहुंचने लिए 300 सौ मीटर पगडंडी रास्ता है। रास्ते के अभाव में पोलिंग टीम के साथ ही साथ मतदाताओं को पैदल ही जाना पड़ेगा। ऐसे में दिव्यांग व बुजुर्गो मतदाताओं को परेशानी हो सकती है। इसी ग्राम पंचायत के , नेवढ़ीया मजरा में प्राथमिक विद्यालय तक बड़े वाहन नहीं पहुंच पाएंगे। पहाड़ी भोजपुर, पचोखरा, थानापुर आदि मतदान स्थल तक पहुंचने के लिए कच्चे व जर्जर रास्ता ही सहारा बनेंगे। सिटी ब्लाक के चेरुईराम में पूर्व माध्यमिक विद्यालय में बनाए गए मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए सुलभ रास्ते ही नहीं हैं। इसी तरह मिश्रलहौली में मुख्य मार्ग से जर्जर रास्तो के बीच मतदान केंद्र तक पहुंचना पड़ सकता है। बिकना, टांड़, अमोई, वीरपुर सहित कई ऐसे गांव हैं जहां जर्जर मार्गो से होकर लोगों को पहुंचना पड़ेगा। कई स्थानों पर जल निकासी व्यवस्था न होने से सड़को पर गंदा पानी बह रहा है। जिससे मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। कछवा, क्षेत्र के भैसा व सेमरी गांव स्थित मतदान केंद्र तक पहुंचने के लिए जहां रास्ते का अभाव है वहीं शौचालय व रैंप की व्यवस्था नहीं है। जिससे दिव्यांग मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।