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घर,घर पूजे गए नागदेवता, चढ़ा दूध और लावा
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मिर्जापुर। नागपंचमी शनिवार को हर्षोल्लास व धूमधाम के साथ मनाया गया। घर-घर नागदेवता को दूध और लावा चढ़ाया गया। विभिन्न शिवालयों में भी पहुंचकर लोगों ने भोलेनाथ के दर्शन और पूजन के साथ ही नागदेवता को दूध और लावा भेंट किया। गृहिणियों ने घरों में विभिन्न पकवान तैयार किए। पूर्णबंदी के बीच घरो में बैठे लोगों ने जमकर पकवानों का लुफ्त उठाया। शनिवार को सुबह सोकर उठते ही गृहिणियां नागपंचमी की तैयारियों में जहां जुट गई। वैश्विक महामारी व पूर्णबंदी के बावजूद कई स्थानों पर नव युवक और बच्चे खेलकूद के लिए गांव में भ्रमणकर टोलियां बनाने में जुटे रहे। घरों की साफ-सफाई के बाद मदार के पत्तो पर महिलाओं ने घर के कोने-कोने में नागदेवता के लिए दूध और लावा चढ़ाने के तत्काल बाद ही पकवान तैयार करने में जुट गई।
जिगना, नागपंचमी घर, घर महिलाओं ने दूध और लावा चढ़ाया। पूर्णबंदी का परवाह किए बगैर शनिवार की भोर बाबा बदेवरा नाथ धाम पहुंचे शिवभक्तो ने मंदिर बंद होने के बावजूद चौखट पर ही गंगाजल, दूध और लावा अर्पण किया। झांकी से ही बदेवरानाथ का दर्शन किया। कलवारी, नाग पंचमी के त्यौहार क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में दूध और लावा चढ़ाकर नागदेवता का पूजन-अर्चन किया। क्षेत्र के छोटे-बड़े मंदिरों में लोगों की भीड़ रही। वैश्विक महामारी के चलते कलवारी चौराहा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आयोजित की जाने वाली कुश्ती और दंगल प्रतियोगिता स्थगित रहा। गुरुदेव नगर आश्रम में होने वाला झूलनोत्सव भी शनिवार को स्थगित रहा। अदलहाट, नागपंचमी पर शिव मंदिर में विराजमान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन के साथ ही गृहिणियों ने घरो में दूध और लावा चढ़ाए। कोरोना महामारी के चलते क्षेत्र में विगत वर्षों की भांति इस अवसर पर कुश्ती, दंगल सहित कबड्डी, ऊंची कूद, लंबी कूद आदि खेलों की प्रतियोगिताएं नहीं हुई। कुछ गांवों के छोटे-छोटे बच्चे पुरानी परंपरा को जीवंत करने में जुटे रहे। हलिया, नाग पंचमी पर शिव मंदिरों में दुग्धाभिषेक के साथ ही लोगों ने अपने-अपने घरों के दरवाजे पर नाग देवता का चित्र लगाकर दूध-लावा चढ़ाकर नाग देवता की पूजा की। घरों में इस अवसर पर विशेष रूप से पकवान तैयार किए गए। पूर्णबंदी के बावजूद कोटार नाथ व गड़बड़ा धाम भक्तो ने पहुंचकर पताके का दर्शनकर संतुष्ट रहे। क्षेत्र के सोनगढ़ा व हलिया में दंगल का कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विजेता टीम को पुरस्कार वितरित किया गया। शेरवां, नागपंचमी पर घरो में नागदेवता के पूजनकर दूध और लावा चढ़ाए गए। शिवालयों मे विशेष श्रृंगार व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया। अखाड़ो पर इस वर्ष ताल ढोकने वाले कम ही नजर आए। युवाओं और बच्चो में नागपंचमी पर्व को लेकर खासा उत्साह रहा। जमालपुर, वैश्विक महामारी के चलते क्षेत्र में नागपंचमी का त्यौहार फीका रहा। पहलवानों ने अखाड़ो पर पहुंचकर पूजा-पाठ कर प्रसाद का वितरण किया। कुछ स्थानों पर युवको ने कबड्ड़ी खेलकर त्योहार कि परम्परा को कायम रखा। अखाड़ो में बाहरी पहलवानों को आमंत्रित करने के बजाए लोगों ने आपस में ही जोर आजमाईश करते हुए नागपंचमी का त्योहार मनाया। अहरौरा, नाग पंचमी पर नगर से लेकर गांव तक नाग देवता को दूध-लावा चढ़ाया गया। शनिवार को शिवालयों में दर्शन पूजन की धूम रही। सोशल डिस्टेसिंग के बीच भक्तो ने भोलेनाथ का दर्शन और पूजन किया। नगर के चौक बाजार, बौलिया, सत्यानगंज, अहरौरा जलाशय, पियरवा पोखरा, मिश्र पोखरा, पटवा टोला सहित अन्य मंदिरों में भी लोगों ने नाग पंचमी को विधि विधान के अनुसार नाग देव की पूजा की।वैश्विक महामारी के चलते नाग पंचमी क्षेत्र में कबड्डी व कुश्ती दंगल का आयोजन नहीं किया गया जिससे खेल प्रेमी मायूस रहे।
कुश्ती, दंगल व खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
ड्रमंडगंज। नागपंचमी पर शहीद केशरी सिंह की स्मृति में बिलरा पटेहरा गांव में शनिवार को कुश्ती दंगल एवं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान कई जोड़ी कुश्ती के साथ-साथ ही लंबी कूद, कबड्डी तथा नाल प्रतियोगिता संपन्न कराई गई।
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लंबी कूद में आदर्श सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 85 किलोग्राम वजन की नाल उठाकर करतब दिखाने की प्रतियोगिता में संजय तिवारी को विजयी घोषित किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में बिलरा पटेहरा की टीम विजयी रही। शहीद केशरी सिंह पार्क में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता की अध्यक्षता उनकी धर्मपत्नी छोटी कुंअरि ने किया। संचालन मानवेंद्र बहादुर सिंह ने किया। निर्णायक मंडल में श्रीराम पांडेय, आनंद कुमार पांडेय, अरुण सिंह तथा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। इस अवसर पर योग्यता सिंह, संतोष तिवारी, अनिल तिवारी, संजय तिवारी, इंद्रजीत सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, विनोद बेनवंश, विवेक पाठक, सीताराम पांडेय, महेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
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जिगना, नागपंचमी घर, घर महिलाओं ने दूध और लावा चढ़ाया। पूर्णबंदी का परवाह किए बगैर शनिवार की भोर बाबा बदेवरा नाथ धाम पहुंचे शिवभक्तो ने मंदिर बंद होने के बावजूद चौखट पर ही गंगाजल, दूध और लावा अर्पण किया। झांकी से ही बदेवरानाथ का दर्शन किया। कलवारी, नाग पंचमी के त्यौहार क्षेत्र में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। घरों, दुकानों एवं प्रतिष्ठानों में दूध और लावा चढ़ाकर नागदेवता का पूजन-अर्चन किया। क्षेत्र के छोटे-बड़े मंदिरों में लोगों की भीड़ रही। वैश्विक महामारी के चलते कलवारी चौराहा स्थित प्राचीन हनुमान मंदिर पर आयोजित की जाने वाली कुश्ती और दंगल प्रतियोगिता स्थगित रहा। गुरुदेव नगर आश्रम में होने वाला झूलनोत्सव भी शनिवार को स्थगित रहा। अदलहाट, नागपंचमी पर शिव मंदिर में विराजमान भोलेनाथ के दर्शन और पूजन के साथ ही गृहिणियों ने घरो में दूध और लावा चढ़ाए। कोरोना महामारी के चलते क्षेत्र में विगत वर्षों की भांति इस अवसर पर कुश्ती, दंगल सहित कबड्डी, ऊंची कूद, लंबी कूद आदि खेलों की प्रतियोगिताएं नहीं हुई। कुछ गांवों के छोटे-छोटे बच्चे पुरानी परंपरा को जीवंत करने में जुटे रहे। हलिया, नाग पंचमी पर शिव मंदिरों में दुग्धाभिषेक के साथ ही लोगों ने अपने-अपने घरों के दरवाजे पर नाग देवता का चित्र लगाकर दूध-लावा चढ़ाकर नाग देवता की पूजा की। घरों में इस अवसर पर विशेष रूप से पकवान तैयार किए गए। पूर्णबंदी के बावजूद कोटार नाथ व गड़बड़ा धाम भक्तो ने पहुंचकर पताके का दर्शनकर संतुष्ट रहे। क्षेत्र के सोनगढ़ा व हलिया में दंगल का कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। विजेता टीम को पुरस्कार वितरित किया गया। शेरवां, नागपंचमी पर घरो में नागदेवता के पूजनकर दूध और लावा चढ़ाए गए। शिवालयों मे विशेष श्रृंगार व धार्मिक अनुष्ठानों का आयोजन किया। अखाड़ो पर इस वर्ष ताल ढोकने वाले कम ही नजर आए। युवाओं और बच्चो में नागपंचमी पर्व को लेकर खासा उत्साह रहा। जमालपुर, वैश्विक महामारी के चलते क्षेत्र में नागपंचमी का त्यौहार फीका रहा। पहलवानों ने अखाड़ो पर पहुंचकर पूजा-पाठ कर प्रसाद का वितरण किया। कुछ स्थानों पर युवको ने कबड्ड़ी खेलकर त्योहार कि परम्परा को कायम रखा। अखाड़ो में बाहरी पहलवानों को आमंत्रित करने के बजाए लोगों ने आपस में ही जोर आजमाईश करते हुए नागपंचमी का त्योहार मनाया। अहरौरा, नाग पंचमी पर नगर से लेकर गांव तक नाग देवता को दूध-लावा चढ़ाया गया। शनिवार को शिवालयों में दर्शन पूजन की धूम रही। सोशल डिस्टेसिंग के बीच भक्तो ने भोलेनाथ का दर्शन और पूजन किया। नगर के चौक बाजार, बौलिया, सत्यानगंज, अहरौरा जलाशय, पियरवा पोखरा, मिश्र पोखरा, पटवा टोला सहित अन्य मंदिरों में भी लोगों ने नाग पंचमी को विधि विधान के अनुसार नाग देव की पूजा की।वैश्विक महामारी के चलते नाग पंचमी क्षेत्र में कबड्डी व कुश्ती दंगल का आयोजन नहीं किया गया जिससे खेल प्रेमी मायूस रहे।
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कुश्ती, दंगल व खेलकूद प्रतियोगिता का हुआ आयोजन
ड्रमंडगंज। नागपंचमी पर शहीद केशरी सिंह की स्मृति में बिलरा पटेहरा गांव में शनिवार को कुश्ती दंगल एवं खेलकूद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस दौरान कई जोड़ी कुश्ती के साथ-साथ ही लंबी कूद, कबड्डी तथा नाल प्रतियोगिता संपन्न कराई गई।
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लंबी कूद में आदर्श सिंह ने प्रथम स्थान प्राप्त किया। 85 किलोग्राम वजन की नाल उठाकर करतब दिखाने की प्रतियोगिता में संजय तिवारी को विजयी घोषित किया गया। कबड्डी प्रतियोगिता में बिलरा पटेहरा की टीम विजयी रही। शहीद केशरी सिंह पार्क में आयोजित खेलकूद प्रतियोगिता की अध्यक्षता उनकी धर्मपत्नी छोटी कुंअरि ने किया। संचालन मानवेंद्र बहादुर सिंह ने किया। निर्णायक मंडल में श्रीराम पांडेय, आनंद कुमार पांडेय, अरुण सिंह तथा सुरेंद्र बहादुर सिंह ने किया। इस अवसर पर योग्यता सिंह, संतोष तिवारी, अनिल तिवारी, संजय तिवारी, इंद्रजीत सिंह, सूर्यप्रकाश सिंह, विनोद बेनवंश, विवेक पाठक, सीताराम पांडेय, महेश सिंह आदि उपस्थित रहे।