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पाकिस्तान की जेल में 11 सालों से बंद है मिर्जापुर का युवक, अब जाकर मिला सही पता, वापसी की उम्मीद

Thu, 08 Oct 2020 12:00 AM IST
स्‍वाधीन तिवारी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मिर्जापुर Published by: स्‍वाधीन तिवारी Updated Thu, 08 Oct 2020 12:00 AM IST
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Mirzapur's youth is in jail for 11 years
पाकिस्तान जेल (डेमो पिक) - फोटो : अमर उजाला

मिर्जापुर जिले का एक युवक भी पाकिस्तान के जेल में पिछले 11 वर्ष से बंद है। पाकिस्तान से सरकार द्वारा भारत के विदेश मंत्रालय को मिले जानकारी मिर्जापुर जिले की खुफिया विभाग की टीम पिछले 20 माह से अधूरे नाम पते के सहारे युवक के असली नाम पते को खोज निकाला है। युवक का असली नाम पता मिलने के बाद युवक को वापस लाने के लिए डीएम और एसपी के अनुमति के बाद एलआईयू ने विदेश मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अनु सचिव को मेल कर दिया गया  है। उम्मीद है कि भटक कर पाकिस्तान पहुंचे पुनवासी की जल्द भारत वापसी होगी।

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पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को जानकारी दिया था कि बॉर्डर क्रास करते समय 2009 में एक युवक पाकिस्तान चला आया। 2009 में उसके ऊपर पाकिस्तान के नौलखा लाहौर में मुकदमा दर्ज है। पाकिस्तान से मिले पते के आधार पर राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए गृह मंत्रालय का विदेशी प्रभाग उसके परिजनों को खोज रहा था।
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प्रदेश सरकार के अनु सचिव विनय कुमार सिंह ने छह फरवरी 2019 को डीएम मिर्जापुर को पत्र लिखा है। इसमें गृह मंत्रालय भारत सरकार के पत्र का हवाला देते हुए युवक के बारे में मिली जानकारी से उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि करने के लिए पत्र लिखा।
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पाकिस्तान की जेल में बंद युवक ने अपना नाम पनवासी लाल, पिता का नाम कुंदन लाल बताया।  अपना पता सिटी लाल तहसील पुलिस स्टेशन समहर कटरा, मिर्जापुर यूपी इंडिया बताया था। इस नाम पते के सहारे खुफिया विभाग पिछले 20 माह से उसकी खोजबीन कर रहा था।

नाम पता गलत होने से समस्या आई, पर अंतत: उसका असली नाम और पते की तस्दीक कर उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि की गई।  35 वर्षीय की पहचान देहात कोतवाली क्षेत्र के भरुहना गांव निवासी पुनवासी लाल पुत्र स्व. कन्हैयालाल के रूप में हुई।  

उसकी बहन किरन निवासीबसइटा बहुती बलहरा थना लालगंज और चचेरे भाई जवाहिर पुत्र प्यारेलाल ने फोटो देखकर उनकी शिनाख्त की। राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद विदेश मंत्रालय और प्रदेश सरकार के अनुसचिव को मेल कर जानकारी भेज दी गई।

पाकिस्तान के जेल में बंद पुनवासी के राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए विदेश मंत्रालय का पत्र जिलाधिकारी के पास आया था। नाम व पता सही न होने से 20 माह के अथक प्रयास के बाद उसके नाम पते की तस्दीक की गई। राष्ट्रीयता की पुष्टि के बाद प्रदेश सरकार के अनु सचिव और विदेश मंत्रालय को मेल कर दिया गया है। अब वहां से उसे वापस लाने की प्रक्रिया शुरु की जाएगी।
संजय कुमार, प्रभारी एसपी

Mirzapur's youth is in jail for 11 years
भारत और पाकिस्तान का ध्वज - फोटो : अमर उजाला

बहुत मुश्किल था पता लगाना

मिर्जापुर। मिर्जापुर की एलआईयू ने एक बड़ा काम किया है। अधूरे नाम पते के बाद भी पाकिस्तान के जेल में बंद युवक का असली नाम और पता खोज निकाला। 20 माह में नाम पता न मिलने पर एलआईयू चाहती तो नाम पता न मिलने की जानकारी भेज सकती थी, पर एलआईयू की टीम ने अपनी मेहनत के दम पर उसका पता खोज निकाला।

छह भाइयों में सबसे छोटा है पुनवासी, बस बहन है जिंदा

पाकिस्तान की जेल में बंद पुनवासी अनुसूचित जाति का है। पुनवासी छह भाई और एक बहन है। पुनवासी के पांच भाई मूरली, गोनू, मिठाई लाल, मतरु व शंकर की मौत हो चुकी है। बहन किरन की शादी लालगंज थाना क्षेत्र के बसइटा बहुती बलहरा गांव में मुन्नू से हुई है। मुन्नू ने बताया कि पुनवासी की माता श्याम दुलारी और पिता कन्हैया लाल व पांच भाईयों का निधन हो चुका है।

बताया कि मुन्नी 20 या 22 वर्ष का था, जब उनके यहां रहता था। देहात कोतवाली के भरुहना स्थित अपने घर जाता था, फिर बहन के घर रहने आता था। बताया कि उन्होंने ही उसका विवाह किया था। विवाह के गौना हुआ। छह माह बाद दोंग की तारीख तय हुई। उसके 20 दिन पहले वह लापता  हो गया।  बताया कि वह शादियों में बैंड बाजा में ताशा बजाता था।

मानसिक रूप से अस्वस्थ होने के कारण घर से कब लापता हो गया पता नहीं चला। बताया कि लापता होने के पांच दिन पहले वह बहन के घर पर ही था। उसके न मिलने पर खोजबीन की गई, पर वह नहीं मिला। अब उसके पाकिस्तान में की जेल में बंद होने  की जानकारी मिली है। जेल में बंद होने का दु:ख है, पर इस बात की खुशी भी है कि वह जिंदा और सही सलामत है।
 

Mirzapur's youth is in jail for 11 years
पाकिस्तान का झंडा - फोटो : Social media

मिर्जापुर जिले का जो नागरिक पाकिस्तान की जेल में बंद है। उसे वापस लाने के लिए प्रयास किया जाएगा। उसके परिवार की बात को शासन तक पहुंचाया जाएगा।
रत्नाकर मिश्र, नगर विधायक

पाकिस्तान की जेल में बंद मिर्जापुर के नागरिक को वापस लाने के लिए सरकार अपना काम कर रही है। उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि हो गई है तो उसे जल्द वापस लाने का कार्य विदेश विभाग करेगा। अपने तरह से भी शासन को जल्द वापसी की कार्रवाई के लिए पत्र लिखा जाएगा।
राहुल कोल, छानबे विधायक

 

संभवत: पुनवासी की सजा हो चुकी है पूरी

पुनवासी गलती से बार्डर पार कर पाकिस्तान के पहुंच गया। 2009 से वह जेल में बंद है। 2019 में पाकिस्तान सरकार ने भारतीय विदेश मंत्रालय को उसके राष्ट्रीयता की पुष्टि के लिए उसकी जानकारी इसलिए भेजा था। पुलिस और अन्य जानकारी के मुताबिक अब तक उसकी सजा पूरी हो गई होगी। उसकी राष्ट्रीयता की पुष्टि होने के बाद उसे वापस लाने की प्रक्रिया होगी।

अनपढ़ और मानसिक रूप से अस्वस्थ  है बंदी

मिर्जापुर। भारतीय बंदी से पाकिस्तान की जेल में पूछताछ की गई है। उसने जो जानकारी दी है उसे एक फॉर्म में भरा गया है। इस फॉर्म में बंदी ने अंगूठे का निशान लगाया है। उसके सिर में कट का निशान है। गृह मंत्रालय के लेटर में यह भी बताया गया है कि वह मानसिक रूप से अस्वस्थ है।

हापुड़ और सहारनपुर में भी हुई थी खोज

मिर्जापुर के साथ हापुड़ और सहारनपुर के डीएम को भी पत्र लिखा गया है। पाकिस्तान से जो पता आया था उसमें मिर्जापुर का जिक्र था। मिर्जापुर जिला तो है ही, कई जिलो में मिर्जापुर नाम से गांव व अन्य स्थान भी है। इसे देखते हुए इन सहारनपुर और हापुड़ के डीएम को भी पत्र लिखा गया था। डिटेल में जो पता दिया गया है, उससे मिर्जापुर जिले के नागरिक होने की संभावना अधिक लग रही थी। आखिर का वह मिर्जापुर जिले का ही नागरिक निकला।

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