मिर्जापुर जिले में 18 लोगों से भरी नाव गंगा में डूब गई। मौके पर पहुंचे मल्लाहों की मदद से पुलिस ने राहत बचाव कार्य चलाया। सभी लोग राम गया घाट से गंगा के उस पार मजदूरी करने जा रहे थे। नाव में पुरुष, महिलाएं और लड़कियां भी सवार थीं। वहीं, इस मामले पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को हर संभव मदद करने का निर्देश दिया है। देखें अगली स्लाइड्स...।
जानकारी के अनुसार, विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के राम गया घाट से नाव पर सवार होकर गंगा पार मटर के खेत में मजदूरी करने जा रहे 18 लोग नाव पलटने से नदी में डूबने लगे। शोर मचाने पर गंगा किनारे मौजूद मल्लाहों ने पुलिस को सूचना देकर नाव से बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस की मदद से मल्लाहों ने गंगा में डूब रहे 18 लोगो को बचा लिया। 13 लोगों को बाहर निकाल कर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां से एक को मंडलीय अस्पताल रेफर कर दिया गया। फिलहाल सभी को बचा लिया गया है।
मजदूरी करने जा रहे थे सभी लोग :
जानकारी के अनुसार, विंध्याचल कोतवाली क्षेत्र के राम गया घाट के आसपास रहने वाले लोग गंगा पार मटर के खेत में मजदूरी करने के लिए जाते हैं। मंगलवार की सुबह 10 बजे चार नाव से सभी गंगा पार जा रहे थे। इसमें तीन बड़ी नावों पर सवार होकर सभी लोग गंगा के उस पार पहुंच गए लेकिन छोटी नाव में सवार 18 लोगों की नाव बीच गंगा में पलट गई।
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लोगों को अस्पताल में भर्ती कराने लाया युवक।
- फोटो : अमर उजाला
मल्लाहों की ममद से बाहर निकाला
नाव पलटने पर उसमें सवार एक पुरुष और महिला व लड़कियां डूबने लगीं। नाव डूबते देख वहां मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को फोन कर सूचना दी। मौके पर मल्लाह और पुलिस भी पहुंच गई। मल्लाहों न पुलिस की मदद से सभी 18 लोगों को गंगा से बाहर निकाल लिया। इस दौरान पुलिस ने 13 पुरुष व महिलाओं को विंध्याचल के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। वहीं, एक की हालत गंभीर देखते हुए मंडलीय अस्पताल भेज दिया गया। 12 लोगों को सीएचसी में भर्ती कराया है, जहां उपचार चल रहा है।
नाव डूबने की हुई घटना पर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी संज्ञान लिया है। उन्होंने वरिष्ठ अधिकारियों को तत्काल मौके पर पहुंचकर बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही हर संभव मदद उपलब्ध कराने के लिए कहा है।