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Mirzapur News: एक झटके में काल के गाल में समा गए मिर्जामुराद के युवा
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मिर्जापुर। प्रयागराज वाराणसी हाईवे पर बृहस्पितवार की देर रात भीषण दुर्घटना में मिर्जामुराद क्षेत्र के दो गांवों की युवा काल के गाल में समा गए। ट्रक चालक की लापरवाही का शिकार हुए 10 मृतकों में आठ युवक और एक नाबालिग शामिल था। एक झटके में कई घरों की आस तो कई घरों के चिराग बुझ गए। अब परिजनों के पास केवल उनकी याद और पछतावा भर रह गया है।
भदोही के तिउरी गांव में किसी को छत देकर लौट रहे मजदूरों की युवा टोली को क्या पता था कि आगे मौत उनका इंतजार कर रही है। कड़ी मेहनत के बाद घर पहुंचकर आराम का सपना देख रहे युवाओं के ऊपर अचानक ट्रक आफत बनकर टूटा। ट्रक दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें आठ लोग युवक तो एक नाबालिग है। 30 से कम उम्र वालों में भानु प्रताप, विकास , सूरज कुमार, सनोहर कुमार, राकेश कुमार, राहुल कुमार, नितिन कुमार और रोशन कुमार (नाबालिग) शामिल है। वहीं दो अन्य मृतक में अनिल कुमार 35, प्रेम कुमार 40 शामिल रहे। घायलों में भी दो युवा शामिल रहे।
ट्रैक्टर पर बैठने जा रहे बद्री नाथ को अंतिम समय में रोका
तिउरी में ढलाई का काम खत्म कर सभी लोग ट्रैक्टर पर बैठ गए। 70 वर्षीय बद्री नाथ (70) भी ट्रैक्टर पर बैठने ही जा रहे थे कि बाइक से साथी अजीत ने उन्हें रोकते हुए दो पहिया से चलने को कहा। सोचने विचारने के बाद वे बाइक से चलने को तैयार हो गए। वहीं ट्रैक्टर पर सवार लोगों का सामना काल से हुआ पर बद्री नाथ बाल बाल बच गए।
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15 मौत, लाश गायब की अफवाह पर भड़के ग्रामीण, दो बार रोका रास्ता
कछवां। ट्रक की टक्कर से हुई भीषण दुर्घटना के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। क्षत विक्षत शव और दुर्घटना के बाद वाहन के इधर उधर बिखरे हिस्से बता रहे थे कि भयानक हादसा हो गया है। ऐसे में अफवाह फैली की 17-18 लोग मर गए हैं। फिर 15 की चर्चा होने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया तो लाश छिपाने जैसे आरोप भी लगे। पहले एक बार स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया पर प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता पर कुछ मिनट बाद ही जाम खुलवा दिया गया। फिर सुबह एक बार फिर मिर्जामुराद से आए परिजनों ने घटनास्थल के समीप जाम लगा दिया। एक बार फिर से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बिलखते परिजन कह रहे थे कि पुलिस मौत छिपा रही है, लाश गायब कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर वहां मौजूद लोगों को एक एक सच्चाई और प्रक्रिया बताई। पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने की बात बताई गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम गुलाब चंद्र और सीओ अमर बहादुर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया। फिर जाकर जाम समाप्त हुआ।
जूता मोजा उतारकर नालों में उतरे पुलिसकर्मी
कछवां। कटका में हुए भीषण सड़क हादसे की सूचना पर जब मौके पर पुलिस पहुंची तो वहां लेकर आस पास सड़क पर मानव अंग बिखरे पड़े थे तो वहीं सड़क के समीप बह रहे नाले में भी वाहन के नीचे कई लोग दबे थे। कुछ शवों के अंग कटे थे। घटना स्थल के करीब सहायता कम तमाशा देखने वालों की भीड़ ज्यादा थी। ऐसे में एसपी अभिनंदन के नेतृत्व में एएसपी नक्सल ओपी सिंह, सीओ सदर अमर बहादुर, कछवां थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन, देहात कोतवाल अजय सेठ, कछवां चौकी इंचार्ज अवनीश राय सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने राहत बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। क्षत विक्षत शवों को एकत्रित कर उन्हें संरक्षित किया गया फिर जूता मोजा उतार वर्दी पर गंदा लगने व तीक्ष्ण बदबू की परवाह किए बिना कई पुलिसकर्मी नाले में उतर गए। वहां दबे लोगों को बाहर निकाला। सक्रियता से ही तीन लोगों की जान बच पाई। आस पास के लोगों ने जब यह नजारा देखा तो वो भी आगे आकर पुलिसकर्मियों की मदद करने लगे।
मृतकों के परिजनों को दी जाएगी चार लाख रुपये की मदद
मिर्ज़ापुर। सभी मृतकों के परिजनों को पीएम और सीएम सहायता राहत कोष से दो-दो लाख, कुल मिलाकर चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही घायलों की भी आर्थिक मदद की जाएगी। इसके साथ ही इस भीषण दुर्घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार आशीष पटेल ने शोक संवेदना व्यक्त की है।
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भदोही के तिउरी गांव में किसी को छत देकर लौट रहे मजदूरों की युवा टोली को क्या पता था कि आगे मौत उनका इंतजार कर रही है। कड़ी मेहनत के बाद घर पहुंचकर आराम का सपना देख रहे युवाओं के ऊपर अचानक ट्रक आफत बनकर टूटा। ट्रक दुर्घटना में 10 लोगों की मौत हो गई। इनमें आठ लोग युवक तो एक नाबालिग है। 30 से कम उम्र वालों में भानु प्रताप, विकास , सूरज कुमार, सनोहर कुमार, राकेश कुमार, राहुल कुमार, नितिन कुमार और रोशन कुमार (नाबालिग) शामिल है। वहीं दो अन्य मृतक में अनिल कुमार 35, प्रेम कुमार 40 शामिल रहे। घायलों में भी दो युवा शामिल रहे।
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ट्रैक्टर पर बैठने जा रहे बद्री नाथ को अंतिम समय में रोका
तिउरी में ढलाई का काम खत्म कर सभी लोग ट्रैक्टर पर बैठ गए। 70 वर्षीय बद्री नाथ (70) भी ट्रैक्टर पर बैठने ही जा रहे थे कि बाइक से साथी अजीत ने उन्हें रोकते हुए दो पहिया से चलने को कहा। सोचने विचारने के बाद वे बाइक से चलने को तैयार हो गए। वहीं ट्रैक्टर पर सवार लोगों का सामना काल से हुआ पर बद्री नाथ बाल बाल बच गए।
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15 मौत, लाश गायब की अफवाह पर भड़के ग्रामीण, दो बार रोका रास्ता
कछवां। ट्रक की टक्कर से हुई भीषण दुर्घटना के बाद अफवाहों का बाजार गर्म हो गया। क्षत विक्षत शव और दुर्घटना के बाद वाहन के इधर उधर बिखरे हिस्से बता रहे थे कि भयानक हादसा हो गया है। ऐसे में अफवाह फैली की 17-18 लोग मर गए हैं। फिर 15 की चर्चा होने लगी। मौके पर पहुंची पुलिस ने बचाव कार्य शुरू किया तो लाश छिपाने जैसे आरोप भी लगे। पहले एक बार स्थानीय ग्रामीणों ने हाईवे जाम करने का प्रयास किया पर प्रशासनिक अधिकारियों की सक्रियता पर कुछ मिनट बाद ही जाम खुलवा दिया गया। फिर सुबह एक बार फिर मिर्जामुराद से आए परिजनों ने घटनास्थल के समीप जाम लगा दिया। एक बार फिर से दोनों तरफ वाहनों की लंबी कतार लग गई। बिलखते परिजन कह रहे थे कि पुलिस मौत छिपा रही है, लाश गायब कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने एक बार फिर वहां मौजूद लोगों को एक एक सच्चाई और प्रक्रिया बताई। पोस्टमार्टम हाउस में शव रखने की बात बताई गई। मौके पर पहुंचे एसडीएम गुलाब चंद्र और सीओ अमर बहादुर ने लोगों को समझा बुझाकर शांत कराया और प्रशासनिक मदद का भरोसा दिलाया। फिर जाकर जाम समाप्त हुआ।
जूता मोजा उतारकर नालों में उतरे पुलिसकर्मी
कछवां। कटका में हुए भीषण सड़क हादसे की सूचना पर जब मौके पर पुलिस पहुंची तो वहां लेकर आस पास सड़क पर मानव अंग बिखरे पड़े थे तो वहीं सड़क के समीप बह रहे नाले में भी वाहन के नीचे कई लोग दबे थे। कुछ शवों के अंग कटे थे। घटना स्थल के करीब सहायता कम तमाशा देखने वालों की भीड़ ज्यादा थी। ऐसे में एसपी अभिनंदन के नेतृत्व में एएसपी नक्सल ओपी सिंह, सीओ सदर अमर बहादुर, कछवां थानाध्यक्ष त्रिवेणी लाल सेन, देहात कोतवाल अजय सेठ, कछवां चौकी इंचार्ज अवनीश राय सहित अन्य पुलिसकर्मियों ने राहत बचाव कार्य की जिम्मेदारी संभाली। क्षत विक्षत शवों को एकत्रित कर उन्हें संरक्षित किया गया फिर जूता मोजा उतार वर्दी पर गंदा लगने व तीक्ष्ण बदबू की परवाह किए बिना कई पुलिसकर्मी नाले में उतर गए। वहां दबे लोगों को बाहर निकाला। सक्रियता से ही तीन लोगों की जान बच पाई। आस पास के लोगों ने जब यह नजारा देखा तो वो भी आगे आकर पुलिसकर्मियों की मदद करने लगे।
मृतकों के परिजनों को दी जाएगी चार लाख रुपये की मदद
मिर्ज़ापुर। सभी मृतकों के परिजनों को पीएम और सीएम सहायता राहत कोष से दो-दो लाख, कुल मिलाकर चार लाख रुपये की मदद दी जाएगी। साथ ही घायलों की भी आर्थिक मदद की जाएगी। इसके साथ ही इस भीषण दुर्घटना को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल, कैबिनेट मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार आशीष पटेल ने शोक संवेदना व्यक्त की है।