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मिलरों के पास बकाया है 24 हजार टन चावल

Tue, 09 Jun 2020 10:51 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Tue, 09 Jun 2020 10:51 PM IST
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Millers have 24 thousand tonnes of rice outstanding
मिर्जापुर। धान की खरीद को समाप्त हुए चार महीना हो गया लेकिन मिल मालिकों के पास विभाग का चावल अभी भी बकाया है। समय से धान का उठान करने के बाद भी मिलर चावल देने से कतरा रहे हैं। आरोप लगाया जा रहा है कि विलंब की आड़ में घोटाला हो सकता है।
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धान की खरीद एक नवंबर 2019 से शुरू होकर 29 फरवरी 2020 तक हुई थी। लक्ष्य एक लाख 30 हजार टन निर्धारित था। विभाग ने लक्ष्य से अधिक खरीद कर लगभग डेढ़ लाख टन के आसपास खरीद की थी। इसी के साथ ही चावल के लिए खरीदे गए धान मिल मालिक को दिया जाता रहा। अधिकतर चावल तो विभाग को वापस मिल गया लेकिन लगभग 24 हजार टन चावल मिलरों के यहां अटक गया है। आरोप है कि इसी चावल को लेकर घोटाला हो सकता है। हालांकि अभी चावल जमा करने की तिथि 30 जून तक है लेकिन जिस गति से कार्य हो रहा है उससे नहीं लगता है कि यह चावल तय तिथि तक विभाग में पहुंच सकेगा। जिला खाद्य एवं विपणन अधिकारी अजित कुमार त्रिपाठी ने कहा कि चावल के लिए जिले के 32 मिलरों को नोटिस भेजी गई है ताकि समय सीमा के अंदर विभाग को उसका चावल प्राप्त हो सके। यदि इसके बाद भी चावल नहीं मिलता है तो कार्रवाई की जाएगी।
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अकेले खाद्य विभाग के शेष हैं 13 हजार टन चावल
मिर्जापुर। इन बकाया चावल में अकेले खाद्य विभाग के ही 13 हजार टन चावल हैं। शेष अन्य एजेंसियों के हैं जिसमें पैक्फेड, नेफेड, साधन सहकारी समिति, कर्मचारी कल्याण निगम व अन्य शामिल हैं। विभाग का कहना है कि वह बराबर चावल के लिए मिलरों को सूचित कर रहा है लेकिन अभी तिथि शेष होने के कारण उन पर दबाव नहीं बन पा रहा है।
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