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Mirzapur News: टैबलेट के माध्यम से होगी मध्याह्न भोजन की निगरानी
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मिर्जापुर। प्रदेश के सभी जिलों में आईवीआरएस लागू की गई है। इससे मध्याह्न भोजन की निगरानी की बात कही भी जा रही थी, लेकिन अभी तक जिले को इस व्यवस्था का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। इसलिए मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए अब टैबलेट से इस व्यवस्था को जोड़ने की बात कही जा रही है। मध्याह्न भोजन की निगरानी के लिए जिले को 2765 टैबलेट मिलने वाले हैं।
इस व्यवस्था के तहत सभी विद्यालयों से प्रतिदिन यह सूचना मांगी जाती है कि कहां-कहां मध्याह्न भोजन बनाए गए और कितने बच्चों ने भोजन किया। इस पर संबंधित शिक्षकों को जवाब देना होता है। जो शिक्षक अथवा विद्यालय इस फोन काल का जवाब नहीं देते हैं, उनका विवरण इस व्यवस्था की वेबसाइट पर दर्ज हो जाता है। उसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होती है। जिले में भी यह व्यवस्था लागू है, लेकिन अब इसे टैबलेट से जोड़ा जाना है। इससे मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी को गति मिलेगी। विभाग के लोगों का कहना है कि शासन से टैबलेट मिलने वाले थे, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। इसके चलते अभी मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पुराने तरीके से ही संचालित है। टैबलेट उपलब्ध होते ही यह प्रणाली जिले में भी शुरू हो जाएगी। शासनस्तर से जिले को 2765 टैबलेट उपलब्ध कराए जाने हैं। ये टैबलेट जिले के 1806 विद्यालयों में आवश्यकतानुसार वितरित किए जाएंगे। जहां बच्चों की अधिक संख्या है, वहां दो तथा जहां कम बच्चे हैं वहां एक टैबलेट दिए जाएंगे। कम से कम एक टैबलेट हर विद्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन समुचित रूप से हो सके। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि जिले को टैबलेट का आवंटन कर दिया गया है। शीघ्र ही टैबलेट उपलब्ध हो जाएंगे। शासन के निर्देशाें के अनुरूप कार्य कराए जाएंगे।
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इस व्यवस्था के तहत सभी विद्यालयों से प्रतिदिन यह सूचना मांगी जाती है कि कहां-कहां मध्याह्न भोजन बनाए गए और कितने बच्चों ने भोजन किया। इस पर संबंधित शिक्षकों को जवाब देना होता है। जो शिक्षक अथवा विद्यालय इस फोन काल का जवाब नहीं देते हैं, उनका विवरण इस व्यवस्था की वेबसाइट पर दर्ज हो जाता है। उसके बाद संबंधित के खिलाफ कार्रवाई होती है। जिले में भी यह व्यवस्था लागू है, लेकिन अब इसे टैबलेट से जोड़ा जाना है। इससे मध्याह्न भोजन योजना की निगरानी को गति मिलेगी। विभाग के लोगों का कहना है कि शासन से टैबलेट मिलने वाले थे, लेकिन अभी तक उपलब्ध नहीं कराए जा सके हैं। इसके चलते अभी मध्याह्न भोजन की व्यवस्था पुराने तरीके से ही संचालित है। टैबलेट उपलब्ध होते ही यह प्रणाली जिले में भी शुरू हो जाएगी। शासनस्तर से जिले को 2765 टैबलेट उपलब्ध कराए जाने हैं। ये टैबलेट जिले के 1806 विद्यालयों में आवश्यकतानुसार वितरित किए जाएंगे। जहां बच्चों की अधिक संख्या है, वहां दो तथा जहां कम बच्चे हैं वहां एक टैबलेट दिए जाएंगे। कम से कम एक टैबलेट हर विद्यालय को उपलब्ध कराया जाएगा, ताकि विभागीय योजनाओं का क्रियान्वयन समुचित रूप से हो सके। जिला बेसिक शिक्षाधिकारी अनिल कुमार वर्मा का कहना है कि जिले को टैबलेट का आवंटन कर दिया गया है। शीघ्र ही टैबलेट उपलब्ध हो जाएंगे। शासन के निर्देशाें के अनुरूप कार्य कराए जाएंगे।
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