मिर्जापुर। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम ने बुधवार को वर्चुअल बैठक कर प्राचार्य और फेकेल्टी के लोगों से मेडिकल काॅलेज में व्यवस्था आदि की जानकारी ली। टीम ने दो माह के अंदर व्यवस्था में सुधार का निर्देश दिया। दो माह बाद फिर जानकारी ली जाएगी।
मां विंध्यवासिनी स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में एमबीबीएस के चौथे बैच में प्रवेश होना है। इसके लिए मेडिकल काॅलेज में डाॅक्टर के अलावा स्टॉफ, हास्टल और अन्य सुविधाएं होनी चाहिए। इसे देखते हुए राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की टीम मानकों के अनुरूप निरीक्षण करती है। राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग की तीन सदस्यीय टीम ने बुधवार को वर्चुअल बैठक कर व्यवस्था मेडिकल कॉलेज में व्यवस्था आदि की जानकारी ली। बैठक में मेडिकल काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल, एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह, फेकेल्टी के प्रभारी आचार्य तथा डॉक्टर शामिल रहे।बैठक के दौरान आयोग की टीम ने फेकेल्टी, ओपीडी, पैथाॅलाजी में जांच, छात्रों के हास्टल की संख्या, डाॅक्टरों की संख्या आदि के बारे में जानकारी ली। डाॅक्टरों की संख्या कम होने पर टीम ने इसे बढ़ाने के लिए कहा तो प्राचार्य डॉ. आरबी कमल ने बताया कि लगभग 20 डाॅक्टरों की आचार संहिता समाप्त होने के बाद नियुक्ति कराई जाएगी। रेडियोलाॅजिस्ट की संख्या कम होने पर भी आयोग की टीम ने इसे बढ़ाने के लिए कहा। चिकित्सा आयोग टीम ने कॉलेज प्रशासन को दो माह में कमियां दूर करने के लिए कहा। साथ ही यह भी कहा कि दो माह बाद फिर जानकारी ली जाएगी।