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गर्मी की छुट्टी में भी एमडीएम
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर।
Updated Thu, 19 May 2016 12:36 AM IST
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गर्मी की छुट्टियों के दौरान भी बच्चों को स्कूलों में एमडीएम के तहत भोजन मिलेगा। जिससे सूखाग्रस्त क्षेत्र के बच्चों को भोजन की परेशानी न हो। शासन द्वारा मिर्जापुर को सूखाग्रस्त घोषित करने के बाद बीएसए ने दिशा निर्देश जारी किया। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने मिर्जापुर सहित प्रदेश के 50 जिलों को सूखाग्रस्त घोषित किया गया है। इसके बाद परिषदीय स्कूलों में बच्चों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान मिड-डे मील मुहैया कराया जाएगा।
जिससे गर्मी के दिनों में एमडीएम आच्छादित स्कूलों के बच्चों को भोजन मिल सके। इसके लिए मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद सूखाग्रस्त जिलों के परिषदीय स्कूलों में 21 मई से 30 जून तक मिड-डे मील उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बता दें कि जिले में 1611 प्राथमिक, 599 उच्च प्राथमिक, 24 सहायता प्राप्त, 52 माध्यमिक, छह राजकीय, दस कस्तूरबा सहित लगभग 2210 स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है।
इस वर्ष सूखे के चलते किसानों और गरीब तबके के लोगाें की हालत काफी खराब है। इसको देखते हुए एमडीएम बनवाने का निर्णय लिया गया है। डीसी एमडीएम रवींद्र मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गर्मी की छुट्टी में एमडीएम बनवाना है। विद्यालयों के एमडीएम प्रभारी भोजन बनवाना सुनिश्चित करें।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।अमर नाथ सिंह का कहना है किसूखा प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए एमडीएम बनवाना है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में एमडीएम के तहत भोजन बनवाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। एमडीएम नहीं बनवाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
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जिससे गर्मी के दिनों में एमडीएम आच्छादित स्कूलों के बच्चों को भोजन मिल सके। इसके लिए मध्याह्न् भोजन प्राधिकरण ने शासन को प्रस्ताव भेजा था। जिसके बाद सूखाग्रस्त जिलों के परिषदीय स्कूलों में 21 मई से 30 जून तक मिड-डे मील उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया। बता दें कि जिले में 1611 प्राथमिक, 599 उच्च प्राथमिक, 24 सहायता प्राप्त, 52 माध्यमिक, छह राजकीय, दस कस्तूरबा सहित लगभग 2210 स्कूलों में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत बच्चों को दोपहर का भोजन दिया जाता है।
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इस वर्ष सूखे के चलते किसानों और गरीब तबके के लोगाें की हालत काफी खराब है। इसको देखते हुए एमडीएम बनवाने का निर्णय लिया गया है। डीसी एमडीएम रवींद्र मिश्रा ने बताया कि शासन के निर्देशानुसार गर्मी की छुट्टी में एमडीएम बनवाना है। विद्यालयों के एमडीएम प्रभारी भोजन बनवाना सुनिश्चित करें।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी।अमर नाथ सिंह का कहना है किसूखा प्रभावित क्षेत्रों में बच्चों के लिए एमडीएम बनवाना है। सभी खंड शिक्षा अधिकारी अपने अपने क्षेत्र में एमडीएम के तहत भोजन बनवाए। इसमें किसी प्रकार की लापरवाही क्षम्य नहीं होगी। एमडीएम नहीं बनवाने वाले शिक्षकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।