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Mirzapur News: ठंड के दौरान धूप में मालिश से छोटे बच्चे हो रहे बीमार, जान पर संकट

Sat, 27 Dec 2025 01:23 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 27 Dec 2025 01:23 AM IST
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Massage in the sun during winter is making small children sick, life-threatening.
मिर्जापुर। ठंड में धूप लेने से शरीर को राहत मिलती है पर छोटे बच्चों की मालिश करना घातक साबित हो रहा है। मालिश के दौरान बच्चों को धूप के साथ ठंडी हवा भी लगती है जो उन्हें नुकसान पहुंचाती है। धूप में मालिश के चलते ही एक सप्ताह पहले एक दिन के बच्चे की मौत हो गई थी। ओपीडी में रोज धूप में मालिश करने से बीमार होने वाले नवजात से दो वर्ष तक के 10 से 15 मासूम आ रहे हैं। मंडलीय अस्पताल के वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. देवराज यादव ने बताया कि नवजात से लेकर दो वर्ष तक के बच्चों की धूप में मालिश न करें। मालिश करने से कोई विशेष लाभ नहीं होता है। अगर करना है तो कमरे के अंदर करें। शहर से लेकर गांव तक महिलाएं ठंड में धूप निकलने पर बच्चे को बाहर कपड़े उतारकर मालिश करने लगती है। मालिश करने के दौरान शरीर पर कपड़ा नहीं रहता है। धूप भले निकली रहती है पर सर्द हवाएं चलती रहती हैं। ठंडी हवा लगने से बच्चे बीमार हो जाते हैं। ओपीडी में भी प्रतिदिन सर्दी-जुकाम और खांसी के मरीज आ रहे है। पूछने पर पता चलता है कि धूप में मालिश कर रहे थे। ओपीडी में रोज धूप में मालिश करने से बीमार होने वाले नवजात से दो वर्ष तक के 10 से 15 मासूम आ रहे हैं। वहीं ठंड बढ़ने पर सर्दी-जुकाम और खांसी वाले मरीजाें की संख्या दो गुनी हो गई है। दिसंबर की शुरुआत में ओपीडी मेें 50 बच्चे आते थे तो अब 100 से अधिक आ रहे हैं।
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धूप में मालिश से एक दिन के नवजात की हुई मौत-वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डा. देवराज यादव ने बताया कि एक सप्ताह पहले एक नवजात के नाल कटने से नाभी से रक्त आ रहा था। उसका इलाज किया गया। वह स्वस्थ गया। परिजनों ने अगले दिन सुबह धूप में उसकी मालिश कर दी, उसे दूध भी नहीं पिलाया गया ता। इससे बच्चा हाइपोग्लाइसेमिया में आ गया, शुगर कम हो गया। इससे रात में उसकी मौत हो गई।
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निमोनिया के मरीज बढ़े-मिर्जापुर। ठंड बढ़ने के बाद निमोनिया के मरीज भी आने लगे हैं। डा. देवराज यादव ने बताया कि निमोनिया में बच्चे में कफ, फीवर और सांस फूलने की समस्या आती है। इन दिनों रोज निमोनिया से पीडि़त 2-3 बच्चे ओपीडी में आ रहे हैं। इस समय निमोनिया से पीडि़त पांच बच्चे भर्ती हैं। ठंड और बढ़ने पर निमोनिया के केस बढ़ने की आशंका है।
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