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बदहाल पड़े हैं शहीद स्मारक, जिम्मेदार उदासीन
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जिले में शहीदों की स्मृति में बनवाए गए स्मारक स्थल बदहाल पड़े हैं। कई जगह तो साफ-सफाई ही नहीं होती है। वर्ष में कभी कभार जाकर लोग जरूर उन शहीदों की मूर्ति पर माल्यार्पण कर याद कर लेते हैं।
नगर के दक्षिण दिशा में बथुआ में लोहंदी नदी के पास गांधी घाट है। यहां पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में एक स्मारक स्थल बनवाया गया है। जिसमें उनकी मूर्ति स्थापित की गई है। इसके चारों तरफ बाग बगीचे लगाए गए थे। मूर्ति वाले स्थल को तो ग्रील से घेर दिया गया है और दरवाजा लगा दिया गया है, लेकिन देखरेख के अभाव में आसपास स्थित बाग बगीचे झाड़ी में तब्दील हो गए हैं। जो व्यक्ति गांधी जी की मूर्ति तक पहुंचना चाहता है, उसको इस झाड़ झंखाड़ और गंदगी से होकर ही गुजारना पड़ेगा। बताया जाता है कि लगभग 100 वर्ष पहले जब गांधीजी लालगंज की ओर जा रहे थे तो इसी जगह लोहंदी नदी में उन्होंने हाथ-पैर और मुंह धोने के बाद कुछ देर के लिए विश्राम किया था। उन्हीं की स्मृति में यह स्मारक स्थल बनवाया गया है। इसी प्रकार नगर के बीचोबीच फतहां स्थित प्रधान डाकघर के सामने शहीद भगत सिंह पार्क है। इस पार्क को अमर शहीद भगत सिंह की याद में बनवाया गया है। यहां पर शहीद की मूर्ति भी स्थापित है। सफाई के अभाव में पार्क गंदगी का ढेर लगा हुआ है। जगह-जगह कूड़ा और खाली बोतल या केन पड़े हुए हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार शहीद पार्क के प्रति कितने संजीदा हैं। यह स्थिति तब है जबकि समय-समय पर यहां कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन गंदगी की सफाई की तरफ से किसी का ध्यान नहीं जाता। उधर, नगर के गुड़हट्टी मोहल्ले में स्थित बीएलजे इंटर कॉलेज में इसी विद्यालय के छात्र रहे अमर शहीद नरेश चंद्र श्रीवास्तव की प्रतिमा स्थापित की गई है। विद्यालय में होने के कारण इस प्रतिमा का रखरखाव और उसकी साफ-सफाई लगातार होती रहती है। नरेश चंद्र अंग्रेजों के खिलाफ हुए संघर्ष में अपने साथियों के साथ पहाड़ा स्टेशन को फूंकने के दौरान गंभीर रूप से जल गए थे। जिससे बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी स्मृति में इस विद्यालय में उनकी मूर्ति स्थापित की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल का कहना है कि जो भी स्मारक स्थल हैं, उनकी नगर पालिका साफ-सफाई कराती है। कुछ जगहों को कुछ संस्थाओं ने गोद लिया है, उसके बाद भी पालिका सफाई कराती है। स्वतंत्रता दिवस हो या इसी प्रकार के अन्य कोई राष्ट्रीय पर्व हों, ऐसे जगहों की साफ सफाई अवश्य कराई जाती है।
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नगर के दक्षिण दिशा में बथुआ में लोहंदी नदी के पास गांधी घाट है। यहां पर राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की स्मृति में एक स्मारक स्थल बनवाया गया है। जिसमें उनकी मूर्ति स्थापित की गई है। इसके चारों तरफ बाग बगीचे लगाए गए थे। मूर्ति वाले स्थल को तो ग्रील से घेर दिया गया है और दरवाजा लगा दिया गया है, लेकिन देखरेख के अभाव में आसपास स्थित बाग बगीचे झाड़ी में तब्दील हो गए हैं। जो व्यक्ति गांधी जी की मूर्ति तक पहुंचना चाहता है, उसको इस झाड़ झंखाड़ और गंदगी से होकर ही गुजारना पड़ेगा। बताया जाता है कि लगभग 100 वर्ष पहले जब गांधीजी लालगंज की ओर जा रहे थे तो इसी जगह लोहंदी नदी में उन्होंने हाथ-पैर और मुंह धोने के बाद कुछ देर के लिए विश्राम किया था। उन्हीं की स्मृति में यह स्मारक स्थल बनवाया गया है। इसी प्रकार नगर के बीचोबीच फतहां स्थित प्रधान डाकघर के सामने शहीद भगत सिंह पार्क है। इस पार्क को अमर शहीद भगत सिंह की याद में बनवाया गया है। यहां पर शहीद की मूर्ति भी स्थापित है। सफाई के अभाव में पार्क गंदगी का ढेर लगा हुआ है। जगह-जगह कूड़ा और खाली बोतल या केन पड़े हुए हैं। इसी से अंदाजा लगाया जा सकता है कि जिम्मेदार शहीद पार्क के प्रति कितने संजीदा हैं। यह स्थिति तब है जबकि समय-समय पर यहां कार्यक्रम होते रहते हैं, लेकिन गंदगी की सफाई की तरफ से किसी का ध्यान नहीं जाता। उधर, नगर के गुड़हट्टी मोहल्ले में स्थित बीएलजे इंटर कॉलेज में इसी विद्यालय के छात्र रहे अमर शहीद नरेश चंद्र श्रीवास्तव की प्रतिमा स्थापित की गई है। विद्यालय में होने के कारण इस प्रतिमा का रखरखाव और उसकी साफ-सफाई लगातार होती रहती है। नरेश चंद्र अंग्रेजों के खिलाफ हुए संघर्ष में अपने साथियों के साथ पहाड़ा स्टेशन को फूंकने के दौरान गंभीर रूप से जल गए थे। जिससे बाद में उनकी मृत्यु हो गई। उनकी स्मृति में इस विद्यालय में उनकी मूर्ति स्थापित की गई है। नगर पालिका अध्यक्ष मनोज जायसवाल का कहना है कि जो भी स्मारक स्थल हैं, उनकी नगर पालिका साफ-सफाई कराती है। कुछ जगहों को कुछ संस्थाओं ने गोद लिया है, उसके बाद भी पालिका सफाई कराती है। स्वतंत्रता दिवस हो या इसी प्रकार के अन्य कोई राष्ट्रीय पर्व हों, ऐसे जगहों की साफ सफाई अवश्य कराई जाती है।
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