{"_id":"57bc9ca64f1c1b4c27d4f08c","slug":"maiya-shell-kivdia-late-bhil","type":"story","status":"publish","title_hn":"मइया खोल केवड़िया देर भईल..","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मइया खोल केवड़िया देर भईल..
ब्यूरो, अमर उजाला, मिर्जापुर
Updated Wed, 24 Aug 2016 12:27 AM IST
विज्ञापन
मालिनी अवस्थी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के तत्वावधान में विंध्यधाम में भव्य देवी जागरण का आयोजन किया गया। विंध्यधाम परिसर में आयोजित माता के जगराते में देश के कोने-कोेने से आए कला-साधकों ने अपनी हाजिरी लगाई। वार्षिक आयोजन के तहत समिति द्वारा मां का भव्य श्रृंगार, पूजन, दीपदान, भोग प्रसाद वितरण एवं विशाल भंडारे का भी आयोजन किया गया।
भव्य देवी जागरण का शुभारंभ श्री मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के संस्थापक पं. मोहित मिश्र ने मां विंध्यवासिनी का पूजन व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्री मिश्र ने माता के जगराते में आए सभी कलाकाराें को मां की चुनरी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रख्यात लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने- कचौड़ी गली सून कइली बलमू..सुना कर जहां सावनी बयार बहाई, वहीं मइया खोल न केवड़िया बड़ी देर भईल..तथा नीमिया की डार मईया झूलेली झूलनवां..प्रस्तुत कर वातावरण को पूर्ण रूप से देवीमय बना दिया। इनके साथ तबले पर राजेश मिश्र, आर्गन पर कैलाश पांडेय, बैंजे पर लक्ष्मण पांडेय, पैड पर चंदन विश्वकर्मा, ढोलक पर सिकंदर ने कुशल संगत किया।
इलाहाबाद से आए कुमार बादल ने- भर दो झोली मेरी शेरावाली..तथा हनुमान जी हमरा एक काम करियो जी..सुना कर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रांची से पधारी गायिका श्रद्धा ने- फूलाें से सजा है तेरा दरबार मईया..तथा मुंबई से आई कुमारी केशर बेलवंशी ने-ओम नम: शिवाय..प्रस्तुत कर समां बांध दिया। संचालन करते हुए सुप्रसिद्ध लोकगायक मंटू मिश्र हंसमुख ने- मईया के चुनरी बा लाल लाल रे..पेश कर मां की आराधना की। इसी क्रम में रविशंकर शास्त्री ने- रामजी की सेना चली..तथा अमित दूबे ने- बाड़ी शेर पर सवार..सुना कर भक्ताें को खूब झुमाया। मंदिर की फूल-पत्तियों, गुब्बारों व चुनरी से की गई सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। इस दौरान डीएम राजेश कुमार सिंह, संस्था अध्यक्ष गौतम द्विवेदी, मंत्री भाष्कर भट्ट, कोषाध्यक्ष बादल मिश्र सहित राकेश रंजन, उद्धव, आशीष मिश्र, वीपी दूबे, अरूण सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
भव्य देवी जागरण का शुभारंभ श्री मां विंध्यवासिनी सेवा समिति के संस्थापक पं. मोहित मिश्र ने मां विंध्यवासिनी का पूजन व दीप प्रज्ज्वलित कर किया। श्री मिश्र ने माता के जगराते में आए सभी कलाकाराें को मां की चुनरी व स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। प्रख्यात लोकगायिका मालिनी अवस्थी ने- कचौड़ी गली सून कइली बलमू..सुना कर जहां सावनी बयार बहाई, वहीं मइया खोल न केवड़िया बड़ी देर भईल..तथा नीमिया की डार मईया झूलेली झूलनवां..प्रस्तुत कर वातावरण को पूर्ण रूप से देवीमय बना दिया। इनके साथ तबले पर राजेश मिश्र, आर्गन पर कैलाश पांडेय, बैंजे पर लक्ष्मण पांडेय, पैड पर चंदन विश्वकर्मा, ढोलक पर सिकंदर ने कुशल संगत किया।
विज्ञापन
इलाहाबाद से आए कुमार बादल ने- भर दो झोली मेरी शेरावाली..तथा हनुमान जी हमरा एक काम करियो जी..सुना कर भक्तों को मंत्रमुग्ध कर दिया। रांची से पधारी गायिका श्रद्धा ने- फूलाें से सजा है तेरा दरबार मईया..तथा मुंबई से आई कुमारी केशर बेलवंशी ने-ओम नम: शिवाय..प्रस्तुत कर समां बांध दिया। संचालन करते हुए सुप्रसिद्ध लोकगायक मंटू मिश्र हंसमुख ने- मईया के चुनरी बा लाल लाल रे..पेश कर मां की आराधना की। इसी क्रम में रविशंकर शास्त्री ने- रामजी की सेना चली..तथा अमित दूबे ने- बाड़ी शेर पर सवार..सुना कर भक्ताें को खूब झुमाया। मंदिर की फूल-पत्तियों, गुब्बारों व चुनरी से की गई सजावट एक अलौकिक छटा बिखेर रही थी। इस दौरान डीएम राजेश कुमार सिंह, संस्था अध्यक्ष गौतम द्विवेदी, मंत्री भाष्कर भट्ट, कोषाध्यक्ष बादल मिश्र सहित राकेश रंजन, उद्धव, आशीष मिश्र, वीपी दूबे, अरूण सिंह, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन