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भगवान शिव सबसे बड़े वैष्णव, स्वयं नारायण का करते हैं भजन : डॉ. पुंडरीक
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-श्रीमद् देवी भागवत कथा में द्रौपदी चीरहरण व महिषासुर वध प्रसंग का वर्णन
नरायनपुर। छोटा मिर्जापुर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल परिसर में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा महोत्सव एवं शतचंडी महायज्ञ के नौवें दिन शनिवार को कथावाचक डॉ. पुंडरीक शास्त्री महाराज ने भगवान शिव को वैष्णवों में श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि भगवान शिव स्वयं नारायण का भजन करते हैं।
उन्होंने कहा कि देवताओं में भगवान कृष्ण श्रेष्ठ हैं, पुराणों में श्रीमद्भागवत श्रेष्ठ हैं। वैष्णवों में भगवान शिव का स्थान सर्वोपरि है। कथा के दौरान द्रौपदी चीरहरण, रक्तबीज वध, शुंभ-निशुंभ वध और महिषासुर वध प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। मां जगदंबा के तीनों स्वरूप महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का विस्तार से वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजक मुख्य यजमान डॉ. गीता देवी एवं डॉ. जयदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को कथा का विश्राम विश्वविख्यात संत जीयर स्वामी के आशीर्वचन के साथ होगा, जबकि रविवार को हवन-पूजन के उपरांत महाप्रसाद का वितरण होगा। इस दौरान नरायनपुर पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष शुक्ला, नंदलाल, शैलेश सिंह, डॉ. महेंद्र नाथ मिश्र, अरुंधती मिश्रा, मुमुक्षु भवन से पधारे दंडी स्वामी संन्यासी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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नरायनपुर। छोटा मिर्जापुर स्थित गीतांजलि हॉस्पिटल परिसर में आयोजित श्रीमद्देवी भागवत कथा महोत्सव एवं शतचंडी महायज्ञ के नौवें दिन शनिवार को कथावाचक डॉ. पुंडरीक शास्त्री महाराज ने भगवान शिव को वैष्णवों में श्रेष्ठ बताते हुए कहा कि भगवान शिव स्वयं नारायण का भजन करते हैं।
उन्होंने कहा कि देवताओं में भगवान कृष्ण श्रेष्ठ हैं, पुराणों में श्रीमद्भागवत श्रेष्ठ हैं। वैष्णवों में भगवान शिव का स्थान सर्वोपरि है। कथा के दौरान द्रौपदी चीरहरण, रक्तबीज वध, शुंभ-निशुंभ वध और महिषासुर वध प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया गया। मां जगदंबा के तीनों स्वरूप महाकाली, महालक्ष्मी और महासरस्वती की महिमा का विस्तार से वर्णन सुन श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। आयोजक मुख्य यजमान डॉ. गीता देवी एवं डॉ. जयदीप सिंह ने बताया कि शनिवार को कथा का विश्राम विश्वविख्यात संत जीयर स्वामी के आशीर्वचन के साथ होगा, जबकि रविवार को हवन-पूजन के उपरांत महाप्रसाद का वितरण होगा। इस दौरान नरायनपुर पुलिस चौकी प्रभारी आशुतोष शुक्ला, नंदलाल, शैलेश सिंह, डॉ. महेंद्र नाथ मिश्र, अरुंधती मिश्रा, मुमुक्षु भवन से पधारे दंडी स्वामी संन्यासी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
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