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चालान से बचने के लिए नकली हेलमेट लगाना है खतरनाक
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मिर्जापुर। पिछले वर्ष के मुकाबले हेलमेट लगाने वालों की संख्या में इजाफा हुआ है। अधिकांश लोग स्तरीय हेलमेट नहीं लगा रहे हैं। स्तरीय हेलमेट न लगाना खतरनाक हो सकता है। नकली हेलमेट चालान से तो बचा सकता है लेकिन हादसा होने पर जान जाने या चोट लगने की आशंका बनी रहेगी। ऐसे में हेलमेट बीएसआई मार्का का ही लगाएं।
प्रतिवर्ष दो बार सड़क सुरक्षा सप्ताह और एक बार पूरा नवंबर माह यातायात माह बनाया जाता है। विभाग द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जाता है। इन सब के बावजूद लोगों में यातायात नियमों का पालन करने की बात छोड़िए। हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने में जिले के लोगों मेें जागरुकता की कमी है। जिले में दो लाख 65 हजार बाइक और 15 हजार 600 कारें हैं। ये मिर्जापुर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन हुए वाहनों का आकंड़ा है, सड़क पर तो गैर जिलों के वाहन भी रफ्तार भरते हैं। बात जिले में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के प्रति जागरुकता की करें तो पिछले वर्ष के प्रति इस वर्ष हेलमेट लगाने वालों में जागरुकता बढ़ी है। शत-प्रतिशत लोग अभी भी हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। जो लोग हेलमेट लगा भी रहे हैं वे ब्रांडेड हेलमेट लगाने के बजाए चालान से बचने के लिए नकली हेलमेट का उपयोग कर रहे हैं। जो उन्हें चालान से तो बचा सकता है, पर हादसा होने पर हेलमेट से कोई बचाव नहीं होगा। एआरटीओ रविकांत शुक्ला ने बताया कि जिले में पिछले वर्ष के मुकाबले हेलमेट लगाने वालों की संख्या बढ़ी है। जिले में 50 प्रतिशत लोग हेलमेट लगा रहे हैं। सीट बेल्ट लगाने वालों की संख्या 35 प्रतिशत ही है। बाइक चलाने से पहले हेलमेट लगाने की तरह कार चलाने से पहले सीट बेल्ट लगाने की आदत डालें। कुछ लोग नगर में कार चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं जिससे हाईवे पर भी वे सीट बेल्ट लगाना भूल जाते हैं।
बीएसआई मार्का हेलमेट ही लगाएं
मिर्जापुर। एआरटीओ रविकांत शुक्ला ने बताया कि ब्यूरो इंडियन स्टैंडर्ड (बीएसआई) मार्का ही हेलमेट लगाएं। बीएसआई मार्का हेलमेट 15 सौ से दो हजार रुपये में मिलता है। नकली हेलमेट सात से आठ सौ में मिलता है। ऐसे में लोग चालान से बचने के लिए नकली हेलमेट ले लेते है। नकली हेलमेट से चालान से बच सकते हैं लेकिन हादसा होने पर सिर के सुरक्षा की कोई गारंटी नही है। हेलमेट न लगाने पर प्रथम बार 500 और दूसरी बार एक हजार का चालान होता है। ऐसे में बीएसआई मार्का का ही हेलमेट लगाएं।
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हाईवे पर ही लगाते हैं हेलमेट
मिर्जापुर। एआरटीओ ने कहा कि अधिकांश लोग ऐसे भी हैं जो सिर्फ हाईवे पर ही हेलमेट लगाते हैं। घर से थोड़ी दूर निकलने पर वे हेलमेट लगाना उचित नहीं समझते। कहा कि हादसे कहीं भी और कभी भी हो सकते हैं। इसलिए बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट जरूर लगाएं।
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प्रतिवर्ष दो बार सड़क सुरक्षा सप्ताह और एक बार पूरा नवंबर माह यातायात माह बनाया जाता है। विभाग द्वारा जागरुकता अभियान चलाया जाता है। इन सब के बावजूद लोगों में यातायात नियमों का पालन करने की बात छोड़िए। हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने में जिले के लोगों मेें जागरुकता की कमी है। जिले में दो लाख 65 हजार बाइक और 15 हजार 600 कारें हैं। ये मिर्जापुर आरटीओ में रजिस्ट्रेशन हुए वाहनों का आकंड़ा है, सड़क पर तो गैर जिलों के वाहन भी रफ्तार भरते हैं। बात जिले में हेलमेट और सीट बेल्ट लगाने के प्रति जागरुकता की करें तो पिछले वर्ष के प्रति इस वर्ष हेलमेट लगाने वालों में जागरुकता बढ़ी है। शत-प्रतिशत लोग अभी भी हेलमेट का प्रयोग नहीं कर रहे हैं। जो लोग हेलमेट लगा भी रहे हैं वे ब्रांडेड हेलमेट लगाने के बजाए चालान से बचने के लिए नकली हेलमेट का उपयोग कर रहे हैं। जो उन्हें चालान से तो बचा सकता है, पर हादसा होने पर हेलमेट से कोई बचाव नहीं होगा। एआरटीओ रविकांत शुक्ला ने बताया कि जिले में पिछले वर्ष के मुकाबले हेलमेट लगाने वालों की संख्या बढ़ी है। जिले में 50 प्रतिशत लोग हेलमेट लगा रहे हैं। सीट बेल्ट लगाने वालों की संख्या 35 प्रतिशत ही है। बाइक चलाने से पहले हेलमेट लगाने की तरह कार चलाने से पहले सीट बेल्ट लगाने की आदत डालें। कुछ लोग नगर में कार चलाते समय सीट बेल्ट नहीं लगाते हैं जिससे हाईवे पर भी वे सीट बेल्ट लगाना भूल जाते हैं।
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बीएसआई मार्का हेलमेट ही लगाएं
मिर्जापुर। एआरटीओ रविकांत शुक्ला ने बताया कि ब्यूरो इंडियन स्टैंडर्ड (बीएसआई) मार्का ही हेलमेट लगाएं। बीएसआई मार्का हेलमेट 15 सौ से दो हजार रुपये में मिलता है। नकली हेलमेट सात से आठ सौ में मिलता है। ऐसे में लोग चालान से बचने के लिए नकली हेलमेट ले लेते है। नकली हेलमेट से चालान से बच सकते हैं लेकिन हादसा होने पर सिर के सुरक्षा की कोई गारंटी नही है। हेलमेट न लगाने पर प्रथम बार 500 और दूसरी बार एक हजार का चालान होता है। ऐसे में बीएसआई मार्का का ही हेलमेट लगाएं।
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हाईवे पर ही लगाते हैं हेलमेट
मिर्जापुर। एआरटीओ ने कहा कि अधिकांश लोग ऐसे भी हैं जो सिर्फ हाईवे पर ही हेलमेट लगाते हैं। घर से थोड़ी दूर निकलने पर वे हेलमेट लगाना उचित नहीं समझते। कहा कि हादसे कहीं भी और कभी भी हो सकते हैं। इसलिए बाइक चलाते समय हमेशा हेलमेट जरूर लगाएं।