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Mirzapur News: हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा
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मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी मोहल्ले में पांच वर्ष पूर्व हत्या कर शव ठिकाने लगाने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश व स्पेशल जज ईसी एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोषसिद्ध होने पर आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी अकरम अंसारी ने 25 अप्रैल 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका भाई आजम अंसारी सुबह 11 बजे घर से कचहरी में विचाराधीन वाद में पैरवी के लिए गया था। पर शाम पांच बजे पता चला कि उसका भाई कचहरी नहीं पहुंचा। उसके भाई का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। अनहोनी की आशंका जताते हुए उसने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग किया। पुलिस ने मुदकमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु की। छानबीन में पुलिस को पता चला कि घर से निकलने पर आजम नियाज से मिला था। लापता होने पर नियाज आजाम के भाई अकरम के साथ उसकी खोजबीन करता रहा। रात में कहीं जाने की बात बता कर मारुती वैन लेकर निकला। छानबीन में तथ्य मिलने के बाद पुलिस ने मोहल्ले के नियाज अहमद, रमण कुमार उर्फ बाबी, रजिया व लल्लो का उठाया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ किया। जिसमें नियाज ने हत्या की बात स्वीकार की।गला दबा कर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने एक माह बाद शव को हंडिया बरौत प्रयागराज से बोरे में बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराकर साक्ष्य उपलब्ध कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नियाज अहमद को आजीवन करावास की सजा से दंडित किया। 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अन्य आरोपी रमन कुमार उर्फ बाबी, रजिया और लल्लो को दोषमुक्त कर दिया।
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कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी अकरम अंसारी ने 25 अप्रैल 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका भाई आजम अंसारी सुबह 11 बजे घर से कचहरी में विचाराधीन वाद में पैरवी के लिए गया था। पर शाम पांच बजे पता चला कि उसका भाई कचहरी नहीं पहुंचा। उसके भाई का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। अनहोनी की आशंका जताते हुए उसने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग किया। पुलिस ने मुदकमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु की। छानबीन में पुलिस को पता चला कि घर से निकलने पर आजम नियाज से मिला था। लापता होने पर नियाज आजाम के भाई अकरम के साथ उसकी खोजबीन करता रहा। रात में कहीं जाने की बात बता कर मारुती वैन लेकर निकला। छानबीन में तथ्य मिलने के बाद पुलिस ने मोहल्ले के नियाज अहमद, रमण कुमार उर्फ बाबी, रजिया व लल्लो का उठाया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ किया। जिसमें नियाज ने हत्या की बात स्वीकार की।गला दबा कर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने एक माह बाद शव को हंडिया बरौत प्रयागराज से बोरे में बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराकर साक्ष्य उपलब्ध कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नियाज अहमद को आजीवन करावास की सजा से दंडित किया। 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अन्य आरोपी रमन कुमार उर्फ बाबी, रजिया और लल्लो को दोषमुक्त कर दिया।
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