फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Mirzapur News ›   Life sentence on conviction for murder

Mirzapur News: हत्या का दोष सिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा

Sat, 08 Apr 2023 12:56 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Sat, 08 Apr 2023 12:56 AM IST
विज्ञापन
Life sentence on conviction for murder
मिर्जापुर। कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी मोहल्ले में पांच वर्ष पूर्व हत्या कर शव ठिकाने लगाने के मामले की सुनवाई करते हुए अपर सत्र न्यायाधीश व स्पेशल जज ईसी एक्ट जितेंद्र मिश्रा की अदालत ने दोषसिद्ध होने पर आजीवन करावास की सजा सुनाई। साथ ही विभिन्न धाराओं में 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। मामले में दो अन्य आरोपियों को दोषमुक्त कर दिया गया।
विज्ञापन

कटरा कोतवाली क्षेत्र के इमामबाड़ा निवासी अकरम अंसारी ने 25 अप्रैल 2018 को थाने में तहरीर देकर बताया कि उसका भाई आजम अंसारी सुबह 11 बजे घर से कचहरी में विचाराधीन वाद में पैरवी के लिए गया था। पर शाम पांच बजे पता चला कि उसका भाई कचहरी नहीं पहुंचा। उसके भाई का मोबाइल नंबर भी बंद बता रहा है। अनहोनी की आशंका जताते हुए उसने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग किया। पुलिस ने मुदकमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरु की। छानबीन में पुलिस को पता चला कि घर से निकलने पर आजम नियाज से मिला था। लापता होने पर नियाज आजाम के भाई अकरम के साथ उसकी खोजबीन करता रहा। रात में कहीं जाने की बात बता कर मारुती वैन लेकर निकला। छानबीन में तथ्य मिलने के बाद पुलिस ने मोहल्ले के नियाज अहमद, रमण कुमार उर्फ बाबी, रजिया व लल्लो का उठाया। जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ किया। जिसमें नियाज ने हत्या की बात स्वीकार की।गला दबा कर हत्या करने के बाद शव को ठिकाने लगाया गया। पुलिस ने एक माह बाद शव को हंडिया बरौत प्रयागराज से बोरे में बरामद किया। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार जेल भेज दिया। पुलिस ने विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित किया। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता काशीनाथ दुबे ने गवाहों को न्यायालय में परीक्षित कराकर साक्ष्य उपलब्ध कराया। पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य, गवाहों के बयान और अधिवक्ताओं की दलील के आधार पर अपर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी नियाज अहमद को आजीवन करावास की सजा से दंडित किया। 15 हजार के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। अन्य आरोपी रमन कुमार उर्फ बाबी, रजिया और लल्लो को दोषमुक्त कर दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed