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Mirzapur News: गैर इरादतन हत्या में पिता-पुत्र समेत चार को आजीवन कारावास

Wed, 14 Dec 2022 07:00 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Wed, 14 Dec 2022 07:00 AM IST
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Life imprisonment to four including father and son for culpable homicide
मड़िहान थाना क्षेत्र के लूसा गांव में 16 वर्ष पहले पिटाई के दौरान एक व्यक्ति के मौत मामले में विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट बलजोर सिंह की अदालत ने चार आरोपियों को दोषसिद्ध होने पर आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया है। साथ ही 11 हजार रुपये अर्थदंड भी लगाया है।
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मड़िहान थाना क्षेत्र के लूसा गांव निवासी श्याम नारायण ने 21 मई 2006 को थाने में तहरीर देकर बताया कि सुबह सात बजे उनके पिता बैजू अपने घर के सामने बांस की बाउंड्री बना रहे थे, तभी गांव के दयाराम पटेल, उनके भाई इच्छाराम पटेल, दयाराम के दो पुत्र नागेंद्र उर्फ टाइगर व अखिलेश उर्फ डब्लू लोहे का राड लेकर जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करने के साथ ही बांस की बाउंड्री बनाने का विरोध करते हुए पिटाई करने लगे। आरोपियों ने पिता को लाठी और लोहे के राड से मारा।
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गांव के लोगों ने आकर बीच-बचाव किया। घायल पिता को उपचार के लिए अस्पताल ले गए। जहां उनकी मौत हो गई। तहरीर पर पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ गैर इरादन हत्या, एससी-एसटी एक्ट आदि विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया। पुलिस ने सभी चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। इसके बाद विवेचना कर आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया।
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अभियोजन अधिकारी अजय कुमार यादव और विशेष लोक अभियोजक प्रदीप कुमार ने न्यायालय में गवाहों को परीक्षित कराया। साथ ही साक्ष्य प्रस्तुत कर सरकारी अधिवक्ताओं ने आरोपियों को कड़ी से कड़ी सजा दिए जाने की अपील की।

विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट बलजोर सिंह की अदालत ने सरकारी अधिवक्ताओं की दलील, गवाहों के बयान और पत्रावली पर उपलब्ध साक्ष्य के आधार पर चारो आरोपियों दयाराम पटेल, उसके भाई इच्छाराम पटेल और दो पुत्र नागेंद्र उर्फ टाइगर और अखिलेश उर्फ डब्लू को गैर इरादतन हत्या में दोषसिद्ध पाते हुए आजीवन कारावास की सजा से दंडित किया। अन्य धारा में भी एक-एक वर्ष की सजा सुनाई। विभिन्न धाराओं में 11 हजार रुपये अर्थदंड से भी दंडित किया। अर्थदंड की धनराशि बैजू के परिजनों को बतौर प्रतिकर देने का आदेश दिया।
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