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लेखपाल ने रोका आवास निर्माण, ग्रामीणों ने घेरा थाना
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क्षेत्रीय लेखपाल के विरोध में शिकायती पत्र न लेने पर ग्रामीणों ने शनिवार को थाने का घेराव कर दिया। चेतावनी दी गई कि जमीन पर आवास बनाने से रोका गया तो उच्चाधिकारियों का दरवाजा खटखटाएंगे। हालांकि बाद में ग्रामीणों को समझा बुझाकर वापस कर दिया गया।
विकास खंड राजगढ़ क्षेत्र के राजापुर गांव में कई परिवार तकरीबन डेढ़ सौ वर्ष से रह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इसकी पैमाइश भी हुई है। इसमें से अधिकांश घर खंडहर हो चुके हैं। इस पर वहां के रहने वालों ने पीएम आवास की योजना के लिए आवेदन किया और 37 लोगों के आवास स्वीकृत भी हो गए। इस बीच जब लाभार्थियों ने आवास का निर्माण शुरू कराया तो क्षेत्रीय लेखपाल ने उनका निर्माण कार्य यह कहकर रोकवा दिया कि यह सरकारी जमीन है। इसलिए यहां पर पीएम आवास का निर्माण नहीं हो सकता। इस बात को लेकर ग्रामीण नाराज गए और वे लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाना चले गए। वहां पुलिस ने कहा कि यह मामला तहसील से संबंधित है, इसलिए ग्रामीणों को तहसील जाना चाहिए। इससे नाराज ग्रामीणों ने थाना का घेराव कर दिया। ग्राम प्रधान निशा पत्नी मोतीलाल यादव ने बताया कि पात्रता की श्रेणी में 37 प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी हैं। इनका पुश्तैनी परिवार जमीन पर घर बनाकर गुजर बसर करता आ रहा है, लेकिन आवास का निर्माण शुरू होते ही लेखपाल ने काम रोकने का अल्टीमेटम दे दिया। इससे ग्रामीणों के समक्ष पैदा हो गई है। इस संबंध में तहसीलदार नूपुर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
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विकास खंड राजगढ़ क्षेत्र के राजापुर गांव में कई परिवार तकरीबन डेढ़ सौ वर्ष से रह रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि इसकी पैमाइश भी हुई है। इसमें से अधिकांश घर खंडहर हो चुके हैं। इस पर वहां के रहने वालों ने पीएम आवास की योजना के लिए आवेदन किया और 37 लोगों के आवास स्वीकृत भी हो गए। इस बीच जब लाभार्थियों ने आवास का निर्माण शुरू कराया तो क्षेत्रीय लेखपाल ने उनका निर्माण कार्य यह कहकर रोकवा दिया कि यह सरकारी जमीन है। इसलिए यहां पर पीएम आवास का निर्माण नहीं हो सकता। इस बात को लेकर ग्रामीण नाराज गए और वे लेखपाल के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर थाना चले गए। वहां पुलिस ने कहा कि यह मामला तहसील से संबंधित है, इसलिए ग्रामीणों को तहसील जाना चाहिए। इससे नाराज ग्रामीणों ने थाना का घेराव कर दिया। ग्राम प्रधान निशा पत्नी मोतीलाल यादव ने बताया कि पात्रता की श्रेणी में 37 प्रधानमंत्री आवास के लाभार्थी हैं। इनका पुश्तैनी परिवार जमीन पर घर बनाकर गुजर बसर करता आ रहा है, लेकिन आवास का निर्माण शुरू होते ही लेखपाल ने काम रोकने का अल्टीमेटम दे दिया। इससे ग्रामीणों के समक्ष पैदा हो गई है। इस संबंध में तहसीलदार नूपुर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी।
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