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अस्थायी बाड़ा में रखें छुट्टा घूम रहे पशुओं को
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मिर्जापुर। प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने शुक्रवार को प्रदेश के सभी मुख्य विकास अधिकारियों से वीडियो कांफ्रेंसिंग के माध्यम से बात कर गो आश्रय स्थलों एवं पशुओं के लिए अनुमन्य सुविधाओं के बारे में जानकारी ली।
कहा कि छुट्टा पशुओं को ग्राम पंचायतों में अस्थायी पशु बाड़ा बनाकर रखा जाय। इसमें आना वाला व्यय मनरेगा के अंतर्गत किया जायेगा। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों के लिए छुट्टा पशुओं के चारे के लिए सौ करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। अवमुक्त धनराशि में जिले को एक करोड़ 20 लाख रुपये जारी किए गए हैं। कहा कि जो काश्तकार पशु आश्रय स्थल से पशुओं को लेकर पालना चाहता हैं उन्हें नौ सौ रुपये प्रतिमाह प्रति पशु दिये जाने का प्राविधान भी है। एक व्यक्ति अधिकतम चार पशु ले सकता है। इसी प्रकार कहा कि गांव में कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को पशु आश्रय स्थल से एक दुधारू गाय दी जाए। कहा कि किसी भी दशा में छुट्टा पशुओं से किसानों के फसलों को बचाने के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं। एनआईसी में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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कहा कि छुट्टा पशुओं को ग्राम पंचायतों में अस्थायी पशु बाड़ा बनाकर रखा जाय। इसमें आना वाला व्यय मनरेगा के अंतर्गत किया जायेगा। मुख्य सचिव ने बताया कि प्रदेश के सभी जनपदों के लिए छुट्टा पशुओं के चारे के लिए सौ करोड़ रुपये अवमुक्त कर दिए गए हैं। अवमुक्त धनराशि में जिले को एक करोड़ 20 लाख रुपये जारी किए गए हैं। कहा कि जो काश्तकार पशु आश्रय स्थल से पशुओं को लेकर पालना चाहता हैं उन्हें नौ सौ रुपये प्रतिमाह प्रति पशु दिये जाने का प्राविधान भी है। एक व्यक्ति अधिकतम चार पशु ले सकता है। इसी प्रकार कहा कि गांव में कुपोषित बच्चों के अभिभावकों को पशु आश्रय स्थल से एक दुधारू गाय दी जाए। कहा कि किसी भी दशा में छुट्टा पशुओं से किसानों के फसलों को बचाने के लिए समुचित प्रबंध किए जाएं। एनआईसी में मुख्य विकास अधिकारी श्रीलक्ष्मी वीएस, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव उपस्थित रहे।
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