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Mirzapur News: डेढ़ दशक से सूखे जरगो जलाशय में गंगा से भरा जाएगा पानी
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अहरौरा। जरगो जलाशय पर निर्भर किसानों को सिंचाई के लिए अब भरपूर पानी मिलेगा। पंप कैनाल के जरिये गंगा के पानी से जलाशय को भरा जाएगा। इसके लिए 487 करोड़ की परियोजना को मुख्य अभियंता समिति लखनऊ ने स्वीकृति दे दी है। क्षेत्र के किसानों की सिंचाई से जुड़ी इस समस्या को लेकर केंद्रीय मंत्री अनुप्रिया पटेल मंत्रियों और अधिकारियों से पत्राचार करती रही हैं।
सात नदियों और 27 नालों को अपने गर्भ में समाहित करने वाला जरगो जलाशय डेढ़ दशक से सूखा हुआ है। समसपुर से जरगो बांध में गंगा का पानी ले जाने की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। क्षेत्र के किसानों के लिए यह बड़ी सौगात है।
जल्द ही इसका डीपीआर तैयार कर एनजीटी और भारतीय जल आयोग के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। अनुमानित तौर पर 487 करोड़ की परियोजना का मूल्यांकन किया गया है। वित्तीय स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद समसपुर में 240 क्यूसेक क्षमता का पंप कैनाल स्थापित किया जाएगा। यहां से गंगा का पानी भेड़ी बंधी में पहुंचाया जाएगा। पंप से 48 घंटे में एक मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जरगो जलाशय में पहुंचेगा।
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जरगो जलाशय की क्षमता 150:85 एमसीएम है। इसमें आपात स्थिति के लिए 9:00 एमसीएम पानी डेड स्टोरेज में रखा जाता है। इस समय 34 मीलियन क्यूबिक मीटर पानी जरगो जलाशय में मौजूद है। इसमें से मात्र 29 एमसीएम पानी को उपभोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है, जो मांग के सापेक्ष काफी कम है।
इन परिस्थितियों में फसलों की सिंचाई नहीं हो पाएगी। समसपुर से जरगो बांध में गंगा का पानी ले आने की परियोजना को भौतिक सत्यापन के दौरान मंजूरी मिल गई है। डीपीआर और तकनीकी स्वीकृति हेतु परियोजना तैयार की जा रही है।
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सात नदियों और 27 नालों को अपने गर्भ में समाहित करने वाला जरगो जलाशय डेढ़ दशक से सूखा हुआ है। समसपुर से जरगो बांध में गंगा का पानी ले जाने की परियोजना को मंजूरी मिल गई है। क्षेत्र के किसानों के लिए यह बड़ी सौगात है।
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जल्द ही इसका डीपीआर तैयार कर एनजीटी और भारतीय जल आयोग के पास स्वीकृति के लिए भेजा जाएगा। अनुमानित तौर पर 487 करोड़ की परियोजना का मूल्यांकन किया गया है। वित्तीय स्वीकृति और बजट जारी होने के बाद समसपुर में 240 क्यूसेक क्षमता का पंप कैनाल स्थापित किया जाएगा। यहां से गंगा का पानी भेड़ी बंधी में पहुंचाया जाएगा। पंप से 48 घंटे में एक मिलियन क्यूबिक मीटर पानी जरगो जलाशय में पहुंचेगा।
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जरगो जलाशय की क्षमता 150:85 एमसीएम है। इसमें आपात स्थिति के लिए 9:00 एमसीएम पानी डेड स्टोरेज में रखा जाता है। इस समय 34 मीलियन क्यूबिक मीटर पानी जरगो जलाशय में मौजूद है। इसमें से मात्र 29 एमसीएम पानी को उपभोग सिंचाई के लिए किया जा सकता है, जो मांग के सापेक्ष काफी कम है।
इन परिस्थितियों में फसलों की सिंचाई नहीं हो पाएगी। समसपुर से जरगो बांध में गंगा का पानी ले आने की परियोजना को भौतिक सत्यापन के दौरान मंजूरी मिल गई है। डीपीआर और तकनीकी स्वीकृति हेतु परियोजना तैयार की जा रही है।