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Mirzapur News: डेढ़ घंटे हुई झमाझम बारिश, गड्ढायुक्त सड़कों पर भरा पानी
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मिर्जापुर। सावन माह के पहले दिन मंगलवार को करीब डेढ़ घंटे हुई झमाझम बारिश से तापमान नीचे आ गया। इससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत तो मिली, लेकिन जगह-जगह खोदकर छोड़ दी गई व क्षतिग्रस्त सड़कों पर पानी भर गया। इसके चलते वाहन सवारों के साथ ही पैदल आवागमन करने वालों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। उमस व गर्मी के बीच अचानक करीब ग्यारह बजे के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के साथ ही तेज हवा चलने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते नगर की सड़कों की पटरियों पर पानी भर गया। नगर के व्यस्ततम मार्गों वासलीगंज- आर्यकन्या रोड, गिरधर चौराहा-शुक्लहा मार्ग, कचहरी-स्टेशन रोड, रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर जगह-जगह हुए गड्ढों में पानी भर गया। शास्त्री पुल से विंध्याचल मार्ग व नटवा-शबरी मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। उधर, मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार को मिर्जापुर-औराई मार्ग पर स्थित नटवा रेलवे पुल के नीचे पानी भर गया। इससे पुल के दोनों तरफ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चार पहिया व दो पहिया वाहनों का निकल पाना मुश्किल हो गया। इसी तरह विंध्याचल स्थित रेहड़ा पुल के नीचे पानी भर गया। दोनों स्थानों पर निकलने के चक्कर में कई लोगों के वाहन बंद हो गए। इसके चलते उन्हें पानी से होकर वाहन को पैदल ही लेकर जाना पड़ा।
बारिश के दौरान रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्का पोखरा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूरी तक मार्ग पर कीचड़ फैल गया। मार्ग पर वाहन सवारों को कौन कहे, लोगों के लिए पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया। नमामि गंगे योजना के तहत बिछाए गए पाइप लाइन के बाद आधी सड़क की मरम्मत तो कराई गई है जो पहली बारिश भी नहीं झेल पाई जगह-जगह बैठ गई है। अर्जुनपुर नहर पुलिया के पास सड़क के बीचोबीच खोद कर छोड़े गए गड्ढे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। उधर, नगर क्षेत्र से सटे ग्रामीण इलाकों में झमाझम हुई बारिश से मुरझाई धान की नर्सरियों में जान आ गई। बारिश थमते ही खेतों में पानी भरा देख किसानों के चेहरे खिल गए। किसान धान नर्सरियों को सहेजने में जुटे गए। किसानों का कहना है कि सावन के पहले सोमवार को हुई यह बारिश खेती के लिए अमृत वर्षा के समान है।
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मंगलवार को सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहे। उमस व गर्मी के बीच अचानक करीब ग्यारह बजे के बाद मौसम का मिजाज बदल गया। बारिश के साथ ही तेज हवा चलने से मौसम सुहावना हो गया। बारिश के चलते नगर की सड़कों की पटरियों पर पानी भर गया। नगर के व्यस्ततम मार्गों वासलीगंज- आर्यकन्या रोड, गिरधर चौराहा-शुक्लहा मार्ग, कचहरी-स्टेशन रोड, रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर जगह-जगह हुए गड्ढों में पानी भर गया। शास्त्री पुल से विंध्याचल मार्ग व नटवा-शबरी मार्ग पर पानी भर जाने से लोगों को जाम की समस्या का सामना करना पड़ा। उधर, मूसलाधार बारिश के बीच मंगलवार को मिर्जापुर-औराई मार्ग पर स्थित नटवा रेलवे पुल के नीचे पानी भर गया। इससे पुल के दोनों तरफ मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। चार पहिया व दो पहिया वाहनों का निकल पाना मुश्किल हो गया। इसी तरह विंध्याचल स्थित रेहड़ा पुल के नीचे पानी भर गया। दोनों स्थानों पर निकलने के चक्कर में कई लोगों के वाहन बंद हो गए। इसके चलते उन्हें पानी से होकर वाहन को पैदल ही लेकर जाना पड़ा।
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बारिश के दौरान रमईपट्टी-कनौराघाट मार्ग पर पक्का पोखरा से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूरी तक मार्ग पर कीचड़ फैल गया। मार्ग पर वाहन सवारों को कौन कहे, लोगों के लिए पैदल चल पाना भी मुश्किल हो गया। नमामि गंगे योजना के तहत बिछाए गए पाइप लाइन के बाद आधी सड़क की मरम्मत तो कराई गई है जो पहली बारिश भी नहीं झेल पाई जगह-जगह बैठ गई है। अर्जुनपुर नहर पुलिया के पास सड़क के बीचोबीच खोद कर छोड़े गए गड्ढे कभी भी हादसे का कारण बन सकते हैं। उधर, नगर क्षेत्र से सटे ग्रामीण इलाकों में झमाझम हुई बारिश से मुरझाई धान की नर्सरियों में जान आ गई। बारिश थमते ही खेतों में पानी भरा देख किसानों के चेहरे खिल गए। किसान धान नर्सरियों को सहेजने में जुटे गए। किसानों का कहना है कि सावन के पहले सोमवार को हुई यह बारिश खेती के लिए अमृत वर्षा के समान है।
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