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नहरों की साफ-सफाई के नाम पर खानापूर्ति, बना चुनावी मुद्दा
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सिंचाई खंड चुनार से क्षेत्र में निकली नहरों और माइनरों की दशा काफी खराब है। लाखों रुपया खर्च करने के बाद भी नहरों की साफ-सफाई न होने से टेल तक पानी नहीं पहुंच रहा, इससे रबी की सिंचाई में किसानों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा। ऐसे में किसानों ने इस समस्या को चुनावी मुद्दा बनाया है।
विभागीय अधिकारी चुनाव के नाम पर कार्यालय छोड़ मौज मस्ती में जुटे हैं, इसके चलते किसान फसलों की सिंचाई को लेकर काफी परेशान हैं। बताते चले जमालपुर क्षेत्र में नहरों की तल्ली सफाई के नाम पर प्रति वर्ष लाखों रुपया खर्च तो किया जाता हैं, फिर भी पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा। शिकायत के बाद भी किसानों की कोई सुनने वाला नहीं, कागजों पर हुई सफाई पर जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी मुहर तो लगा दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य होता नजर नहीं आता। जिससे किसानों की समस्या प्रतिवर्ष बरकरार रहती है। क्षेत्रों में नहरों की साफ-सफाई इस बार क्षेत्र में चुनावी मुद्दा बना हुआ है। इस तरह से क्षेत्र के बेलहर राजबाहा, सिकंदरपुर माइनर, सहजनी माइनर, तेतरिया माइनर, जोगवा बुधवार माइनर, चौकियां माइनर, शेरवा माइनर सहित अन्य नहरों की दशा काफी खराब है।
जिला मुख्यालय पर बैठे सिंचाई खंड चुनार के अधिकारियों को किसानों की सिंचाई समस्या से जैसे कोई सरोकार ही नहीं। शिकायत सुनना तो दूर की बात यदि कहीं कोई समस्या है तो इससे जुड़े आला अफसर किसानों के फोन तक को उठाना मुनासीब नहीं समझते। क्षेत्र में जीर्णशीर्ण नहरों और माइनरों की साफ-सफाई से नाराज किसानों ने इस चुनाव में सिंचाई समस्या को प्रत्याशियों के सामने रखेगा, जो किसानों हित की बात करेंगा, किसान आगामी चुनाव में उसी प्रत्याशी का साथ देगा।
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विभागीय अधिकारी चुनाव के नाम पर कार्यालय छोड़ मौज मस्ती में जुटे हैं, इसके चलते किसान फसलों की सिंचाई को लेकर काफी परेशान हैं। बताते चले जमालपुर क्षेत्र में नहरों की तल्ली सफाई के नाम पर प्रति वर्ष लाखों रुपया खर्च तो किया जाता हैं, फिर भी पानी टेल तक नहीं पहुंच रहा। शिकायत के बाद भी किसानों की कोई सुनने वाला नहीं, कागजों पर हुई सफाई पर जिम्मेदार अधिकारी भी अपनी मुहर तो लगा दे रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई कार्य होता नजर नहीं आता। जिससे किसानों की समस्या प्रतिवर्ष बरकरार रहती है। क्षेत्रों में नहरों की साफ-सफाई इस बार क्षेत्र में चुनावी मुद्दा बना हुआ है। इस तरह से क्षेत्र के बेलहर राजबाहा, सिकंदरपुर माइनर, सहजनी माइनर, तेतरिया माइनर, जोगवा बुधवार माइनर, चौकियां माइनर, शेरवा माइनर सहित अन्य नहरों की दशा काफी खराब है।
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जिला मुख्यालय पर बैठे सिंचाई खंड चुनार के अधिकारियों को किसानों की सिंचाई समस्या से जैसे कोई सरोकार ही नहीं। शिकायत सुनना तो दूर की बात यदि कहीं कोई समस्या है तो इससे जुड़े आला अफसर किसानों के फोन तक को उठाना मुनासीब नहीं समझते। क्षेत्र में जीर्णशीर्ण नहरों और माइनरों की साफ-सफाई से नाराज किसानों ने इस चुनाव में सिंचाई समस्या को प्रत्याशियों के सामने रखेगा, जो किसानों हित की बात करेंगा, किसान आगामी चुनाव में उसी प्रत्याशी का साथ देगा।
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