{"_id":"5e63f2b88ebc3eeb2255369b","slug":"illegal-mining-on-hills-mirzapur-news-vns514779214","type":"story","status":"publish","title_hn":"खबर के बाद भी नही पहुंचे अधिकारी, बेरोकटोक हो रहा पहाड़ियों पर अवैध खनन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
खबर के बाद भी नही पहुंचे अधिकारी, बेरोकटोक हो रहा पहाड़ियों पर अवैध खनन
विज्ञापन
मिर्जापुर। आखिर कब तक नदियों, पहाड़ों और वनों में अवैध खनन जारी रहेगा। भले ही प्रशासनिक अधिकारियों को यह नजर न आए पर आम जनता यही सवाल कर रही है। भोजपुर पहाड़ी, तिगोड़ा में भी यह नजारा आम है पर यह महज बानगी भर है। जिले में अवैध खनन और उसके परिवहन से कई क्षेत्रों में लोग परेशान हैं। पर्यावरण का संतुलन भी बिगड़ रहा। ऐसे मामलों में कार्रवाई के बजाय प्रशासन सफाई देने में जुटा हआ है। अवैध खनन के चलते जहां पहाड़ और वन अपना अस्तित्व खो रहे हैं तो वहीं किसी भी दिन बड़ी घटना का कारण भी अवैध खनन बन सकता है।
भोजपुर पहाड़ी, तिगोड़ा ग्राम समाज की लगभग 60 बीघे पहाड़ की जमीन है जहां बगैर लीज के गत वर्षों से धड़ल्ले से अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है। क्षेत्र के दबंग बेरोकटोक प्राकृतिक संपदा का दोहन कर रहे हैं। लोग इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। चोरी छिपे शिकायत करते हैं तो विभाग उनकी आवाज दबा देते हैं। इन क्षेत्रों में खुलेआम खनन किया जा रहा है जिसे किसी भी समय देखा जा सकता है। वहीं भूले भटके कभी कार्रवाई का हो हल्ला भी मचता है पर कोई पकड़ में नहीं आता। पता नहीं कैसे उन्हें पहले भनक लग जाती है।
पहाड़ी ब्लॉक नामकरण के पीछे यहाँ की अधिकांश जमीनें पहाड़ व पत्थर का पथरीला होना है। जिससे यहां के दबंग लीज न होने पर भी चार छ: श्रमिक लगाकर अवैध खनन व परिवहन करते हैं। ऐसे लोगो की संख्या क्षेत्र में बहुत ज्यादा है जो अवैध खनन व परिवहन कर सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं। उदाहरण के लिए चाँदलेवा पहाड़ी, गहिरा, कोटवा, मदनपुरा, पहाड़ी भोजपुर, तिगोड़ा, सुखनई, डाढ़ीराम, सागरसेमर, हिनौती, अयोध्या उमरिया आदि जगहों पर वन भूमि, ग्राम समाज की जमीन व निजी कास्तों में हर जगह अवैध खनन परिवहन किया जा रहा है लेकिन विभागीय अनदेखी के चलते पत्थर माफियाओं का हौसला बुलंद है।
विज्ञापन
शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग के लोगों के मौके पर न पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त रोष है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत की गई पर कार्रवाई नहीं होती है। कभी कदार टीम आती भी है तो केवल खानापूर्ति के बाद लौट जाती है।
विज्ञापन
भोजपुर पहाड़ी, तिगोड़ा ग्राम समाज की लगभग 60 बीघे पहाड़ की जमीन है जहां बगैर लीज के गत वर्षों से धड़ल्ले से अवैध खनन व परिवहन किया जा रहा है। क्षेत्र के दबंग बेरोकटोक प्राकृतिक संपदा का दोहन कर रहे हैं। लोग इसका विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटा पाते। चोरी छिपे शिकायत करते हैं तो विभाग उनकी आवाज दबा देते हैं। इन क्षेत्रों में खुलेआम खनन किया जा रहा है जिसे किसी भी समय देखा जा सकता है। वहीं भूले भटके कभी कार्रवाई का हो हल्ला भी मचता है पर कोई पकड़ में नहीं आता। पता नहीं कैसे उन्हें पहले भनक लग जाती है।
विज्ञापन
पहाड़ी ब्लॉक नामकरण के पीछे यहाँ की अधिकांश जमीनें पहाड़ व पत्थर का पथरीला होना है। जिससे यहां के दबंग लीज न होने पर भी चार छ: श्रमिक लगाकर अवैध खनन व परिवहन करते हैं। ऐसे लोगो की संख्या क्षेत्र में बहुत ज्यादा है जो अवैध खनन व परिवहन कर सरकार को लाखों का चूना लगा रहे हैं। उदाहरण के लिए चाँदलेवा पहाड़ी, गहिरा, कोटवा, मदनपुरा, पहाड़ी भोजपुर, तिगोड़ा, सुखनई, डाढ़ीराम, सागरसेमर, हिनौती, अयोध्या उमरिया आदि जगहों पर वन भूमि, ग्राम समाज की जमीन व निजी कास्तों में हर जगह अवैध खनन परिवहन किया जा रहा है लेकिन विभागीय अनदेखी के चलते पत्थर माफियाओं का हौसला बुलंद है।
विज्ञापन
शिकायत के बावजूद जिम्मेदार विभाग के लोगों के मौके पर न पहुंचने से क्षेत्र के लोगों में जबरदस्त रोष है। उनका आरोप है कि कई बार शिकायत की गई पर कार्रवाई नहीं होती है। कभी कदार टीम आती भी है तो केवल खानापूर्ति के बाद लौट जाती है।