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Mirzapur News: सरकार बदली नाम बदला, समस्याओं में नहीं हुआ सुधार
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पड़री। छात्र- छात्राओं को वाई फाई, स्मार्ट क्लासेज, वर्चुअल क्लासेज, इंटर नेट सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रदेश सरकार की तरफ से वर्ष 2011 में पूरे प्रदेश के 18 मंडलों में मंडल स्तर पर नवीन राजकीय माॅडल स्कूल की स्थापना की गई। जिसके तहत विकास खंड पहाड़ी के भोजपुर पहाड़ी में माध्यमिक शिक्षा विभाग द्वारा मंडल स्तरीय विद्यालय खोला गया। सपा सरकार में इसका नाम बदल कर राजकीय समाजवादी माॅडल अभिनव विद्यालय किया गया। भाजपा सरकार में भी विद्यालय का नाम बदल कर राजकीय अभिनव विद्यालय हो गया। सरकार बदलती गई, विद्यालय का नाम भी बदलता गया, लेकिन इसकी समस्या पर कोई बदलाव नहीं हुआ।
शासन की अनदेखी के चलते राजकीय अभिनव विद्यालय में सुविधाओं का अभाव है। विद्यालय पेयजल, छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। राजकीय अभिनव विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं चलाने का प्राविधान है। लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों के अभाव के चलते आज तक इंटर की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई। छात्र-,छात्राओं को आज तक विभाग की तरफ से कापी-किताब, ड्रेस और छात्रवृत्ति भी नहीं मुहैया कराया गया है। निर्माणाधीन हास्टल और चहारदीवारी के चलते बच्चों को परेशानी हो रही है। विद्यालय में सबमर्सिबल लगा है लेकिन पीने योग्य पानी न होने से बच्चे अपने घर से बोतल में पीने लाते हैं।
कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के द्वारा तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत से पांच एकड़ में विद्यालय का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2015 में पूरा किया जाना था। आधा अधूरा निर्माण कर विद्यालय हैंड ओवर कर दिया गया है। छात्रावास और चहारदीवारी आज भी अधूरी है।
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इनसेट
आधे से भी कम है शिक्षकों की तैनाती
पड़री। राजकीय अभिनव विद्यालय में शिक्षक भी कम हैं। यहां पर 17 शिक्षकों के सापेक्ष मात्र आठ शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। शिक्षकों के अभाव के चलते विद्यालय में आज तक इंटर तक की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई। इसी तरह विद्यालय में पांच चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जगह है। सरकार की तरफ से यहां पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है।
विद्यालय की उपेक्षा से नाराजगी
पड़री। सरकार द्वारा राजकीय अभिनव विद्यालय की उपेक्षा से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद दुबे, पहाड़ी ब्लाॅक के प्रधान संघ अध्यक्ष व्यासजी बिंद, लोकापुर ग्राम प्रधान सुमन चतुर्वेदी सहित तमाम प्रधानों ने विद्यालय की दुर्व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। कहा यहां कक्षा शुरु होने से पहले जिला के अलावा चंदौली, सोनभद्र, भदोही के अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराए थे। लेकिन शिक्षकों की कमी और हास्टल नहीं होने से लोग अपने बच्चों का नाम इस विद्यालय में दाखिला न कराकर अन्यत्र भेजने के लिए विवश हो गए।
विद्यालय में शिक्षक के अभाव के चलते विद्यालय में इंटर तक की कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात न होने से साफ- सफाई के लिए बाहर से मजदूर लगाकर साफ- सफाई कराया जाता है। बाबुओं की भी कमीं है। जिसके चलते विद्यालय के विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे है। इसके लिए विभाग को लिखा पढ़ी की गई है।
-लक्ष्मी नारायण, प्रधानाचार्य राजकीय अभिनव विद्यालय।
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शासन की अनदेखी के चलते राजकीय अभिनव विद्यालय में सुविधाओं का अभाव है। विद्यालय पेयजल, छात्रावास जैसी मूलभूत सुविधाएं नहीं हैं। राजकीय अभिनव विद्यालय में कक्षा 6 से 12 तक कक्षाएं चलाने का प्राविधान है। लेकिन शिक्षक और कर्मचारियों के अभाव के चलते आज तक इंटर की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई। छात्र-,छात्राओं को आज तक विभाग की तरफ से कापी-किताब, ड्रेस और छात्रवृत्ति भी नहीं मुहैया कराया गया है। निर्माणाधीन हास्टल और चहारदीवारी के चलते बच्चों को परेशानी हो रही है। विद्यालय में सबमर्सिबल लगा है लेकिन पीने योग्य पानी न होने से बच्चे अपने घर से बोतल में पीने लाते हैं।
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कार्यदायी संस्था सीएनडीएस के द्वारा तीन करोड़ दो लाख रुपये की लागत से पांच एकड़ में विद्यालय का निर्माण कराया गया है। वर्ष 2015 में पूरा किया जाना था। आधा अधूरा निर्माण कर विद्यालय हैंड ओवर कर दिया गया है। छात्रावास और चहारदीवारी आज भी अधूरी है।
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आधे से भी कम है शिक्षकों की तैनाती
पड़री। राजकीय अभिनव विद्यालय में शिक्षक भी कम हैं। यहां पर 17 शिक्षकों के सापेक्ष मात्र आठ शिक्षकों से काम चलाया जा रहा है। शिक्षकों के अभाव के चलते विद्यालय में आज तक इंटर तक की कक्षाएं संचालित नहीं हो पाई। इसी तरह विद्यालय में पांच चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की जगह है। सरकार की तरफ से यहां पर एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की तैनाती नहीं की गई है।
विद्यालय की उपेक्षा से नाराजगी
पड़री। सरकार द्वारा राजकीय अभिनव विद्यालय की उपेक्षा से क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों में नाराजगी है। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष अरविंद दुबे, पहाड़ी ब्लाॅक के प्रधान संघ अध्यक्ष व्यासजी बिंद, लोकापुर ग्राम प्रधान सुमन चतुर्वेदी सहित तमाम प्रधानों ने विद्यालय की दुर्व्यवस्था पर नाराजगी जताई है। कहा यहां कक्षा शुरु होने से पहले जिला के अलावा चंदौली, सोनभद्र, भदोही के अभिभावक अपने बच्चों का दाखिला कराए थे। लेकिन शिक्षकों की कमी और हास्टल नहीं होने से लोग अपने बच्चों का नाम इस विद्यालय में दाखिला न कराकर अन्यत्र भेजने के लिए विवश हो गए।
विद्यालय में शिक्षक के अभाव के चलते विद्यालय में इंटर तक की कक्षाओं का संचालन नहीं हो पा रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी तैनात न होने से साफ- सफाई के लिए बाहर से मजदूर लगाकर साफ- सफाई कराया जाता है। बाबुओं की भी कमीं है। जिसके चलते विद्यालय के विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे है। इसके लिए विभाग को लिखा पढ़ी की गई है।
-लक्ष्मी नारायण, प्रधानाचार्य राजकीय अभिनव विद्यालय।