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कस्तूरबा विद्यालय के छात्राओं को नहीं पता मुख्यमंत्री का नाम

Thu, 14 Jul 2022 12:42 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Thu, 14 Jul 2022 12:42 AM IST
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Girls of Kasturba Vidyalaya do not know the name of the Chief Minister
जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने बुधवार को जमालपुर क्षेत्र में भ्रमण के दौरान कस्तूरबा गांधी विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने छात्राओं से बात कर विद्यालय में पठन पाठन के बारे में जानकारी ली। जिलाधिकारी ने स्कूल के कार्यालय व लेखाकार कक्ष, अभिलेख, हास्टल, किचन का निरीक्षण किया। कक्षा आठ की छात्राओं को इतिहास की किताब पढ़ने को कहा गया तो तीन छात्राएं हिंदी में लिखी इतिहास की किताब नहीं पढ़ सकीं। हालांकि बाद में दो अन्य छात्राओं ने उस पुस्तक को अच्छे से पढ़ा।
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जिलाधिकारी ने जब संध्या शब्द का पर्यायवाची तथा भारत व उत्तर प्रदेश की राजधानी तथा प्रदेश के मुख्यमंत्री का नाम पूछा तो उसकी भी छात्राओं को जानकारी नहीं थी। जिस पर जिलाधिकारी ने उपस्थित शिक्षिकाओं से कड़ी नाराजगी जताई और शिक्षण कार्य में सुधार लाने की हिदायत दी। इसी प्रकार कक्षा छह की तीन छात्राएं भाग नहीं लगा पाईं। जिस जिलाधिकारी ने लचर पठन पाठन व्यवस्था पर असंतोष व्यक्त किया। उन्होंने प्रधानाध्यापक को निर्देशित किया कि विषयवार अध्यापिकाओं की सूची उपलब्ध कराएं। सभी के खिलाफ कार्रवाई की जायेगी। उन्होंने कहा कि यदि पठन पाठन व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो सभी को हटाते हुए योग्य शिक्षकों की नियुक्ति के लिए लिखा जाएगा। उधर, निरीक्षण के दौरान स्टोर रूम व एक अन्य रूम में साफ-सफाई संतोषजनक नहीं मिली। मिड डे मील में दाल, चावल, रोटी व सब्जी बनाई गई थी। सभी बच्चे खाना खा चुके थे। बचे खाने का जिलाधिकारी ने अवलोकन किया तथा दाल की गुणवत्ता में सुधार लाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने हास्टल का भी निरीक्षण किया। उधर, जिलाधिकारी ने लेखाकार कक्ष में कैश बुक, उपस्थिति व स्टाक रजिस्टर सहित अन्य अभिलेखों का भी जिलाधिकारी ने अवलोकन किया। स्टाक रजिस्टर अधूरा मिला। कैश बुक में भी प्रतिदिन के आय-व्यय का वितरण नहीं दर्ज किया गया था। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताई और स्टाक रजिस्टर को अपने कब्जे में लेकर लेखाकार के खिलाफ कार्रवाई का निर्देश दिया। विद्यालय में कुल 10 स्टाफ हैं। उपस्थिति रजिस्टर के अवलोकन में मुख्य रसोइया मीना कुमारी, सहायक रसोइया सुखा हस्ताक्षर बनाकर विद्यालय से गायब थीं। इस पर जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान शीला सोनकर वार्डन, अंजना मौर्य, अनीता कुशवाहा, बनारसी लाल प्रजापति, अर्चना कुमार, वंदना देवी, लक्ष्मी यादव, किरन देवी आदि उपस्थित मिलीं।
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